पटना : एमआरआइ जांच के लिए मरीज को मिल रहा 15 महीने बाद का समय
Updated at : 26 Apr 2019 8:08 AM (IST)
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आनंद तिवारी पटना एम्स में मरीजों को करना पड़ रहा लंबा इंतजार पटना : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एमआरआइ जांच के लिए सवा साल का इंतजार करना पड़ेगा. आमतौर पर एक से दो महीने तक की वेटिंग रखने वाले इस संस्थान में अब मरीजों को और लंबा इंतजार करना पड़ेगा. एम्स में मरीज […]
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आनंद तिवारी
पटना एम्स में मरीजों को करना पड़ रहा लंबा इंतजार
पटना : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एमआरआइ जांच के लिए सवा साल का इंतजार करना पड़ेगा. आमतौर पर एक से दो महीने तक की वेटिंग रखने वाले इस संस्थान में अब मरीजों को और लंबा इंतजार करना पड़ेगा.
एम्स में मरीज को तत्काल एमआरआइ मशीन से जांच करानी हो तो वर्ष 2020 जुलाई से पहले यह सुविधा नहीं मिलेगी. एम्स ने दो मरीजों को इतना लंबा डेट दे दिया है. वहीं एम्स प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ मामलों में मरीज ज्यादा होने की वजह से वेटिंग बढ़ गयी है, वेटिंग कम करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं.
28 जुलाई, 2020 का मिला डेट : बक्सर निवासी मोहम्मद अली (75) प्रोस्टेट कैंसर के मरीज हैं. पहले तो परिजनों ने बनारस बीएचयू में इलाज कराया. जब वहां कैंसर का लक्षण बता दिया तो मरीज पटना एम्स आया. यहां डॉक्टरों ने पैथोलॉजी जांच के बाद रेडियोलॉजी विभाग में एमआरआइ जांच के लिए भेजा. एक्स के रेडियोलॉजी रजिस्ट्रेशन फॉर्म में पेशेंट कार्ड नंबर 9006283 था.
बुधवार को अली के परिजनों ने जब रेडियोलॉजी विभाग में जांच कराने को लेकर गये तो वहां 28 जुलाई, 2020 सुबह 9 बजे की तारीख दी गयी और कहा गया कि संबंधित डेट को आकर अपनी जांच करा सकते हैं. वहीं दूसरी ओर जहानाबाद के ब्रिजेश कुमार व दानापुर के जयशंकर प्रसाद का एम्स के हड्डी विभाग के डॉक्टरों ने फिजियोथेरेपी विभाग में रेफर किया. इलाज के दौरान दोनों मरीज को एमआरआइ जांच कराने को कहा. इनमें ब्रिजेश को दिसंबर 2019 और जयशंकर को जनवरी 2020 जांच कराने की तारीख दी.
डॉक्टरों ने जतायी लाचारी, बेटा खामोश
मो. अली का कहना है कि जब जुलाई 2020 में ऑपरेशन की डेट के बारे में मुझे पता चला तो डॉक्टरों से कई सवाल भी किये. जिस पर एक सीनियर रेजीडेंट ने उनसे कहा कि आपको प्रोस्टेट कैंसर है, यह बात सभी डॉक्टर जानते हैं. लेकिन डॉक्टर को ऑपरेशन करना है न कि एमआरआइ जांच करनी है. वहीं रेडियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने मरीज से कहा कि हमारे पास सिर्फ एक एमआरआइ मशीन है और मरीज कई गुना ज्यादा. नतीजा वेटिंग देना मजबूरी हो गयी है.
जल्द ही मरीजों को मिलेगी राहत
एम्स के निदेशक डॉ पीके सिंह ने कहा कि एम्स तक सिटी बस सेवा शुरू होने के बाद इन दिनों मरीजों की भीड़ दो से तीन गुनी अधिक बढ़ गयी है. मरीजों की भीड़ अधिक व सीमित संसाधन की वजह से वेटिंग देना मजबूरी हो गयी है. यही वजह है कि रेडियोलॉजी विभाग में मरीज को वेटिंग दी गयी है. वेटिंग कम करने के लिए प्रबंधन लगातार प्रयास कर रहा है. जल्द ही विभाग में एक और एमआरआइ मशीन आ जायेगी, जिसकी तैयारी की जा रही है. इसके बाद मरीजों को राहत मिलने लगेगी.
इन विभागों में भी लंबी वेटिंग
एम्स के सूत्रों की मानें तो रेडियोलॉजी विभाग ही नहीं बल्कि हृदय, फिजियोथेरेपी, मस्तिष्क आदि रोग से जुड़ी बीमारियों को लेकर भी एम्स में काफी लंबी वेटिंग है. बताया जा रहा है कि कई विभागों में पांच से आठ महीने से ज्यादा की वेटिंग चल रही है
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