पटना : फ्लाइट में एसी बंद, गर्मी से घुट रहा था दम कई की तबीयत खराब, बच्चों को हुई उल्टियां
Updated at : 08 Apr 2019 6:37 AM (IST)
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यात्रियों के लिए बेहद भयावह रही स्पाइजेट की डायवर्ट होने वाली यात्रा पटना : एसी बंद था, गर्मी से दम घुट रहा था, फिर भी बनारस एयरपोर्ट पर विमान से बाहर निकलने से यात्रियों को पार्किंग बे के आसपास खड़े सीआइएसएफ के कर्मी रोक रहे थे. खराब मौसम के कारण शनिवार को बनारस डायवर्ट हुए […]
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यात्रियों के लिए बेहद भयावह रही स्पाइजेट की डायवर्ट होने वाली यात्रा
पटना : एसी बंद था, गर्मी से दम घुट रहा था, फिर भी बनारस एयरपोर्ट पर विमान से बाहर निकलने से यात्रियों को पार्किंग बे के आसपास खड़े सीआइएसएफ के कर्मी रोक रहे थे. खराब मौसम के कारण शनिवार को बनारस डायवर्ट हुए स्पाइसजेट की फ्लाइट SG377 के यात्रियों ने कुछ इन्हीं शब्दों में पटना पहुंचने पर प्रभात खबर की टीम से अपनी पीड़ा और परेशानी साझा की, जो पिछले 18 घंटों से उन्हें फ्लाइट के डायवर्ट और डिले होने के कारण लगातार झेलना पड़ा था.
एयरलाइन कर्मियों के रूखे व्यवहार से आक्रोश : लोगों का आक्रोश एयरलाइन कर्मियों के रुखे व्यवहार से और भी बढ़ गया था और कुछ लोगों ने तो मामला को आगे बढ़ाने और डीजीसीए तक बात उठाने का भी मन बना लिया था.
लगभग 50 यात्रियों ने इसके लिए एक आवेदन भी तैयार किया था, जिसमें उन्होंने अपना नाम, नंबर और हस्ताक्षर भी कर रखा था. उन्होंने जल्द ही उसे संबंधित अधिकारियों के पास भेजने की बात भी कही.
छह घंटे बंद रहा विमान का एसी
सुबह 4.30 बजे में विमान को रद्द करने की सूचना यात्रियों को देने के बाद क्रू मेंबर ने विमान का एसी बंद कर दिया. इसकी वजह यात्रियों पर विमान को खाली करने का दबाव बनाना था. क्रू मेंबर्स चाहते थे कि यात्री को विमान से उतारकर सुबह 10.30 बजे या उसके बाद किसी फ्लाइट से भेजा जाये. लेकिन यात्री यह सोचकर टर्मिनल में वापस नहीं आना चाहते थे कि कहीं वे उन्हें रीफंड देकर पटना पहुंचाने की जिम्मेवारी से हाथ नहीं उठा लें.
प्रावधान, जिनका समय से पालन नहीं हुआ
विमान के दो घंटे या अधिक डिले होने पर स्नैक्स और चार घंटे या अधिक होने पर लंच की व्यवस्था
बच्चों के लिए चॉकलेट वितरण
ओवर नाइट डिले होने पर यात्रियों को होटल में ठहराने की व्यवस्था
होटल तक ले जाने और वहां से लाने की व्यवस्था
विमान के रद्द होने पर यात्रियों को मर्जी के अनुसार रीशिडयूल करना या रिफंड देना
यात्रियों को फ्लाइट रद्द होने की स्थिति में गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था करना
परेशान यात्रियों ने कहा, हमेशा याद रहेगी यह भयावह यात्रा
एयरलाइन कर्मियों की मनमानी के खिलाफ हमलोग डीजीसीए को लिखित शिकायत करेंगे. बैठे-बैठे तबीयत खराब हो गयी थी, बच्चे उल्टियां कर रहे थे.
अनिरुद्ध कुमार
मौसम की खराबी के कारण फ्लाइट डायवर्ट हुई और नाइट स्टे हुआ तो हमें होटल में ठहराने समेत कई तरह की सुविधाएं मिलनी चाहिए थी, लेकिन समय पर नहीं मिली.
पंकज कुमार
विमान में बैठे-बैठे रीढ़ अकड़ गयी. तबीयत इतनी खराब हो गयी कि मन अंदर से घबरा रहा था. यह एक भयावह यात्रा के रूप में हमेशा मुझे
याद रहेगी.
प्रभा सिन्हा
विमान डायवर्ट होने से परेशानी हो ही रही थी. एयरलाइन कर्मियों का व्यवहार इतना रुखा था कि उसे झेलना मुश्किल हो गया था. कई बार तो मेरी खुद उनसे बहस हो गयी.
प्रियंका राजपूत
अपनी सास के क्रियाकर्म में शामिल होने पटना आया था, लेकिन 18 घंटे देर से पहुंचने के कारण मैं उसमें शामिल नहीं हो सका. मेरा लगेज भी टूट गया.
नीरज सिंह
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