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पटना : मुचकुन के मारे जाने के बाद उज्ज्वल ने संभाली थी गिरोह की कमान

Updated at : 16 Apr 2019 8:59 AM (IST)
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पटना : मुचकुन के मारे जाने के बाद उज्ज्वल ने संभाली थी गिरोह की कमान

पटना : पटना पुलिस व एसटीएफ की कार्रवाई में 13 दिसंबर 2018 को रूपसपुर इलाके में मारे गये कुख्यात मुचकुंद के बाद उज्जवल ने गिरोह की कमान संभाल रखी थी. उज्जवल ने ताबड़तोड़ कई व्यवसायियों से रंगदारी मांगी और नहीं देने पर फायरिंग कर पुलिस के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था. हालांकि मुचकुंद […]

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पटना : पटना पुलिस व एसटीएफ की कार्रवाई में 13 दिसंबर 2018 को रूपसपुर इलाके में मारे गये कुख्यात मुचकुंद के बाद उज्जवल ने गिरोह की कमान संभाल रखी थी. उज्जवल ने ताबड़तोड़ कई व्यवसायियों से रंगदारी मांगी और नहीं देने पर फायरिंग कर पुलिस के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था.
हालांकि मुचकुंद के मारे जाने के बाद वह और उसका गिरोह काफी कमजोर हो चुका था और उसके कई साथी कुख्यात मनोज सिंह व माणिक सिंह के गिरोह में चले गये थे. अब पुलिस को मनोज सिंह व माणिक की तलाश है. पुलिस ने बिहटा, नौबतपुर, पाली, बिहटा, विक्रम, आरा में सक्रिय गिरोह के सरगना अमित सिंह, पवन चौधरी, रंजीत चौधरी, जटाहा सिंह को पकड़ कर जेल भेज चुकी है. उज्जवल ने भी सरेंडर कर दिया.
मुचकुंद के लिए काम करता था उज्जवल : नौबतपुर का कुख्यात मुचकुंद उस इलाके के लूलन शर्मा की हत्या करने के बाद इलाके का आतंक बन गया था.
लूलन शर्मा ही उसका एक मात्र विरोधी थी और वह उसके गिरोह के लिए भी कर चुका था. इसके बाद उसने माणिक सिंह के साथ मिल कर लूलन शर्मा की हत्या कर दी थी. इसके बाद एक साथ काम करने वाले दो अलग-अलग गिरोह में बंट गये. जटाहा, दीपू, किशन, उज्जवल, गुलाब सभी मुचकुंद के साथ थे. लूलन के मर्डर के बाद उसका बेटे गुलाब सिंह मुचकुंद व माणिक का दुश्मन बन बैठा.
इसके बाद गुलाब सिंह से जटाहा सिंह मिल गया और जबकि उज्जवल ने मुचकुंद का साथ नहीं छोड़ा. इसके बाद उज्जवल व मुचकुंद ने मिल कर कई घटनाओं को अंजाम दिया. इस दौरान पिछले साल अक्तूबर माह में खगौल में दोनों ने मिल कर विपुल सिंह की हत्या कर दी थी.
रामकृष्णानगर में हुए मुठभेड़ के दौरान उज्जवल ने सिपाही मुकेश को गोली मार दी थी और निकल भागने में सफल रहा था. हालांकि पुलिस ने उज्जवल के सहयोगी मुचकुंद को बाद में मार गिराया था.
आपराधिक इतिहास
-13 सितंबर, 2018 को जानीपुर थाने के ब्रह्मस्थानी के कामख्या नारायण शर्मा के बेटे विशाल भास्कर की गोली मार कर हत्या कर दी थी.
-9 अक्तूबर, 2018 को गिरोह के साथ मिल कर खगौल में विपुल शर्मा की गोली मार कर हत्या कर दी थी.
-16 नवंबर, 2018 को जानीपुर में ही दुकानदार सहदेव यादव से दो लाख रंगदारी मांगी थी और नहीं देने पर फायरिंग की थी.
-3 दिसंबर, 2018 को कंकड़बाग इलाके में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान उज्ज्वल ने अपने साथियों के साथ मिल कर पटना पुलिस के जवान मुकेश को गोली मार दी थी, जिसमें मुकेश शहीद हो गये थे.
-13 जनवरी, 2019 को बिहटा के महामाया टिंबर फर्नीचर दुकान के मालिक शंकर प्रसाद गुप्ता से रंगदारी मांगी थी, नहीं देने पर फायरिंग की थी.
-1 अप्रैल, 2019 को बिहटा में सलोनी स्वीट्स के दुकानदार रामजी प्रसाद के रंगदारी नहीं देने पर फायरिंग की.
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