Patna News: भागवत कथा के दूसरे दिन ध्रुव चरित्र की व्याख्या
Published by : Vivek Pandey Updated At : 27 May 2026 12:01 PM
Patna News: नियमबद्ध जीवन से ही सुख और मोक्ष की प्राप्ति संभव : आचार्य डॉ. चंद्रभूषण मिश्र
Patna News:(सुबोध कुमार नंदन) आध्यात्मिक सत्संग समिति के तत्वावधान में अग्रसेन भवन, दादी मंदिर, बैंक रोड में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ जारी है . कथा के दूसरे दिन प्रातःकाल वेदी पूजन एवं विधिवत अनुष्ठान संपन्न कराया गया.
वेदी पूजन का कार्यक्रम वृंदावन से पधारे आचार्य श्री राजेश पाण्डे, सेवाकुंज के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य यजमान श्री नंद किशोर अग्रवाल सहित कुल 20 यजमानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की .
ध्रुव चरित्र और कपिलोपाख्यान की हुई व्याख्या
कथा का शुभारंभ करते हुए प्रख्यात शास्त्रोपासक आचार्य डॉ. चंद्रभूषण मिश्र ने कपिलोपाख्यान एवं ध्रुव चरित्र की विस्तृत व्याख्या की.
उन्होंने कहा कि महाराजा उत्तानपाद की दो पत्नियां थीं — सुनीति और सुरुचि. सुनीति के पुत्र ध्रुव तथा सुरुचि के पुत्र उत्तम थे.
आचार्यश्री ने इसकी व्याख्या करते हुए कहा कि व्यक्ति दो प्रकार का होता है — एक सिद्धांतवादी और दूसरा स्वादवादी. सिद्धांतवादी व्यक्ति को प्रारंभ में कष्ट मिलता है, लेकिन अंत में आनंद की प्राप्ति होती है, जबकि स्वादवादी व्यक्ति को पहले सुख और बाद में दुख मिलता है.
नियमबद्ध जीवन से बढ़ता है सुख
आचार्य डॉ. मिश्र ने कहा कि ऐशो-आराम और भोग-विलास में उलझने से जीवन का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता. उन्होंने बताया कि ‘ध्रुव’ का अर्थ लक्ष्य की प्राप्ति और निश्चितता होता है.
उन्होंने कहा कि नियमबद्ध जीवन जीने से निश्चित रूप से सुख और शांति की प्राप्ति होती है.
चार वर्ष की आयु में ध्रुव को मिला परमात्मा का सान्निध्य
आचार्यश्री ने बताया कि महाराज ध्रुव ने मात्र चार वर्ष की आयु में परमात्मा को प्राप्त कर लिया था और सदेह देवलोक गए. उन्हें मृत्यु की पीड़ा नहीं सहनी पड़ी.
उन्होंने कहा कि ध्रुव की तपस्या के कारण उनकी माता सुनीति को भी मोक्ष की प्राप्ति हुई. यह नियम और संस्कारपूर्ण जीवन का श्रेष्ठ उदाहरण है.
बच्चों के संस्कार पर दिया जोर .
कथा के दौरान आचार्यश्री ने कहा कि बच्चों में संस्कार दादा-दादी, नाना-नानी और माता-पिता से प्राप्त होते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन में अच्छे संस्कारों को बढ़ाने के लिए नियमबद्ध जीवन जीना चाहिए . इससे व्यक्ति के साथ-साथ समाज का भी कल्याण होता है.
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष रमेश चंद गुप्ता, संयोजक दिनेश अग्रवाल, पवन भगत, अक्षय अग्रवाल, महावीर बिदासरिया, जनार्दन राय, जगदीश चौधरी, मदन अग्रवाल, शिवकुमार पोद्दार, राजेंद्र मित्तल, गणेश खेमका, कैलाश बंका, गणेश खेतरीवाल, शरद चंद्र सर्राफ, शकुंतला अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
कथा स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण से पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा.
Also Read : Hajipur News : खेत से लौट रहे किसान को बाइक ने रौंदा, मौके पर मचा हड़कंप
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Vivek Pandey
विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










