नोटबंदी के बाद भी कर्ज लौटाने में बिहारी सबसे आगे
Updated at : 26 Feb 2019 6:55 AM (IST)
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पटना : बिहार का गरीब से गरीब व्यक्ति भी कर्ज लौटाने में देश में सबसे आगे है. माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशन (एमएफआइएन) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पूरे देश में छोटे-छोटे कर्ज लेने वालों में 15 से 20% लोग डिफाल्टर हैं. वहीं, बिहार में 99% लोगों ने अपना कर्ज वापस कर दिया. पुलिस वीक के […]
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पटना : बिहार का गरीब से गरीब व्यक्ति भी कर्ज लौटाने में देश में सबसे आगे है. माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशन (एमएफआइएन) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पूरे देश में छोटे-छोटे कर्ज लेने वालों में 15 से 20% लोग डिफाल्टर हैं.
वहीं, बिहार में 99% लोगों ने अपना कर्ज वापस कर दिया. पुलिस वीक के तहत सरदार पटेल भवन में सोमवार को आर्थिक अपराध इकाई द्वारा माइक्रो फाइनेंस पर वर्कशॉप में जानकारी दी गयी कि नोटबंदी होने पर भी बिहारियों ने कर्ज समय से वापस किया. बिहार में 12 से अधिक माइक्रो फाइनांस कंपनियां काम कर रही हैं. इनमें बिहार के 12 हजार लोग रोजगार पा रहे हैं. ये कंपनियां गरीबों को एक लाख
तक का कर्ज देती हैं. एक वर्ष में बिहार में 40 लाख लोगों को छह हजार करोड़ का ऋण बांटा गया. इनमें से 99% लोगों ने समय से किस्त जमा कर दी.
कार्यक्रम का उद्धाटन करते हुए डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि जिन गरीब महिलाओं ने कर्ज का समय से भुगतान किया है, वे सम्मान की पात्र हैं. पुलिस उनके संपर्क में रहेगी, ताकि वे किसी भी प्रकार की ठगी का शिकार न हों.
डीजीपी ने सुरक्षित फाइनेंस गतिविधियों के लिए फुलप्रूफ
व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया. वर्कशॉप में तय किया गया सुरक्षित माइक्रो फाइनेंस के लिए चार बिंदुओं पर काम होगा. माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के भी लीड मैनेजर होंगे. प्रत्येक माह एसएसपी की क्राइम मीटिंग में शामिल होंगे.
प्रत्येक छह माह में एक बार पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक होगी. इसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी समस्याएं दूर करने को मंथन करेंगे. एक हैंडबुक बनाकर उसकी काॅपी हर थाने में दी जायेगी, ताकि थाने को पता हो कि कौन माइक्रो फाइनेंस कंपनी उनके क्षेत्र में काम कर रही है. उसका कर्मचारी कौन हैं.
एडीजी इओयू जेएस गंगवार, सांस्थिक वित्त के सचिव अमिताभ मिश्रा, पूर्व डीजीपी नीलमणि, एसपी इओयू सुशील कुमार, एसीएफ के सीइओ ज्ञान मोहन, एमएफआइएन की नेशनल हेड अचला सव्यासाक्षी ने आइजी, डीआइजी, एसपी आदि को माइक्रो फाइनेंस और उससे जुड़े अपराध की जानकारी दी.
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