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पटना : खगड़िया सीट की राजनीति इस बार ले सकती है करवट

Updated at : 26 Jan 2019 2:27 AM (IST)
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पटना   : खगड़िया सीट की राजनीति इस बार ले सकती है करवट

पटना : कोसी नदी जिस तरह कुछ साल बाद अपनी धारा बदलती रहती है, उसी तरह से खगड़िया लोकसभा सीट की राजनीति भी कुछ अंतराल पर करवट बदलती रहती है. लोकसभा चुनाव में अब ढाई माह रह गये हैं. वहीं, पूरा इलाका चुनावी तापमान से तपने लगा है. भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों की एकजुटता […]

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पटना : कोसी नदी जिस तरह कुछ साल बाद अपनी धारा बदलती रहती है, उसी तरह से खगड़िया लोकसभा सीट की राजनीति भी कुछ अंतराल पर करवट बदलती रहती है. लोकसभा चुनाव में अब ढाई माह रह गये हैं. वहीं, पूरा इलाका चुनावी तापमान से तपने लगा है.

भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों की एकजुटता और प्रियंका गांधी के समर में कूदने के बाद एनडीए को अपनी मौजूदा सीट खगड़िया को बचाने के लिए जबर्दस्त चुनौती का सामना करना पड़ेगा.

एनडीए इस सीट पर कब्जा बनाये रखने के लिए किसी ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है, जो यादव मतदाताओं में मजबूती से सेंधमारी कर सके. वहीं, महागठबंधन की आेर से भी इस सीट को पाने की मशक्कत जारी है. पिछले चुनाव में खगड़िया के अलावा कोसी इलाके की छह लोकसभा सीटों में से एक पर भी भाजपा परचम नहीं लहर सकी थी.
एक मात्र खगड़िया की सीट उसकी सहयोगी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी को मिल पायी थी. बाकी के मधेपुरा, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और अररिया में भाजपा विरोधीउम्मीदवार चुनाव जीत गये थे. यादव बहुल इस सीट से एनडीए और महागठबंधन के उम्मीदवार कौन होंगे, यह तय नहीं है.
लोजपा के महबूब अली कैसर को लेकर उनकी पार्टी है भ्रमित
मौजूदा सांसद लोजपा के महबूब अली कैसर को लेकर खुद उनकी पार्टी भ्रमित है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे कैसर की चर्चा दूसरे दल से उम्मीदवार बनने की होती रही है. लेकिन, अब जब मार्च के पहले सप्ताह में चुनाव की घोषणा होने वाली है, सीटिंग सीट होने के चलते सबसे अधिक दावा इस सीट पर लोजपा की ही बनती है.
लोजपा अंदर ही अंदर हर तरह से दमखम वाले किसी दूसरे उम्मीदवार की तलाश में है. दूसरी ओर जदयू भी इस सीट पर अपना दावा चाहता है. यहां से पिछले चुनाव में मंत्री दिनेश चंद्र यादव को उम्मीदवार बनाया था और वे 220316 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे. जदयू की पूर्व नेत्री रेणु कुशवाहा भी यहां से सांसद रही हैं.
पिछले चुनाव में रेणु कुशवाहा भाजपा में शामिल हुई थीं. इधर, भाजपा भी इस सीट पर अपना दावा जता रही है. खगड़िया सीट पर भाजपा से सम्राट चौधरी, रेणु कुशवाहा, मौजूदा सांसद महबूब अली कैसर, महगठबंधन से राजद नेता रणवीर यादव की पत्नी कृष्णा कुमारी के उम्मीदवार बनने की चर्चा है. मौजूदा सांसद कैसर पर कांग्रेस की भी नजर है. यदि कैसर कांग्रेस में शामिल होते हैं तो उन्हें खगड़िया से उम्मीदवार बनाया जा सकता है. ऐसी स्थिति में राजद में विवाद होने से इन्कार नहीं किया जा सकता.
दूसरे नंबर पर रही थीं कृष्णा
2014 के लोकसभा चुनाव में राजद की कृष्णा कुमारी यादव यहां दूसरे नंबर पर रही थीं. उन्हें 2,37803 वोट आये थे. जबकि, कैसर ने 3,13,806 वोट पाकर जीत हासिल की थी. खगड़िया लोकसभा सीट में सिमरी बख्तियारपुर, हसनपुर, अलौली, खगड़िया, बेलदौर और परवत्ता विधानसभा की सीटें आती हैं. इनमें परवत्ता में कुशवाहा और भूमिहार मतदाता निर्णायक स्थिति में होते हैं. बाकी के सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में यादव मतदाता सर्वाधिक हैं. इतना ही नहीं इन इलाकों में मतदान का प्रतिशत भी अच्छा रहता है.
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