बिना सेफ्टी हुक लगाये उतर रहा था गांधी सेतु से, लिफ्ट से नीचे गिरने से हुई मजदूर की मौत

Updated at : 18 Mar 2019 9:41 AM (IST)
विज्ञापन
बिना सेफ्टी हुक लगाये उतर रहा था गांधी सेतु से, लिफ्ट से नीचे गिरने से हुई मजदूर की मौत

हाजीपुर/पटना : महात्मा गांधी सेतु पर मरम्मत के दौरान शनिवार की देर रात लिफ्ट से गिर कर एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया. मजदूर बिना सेफ्टी हुक लगाये हाइड्रोलिक लिफ्ट से नीचे आ रहा था, तभी पैर फिसलने से वह नीचे गिर पड़ा उसके साथ नीचे उतर रहे दूसरे मजदूर ने घटना की […]

विज्ञापन
हाजीपुर/पटना : महात्मा गांधी सेतु पर मरम्मत के दौरान शनिवार की देर रात लिफ्ट से गिर कर एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया. मजदूर बिना सेफ्टी हुक लगाये हाइड्रोलिक लिफ्ट से नीचे आ रहा था, तभी पैर फिसलने से वह नीचे गिर पड़ा उसके साथ नीचे उतर रहे दूसरे मजदूर ने घटना की सूचना तत्काल कंपनी के अधिकारियों को दी.
उसे आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. जहां इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक लालबाबू मांझी की उम्र 24 वर्ष थी और वह छपरा जिले के तरैया थाना क्षेत्र के पोखरैला गांव निवासी नगीना मांझी का पुत्र था.
कर रहा था बीते पांच मार्च से काम : महात्मा गांधी सेतु पर काम कर रहे मजदूर अमरेंद्र कुमार ने बताया कि बीते पांच मार्च को वे लोग सात से आठ की जत्था में आये थे, जिसमें लालबाबू भी आया था.
शनिवार को देर रात पाया नंबर 32 और 33 के बीच काम चल रहा था. काम समाप्त होने के लालबाबू अपने एक अन्य साथी के साथ हाइड्रोलिक लिफ्ट से नीचे आ रहा था. इसी दौरान वह लिफ्ट से फिसलकर नीचे गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल जाने से पहले ही उसकी मौत हो गयी.
सेफ्टी बेल्ट बंधी था, पर नहीं लगाया हुक
मृतक लालबाबू के शरीर पर सेफ्टी बेल्ट लगा था लेकिन उसने हुक नहीं लगायी थी जिसके कारण फिसलने पर उसे बचने के लिए कोई सहारा नहीं मिला और वह लगभग 100 फीट नीचे जमीन पर गिर पड़ा. बिना सेफ्टी बेल्ट का हुक लगाये उसे हाइड्रोलिक लिफ्ट में कैसे बैठने दिया गया, यह जांच का विषय है. परियोजना से जुड़े अधिकारी सुरक्षा की दृष्टि से इसे एक बड़ा चूक भी मान रहे हैं क्योंकि इसकी सख्त मनाही है.
कॉन्ट्रैक्टर से पूछा जायेगा स्पष्टीकरण
मैं जब अस्पताल में मृत मजदूर को देखने गया, उस समय भी वह सेफ्टी बेल्ट बांधे था. बिना हुक लगाये उसे कैसे लिफ्ट में बैठने दिया गया इस बारे में कॉन्ट्रैक्टर से स्पष्टीकरण पूछने को कहा है. मजदूर निर्माण कंपनी के द्वारा बीमित था. एक महीने में उसे बीमा के 8-10 लाख रुपये मिल जायेंगे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन