पटना : सूबे की ग्रामीण सड़कों का होगा बेहतर रखरखाव

Updated at : 04 Jun 2019 8:38 AM (IST)
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पटना : सूबे की ग्रामीण सड़कों का होगा बेहतर रखरखाव

पटना : संवाद में आयोजित पथ िनर्माण िवभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ग्रामीण सड़कों की समीक्षा करते हुए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों का निर्माण और उसकी देखभाल मानक के अनुसार होना चाहिए. जो भी ग्रामीण सड़क खराब हुई है उसे जल्द दुरुस्त करें . बैठक की जानकारी […]

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पटना : संवाद में आयोजित पथ िनर्माण िवभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ग्रामीण सड़कों की समीक्षा करते हुए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों का निर्माण और उसकी देखभाल मानक के अनुसार होना चाहिए. जो भी ग्रामीण सड़क खराब हुई है उसे जल्द दुरुस्त करें .
बैठक की जानकारी देते हुए ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव विनय कुमार ने बताया कि विभाग की 1.24 लाख किलोमीटर सड़क में से 90 हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है. अगले दो साल में सभी ग्रामीण सड़कों का निर्माण पूरा कर लिया जायेगा. विभाग की 34 हजार किमी सड़क रखरखाव से बाहर हो चुकी है. इसमें 17500 किलोमीटर की अभी पहचान हुई है.
इन सड़कों को इस साल के अंत तक और बची सड़कों को मार्च तक ठीक कर लिया जायेगा. विभाग जिला परिषद सहित सांसद-विधायक निधि से बनी सड़कों को भी दुरुस्त करेगा. सड़क निर्माण और उसके देखभाल की जांच में नयी तकनीक और मशीन का उपयोग किया जायेगा. मुख्यमंत्री का निर्देश है कि पथ निर्माण विभाग की तरह ही ग्रामीण सड़कें भी मानक के अनुसार बनना चाहिए. विभाग सड़क निर्माण में बेस्ट प्लास्टिक के उपयोग को बढ़ावा देगा.
नेशनल व स्टेट हाइवे की भी हुई समीक्षा
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे, मेजर डि्ट्रिरक्ट सड़कों के साथ प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एवं ग्रामीण टोला सम्पर्क योजना की समीक्षा की. पुरानी सड़कों के चौड़ीकरण, हैविटेशन कनेक्टिविटी, निर्मित हो रही सड़कों की गुणवत्ता, उसकी मॉनीटरिंग और निर्मित होने वाले एलिवेटेड पथों के बारे में पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों ने विस्तृत रूप से मुख्यमंत्री को जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नयी सड़कें बन रही हैं, उसका रेगुलर मेंटेनेंस हो, यह पॉलिसी का पार्ट होना चाहिए. इसके लिए इस्टीमेट भी निर्धारित होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि नयी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए एक व्यवस्था विकसित करें.
किसी व्यक्ति को जबाबदेही सौंपें, जो प्रतिमाह नियमित सड़कों की तस्वीर खींचकर विभाग को ट्रांसफर करे, ताकि उसकी वर्तमान स्थिति से विभाग अवगत हो सके. ग्रामीण क्षेत्र में ट्रेक्टर और भारी वाहनों के परिचालन से सड़क डैमेज होता है, इसलिए गांव की सड़कों की क्वालिटी इम्प्रूव करें. बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त सुभाष शर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद थे.
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