एनसीइआरटी की किताबों का टोटा पढ़ाई पर पड़ रहा भारी
Updated at : 19 May 2019 2:24 AM (IST)
विज्ञापन

किताबों के अभाव में पुरानी किताबों से शुरू की गयी है पढ़ाईपटना : जब राजधानी में चुनावी पारा चरम पर था, तब शहर के तमाम विद्यालयों में जहां एनसीइआरटी की किताबों से पढ़ाई होती है, वहां कुछ विषयों की पढ़ाई करीब-करीब ठप रही. वर्ष 2019 से 20 के शैक्षणिक सत्र में एनसीइआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ […]
विज्ञापन
किताबों के अभाव में पुरानी किताबों से शुरू की गयी है पढ़ाई
पटना : जब राजधानी में चुनावी पारा चरम पर था, तब शहर के तमाम विद्यालयों में जहां एनसीइआरटी की किताबों से पढ़ाई होती है, वहां कुछ विषयों की पढ़ाई करीब-करीब ठप रही. वर्ष 2019 से 20 के शैक्षणिक सत्र में एनसीइआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग) अभी भी कक्षा 6 से 12 तक की कई विषयों की किताबें बाजार में नहीं उतार सकी है.
राजधानी का शायद ही कोई पुस्तक विक्रेता हो, जिसने आधा दर्जन से अधिक रिमांइडर न भेजे हों. किताबों के अभाव में स्कूलों में अध्यापकों ने मोबाइल वर्जन या कुछ बच्चों की पुरानी किताबों से निर्धारित यूनिट का अध्ययन किसी तरह शुरू कराया है.
इस तरह गर्मी की 40 दिन की छुट्टी में बच्चे कुछ खास विषयों की पढ़ाई से कट जायेंगे. राजधानी में एनसीइआरटी किताबों के जाने-माने बुक स्टॉल ‘पुस्तकम’ के प्रतिनिधि के मुताबिक एनसीइआरटी से कई बार कुछ किताबों की मांग की गयी, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है. हालांकि किताबों की मांग ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद भी चरम पर बनी हुई है. जानकारी के मुताबिक अधिकतर कक्षाओं की कई किताबें अभी बाजार में नहीं आ सकी हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




