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जेइइ मेन-2019 : परीक्षा की घड़ी में संयम और समझदारी से खुलेंगे सफलता के द्वार

Updated at : 07 Jan 2019 9:58 AM (IST)
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जेइइ मेन-2019 : परीक्षा की घड़ी में संयम और समझदारी से खुलेंगे सफलता के द्वार

नयी चुनौतियों के साथ नये अवसर भी हैं विद्यार्थियों के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा एनआइटी, ट्रिपल आइटी, सीएफटीआइ के बीटेक, बी डिजाइन व बी प्लानिंग कोर्स में दाखिले के लिए जेइइ मेन परीक्षा आठ जनवरी से 12 जनवरी तक ली जायेगी. 2019 से एनटीए द्वारा जेइइ मेन की परीक्षा साल में दो बार […]

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नयी चुनौतियों के साथ नये अवसर भी हैं विद्यार्थियों के लिए
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा एनआइटी, ट्रिपल आइटी, सीएफटीआइ के बीटेक, बी डिजाइन व बी प्लानिंग कोर्स में दाखिले के लिए जेइइ मेन परीक्षा आठ जनवरी से 12 जनवरी तक ली जायेगी. 2019 से एनटीए द्वारा जेइइ मेन की परीक्षा साल में दो बार ली जायेगी. जनवरी में होने वाली जेइइ मेन की यह प्रथम परीक्षा है. परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र जारी कर दिया गया है. वहीं, तमाम तरह के परीक्षा संबंधी निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं. जनवरी में होने जा रही जेइइ मेन (प्रथम) परीक्षा का परिणाम 31 जनवरी, 2019 तक जारी कर दिया जायेगा. पेश है राहुल गुरु की रिपोर्ट…..
ये चीजें हो रहीं पहली बार
1. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित किया जा रहा है जेइइ मेन
3. साल भर में दो बार होगी परीक्षा. दोनों परीक्षाओं में हो सकते हैं शामिल
4. परसेंटाइल के आधार पर बनेगी रैंकिंग
इस वर्ष से जेइइ मेन की परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(एनटीए) द्वारा ली जा रही है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(एनटीए), एमएचआरडी व उच्च शिक्षा विभाग भारत सरकार द्वारा स्थापित एक बॉडी है, जाे विभिन्न तरह की परीक्षाएं आयोजित करती है. एनटीए द्वारा जेइइ मेन लेने और रिजल्ट देने के बाद डेटा सेंट्रलाइज्ड सीट एलोकेशन बोर्ड(सीसैब), ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी(जोसा) सहित संबंधित राज्य व इंस्टीट्यूट को सीट एलोकेशन प्रक्रिया व नामांकन प्रक्रिया के लिए दे दिया जायेगा. गौरतलब है कि 2018 तक जेइइ मेन का आयोजन सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) कराती रही है.
परीक्षा का स्वरूप
जेइइ मेन में दो पेपर की परीक्षा होगी. इसे पेपर-1 और पेपर-2 नाम दिया गया है. पेपर-1 की परीक्षा केवल कंप्यूटर बेस्ड यानी ऑनलाइन ली जायेगी. इस पेपर में सफल होनेवाले उम्मीदवार बीइ/बीटेक कोर्स में नामांकन लेंगे. वहीं पेपर-2, तीन हिस्से में होगा. पहला हिस्सा मैथेमेटिक्स का, दूसरा हिस्सा एप्टीट्यूट टेस्ट का होगा. यह दोनों हिस्से भी कंप्यूटर बेस्ड होंगे. पेपर-2 का तीसरा हिस्सा ड्राइंग टेस्ट का होगा. यह पेन-पेपर बेस्ड यानी ऑफलाइन लिया जायेगा. दूसरा पेपर पास करनेवाले बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर/ बैचलर ऑफ प्लानिंग कोर्स में प्रवेश लेंगे. एक उम्मीदवार दोनों ही पेपर में शामिल हो सकता है.
जेइइ एडवांस्ड का खुलेगा रास्ता
जेइइ मेन को जेइइ एडवांस्ड का ओपेन गेट भी कहा जाता है. जेइइ मेन के पहले पेपर में अच्छा रैंक लानेवाले लगभग सवा दो लाख उम्मीदवार जेइइ एडवांस्ड परीक्षा में बैठेंगे. जेइइ एडवांस्ड में सफल होनेवाले उम्मीदवार देश की 23 आइआइटी सहित छह अन्य संस्थानों में नामांकन लेंगे. जेइइ एडवांस्ड 19 जून को ली जायेगी.
प्रश्नपत्र स्वरूप
जेइइ मेन (प्रथम) में दो पेपर होंगे. पहले पेपर में गणित, फिजिक्स व केमिस्ट्री से सवाल पूछे जायेंगे. प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप-मल्टीपल च्वाइस स्वरूप में होंगे. सभी विषयों के लिए अंकों का विभाजन एक समान होगा. परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड मोड में होगी. दूसरे पेपर का पहला व दूसरा हिस्सा भी ऑब्जेक्टिव टाइप-मल्टीपल च्वाइस स्वरूप में होगा. वहीं, तीसरा हिस्सा ड्राइंग का होगा. पहले और दूसरे हिस्से के सवालों का जवाब ऑनलाइन मोड में देना होगा. जबकि, ड्राइंग बेस्ड तीसरा हिस्सा ड्राइंग शीट पर देना होगा. वैसे छात्र जो बीइ या बीटेक कोर्स में नामांकन लेना चाहते हैं, वे पेपर-1 की परीक्षा देंगे. वहीं बी-आर्क या बी-प्लानिंग कोर्स में नामांकन को इच्छुक विद्यार्थी पेपर-2 की परीक्षा में शामिल होंगे.
परीक्षा केंद्रों में
उम्मीदवारों को एनटीए की वेबसाइट https://nta.ac.in से डाउनलोड किया प्रवेश पत्र लाना है.
एक पासपोर्ट साइज फोटो साथ रखें. ध्यान रहे कि फोटो वही हो, जिसे उम्मीदवार ने आवेदन में अपलोड किया हो.
यह फोटो उम्मीदवारों को परीक्षा हॉल में अटेंडेंस शीट में चिपकाना होगा.
एक फोटो आइडेंटिटी कार्ड साथ लाना होगा. ध्यान रखें कि फोटो अाइडी की मूल प्रति हो. यह पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आइडी, पासपोर्ट, आधार कार्ड (आधार कार्ड नहीं हो, तो उसका इनराॅलमेंट नंबर), राशन कार्ड हो सकता है.
दिव्यांग श्रेणी के तहत लाभ लेना चाहते हैं, तो पीडब्ल्यूडी सर्टिफिकेट साथ हो.
टेस्ट सेंटर
यहां मिलेगा नामांकन
31 एनआइटी
23 ट्रिपल आइटी, आइआइआइटीएम, आइआइआइटीडीएम
23 सेंट्रल व स्टेट फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूट
14 विभिन्न राज्यों की तकनीकी संस्थान
19 सेल्फ फिनांस्ड व डीम्ड यूनिवर्सिटी
इन चीजों पर है पाबंदी
उम्मीदवारों को किसी भी तरह के कागज, कैलकुलेटर, डॉक्यू पेन, स्लाइड रूल्स, लॉग टेबल, वैसी इलेक्ट्रॉनिक घड़ियां जिसमें कैलकुलेटर हो, मोबाइल फोन, ब्लू टूथ डिवाइस, पेजर सहित किसी भी प्रकार के गैजेट ले जाने पर पाबंदी होगी. इसके साथ ही उम्मीदवार किसी भी प्रकार के स्मोकिंग, च्विंगम, इंस्ट्रूमेंट, ज्योमेट्री बॉक्स, पेंसिल बॉक्स, हैंड बैग, पर्स, किसी प्रकार के स्टेशनरी, स्नैक्स, चाय, काॅफी, कोल्ड ड्रिंक्स, पानी(लूज व पैक्ड), इयर फोन, माइक्रोफोन, कैमरा, टेप रिकॉर्डर आदि का इस्तेमाल नहीं करेंगे.
डाइबिटिक छात्रों को मिलेगी छूट
वैसे परीक्षार्थी जो डाइबिटीज जैसी बीमारी से ग्रसित होंगे, उन्हें परीक्षा में विशेष छूट दी जायेगी. उम्मीदवार अपने साथ दवाएं, फल(केला/सेव/संतरा) आदि रख सकते हैं. वे अपने साथ पारदर्शी बोतल में पानी ले जा सकेंगे. वे अपने साथ पैकेज्ड फूड(चॉकलेट/कैंडी/सैंडविच) भी रख सकते हैं.
कर सकेंगे रफ कार्य
जेइइ मेन परीक्षा के दौरान उम्मीदवार रफ कार्य कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें परीक्षा केंद्र में रफ शीट उपलब्ध करायी जायेगी. परीक्षा की समाप्ति के बाद उम्मीदवारों को रफ शीट केंद्र में ही परीक्षक को दे कर आना होगा. वे अपने साथ रफ शीट को नहीं ला पायेंगे.
परसेंटाइल आधारित होगी जेइइ मेन की रैंकिंग
जेइइ मेन की रैंकिंग अब तक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होती थी, पर अब परसेंटाइल पर आधारित नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया से होगी. इस प्रक्रिया में किसी शिफ्ट के उम्मीदवारों के अंकों का माध्य लिया जाता है और अन्य शिफ्टों के उम्मीदवारों के अंकों के साथ इसकी तुलना की जाती है. नॉर्मलाइजेशन एक स्टैबलिस्ड प्रैक्टिस है. विभिन्न सेशन में परीक्षा दे रहे विद्यार्थी के स्कोर को कंपेयर करने के लिए अपनाया जाता है. नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) परसेंटाइल का इस्तेमाल करेगी.
क्या है परसेंटाइल स्कोर
पहला : परसेंटाइल स्कोर वह स्कोर है, जो उस परीक्षा में भाग लेनेवाले सभी विद्यार्थी के रिलेटिव परफॉरमेंस के आधार पर तय होता है. मूलतः मार्क्स को एक स्केल पर ट्रांसफॉर्म किया जाता है, जिसमें 100 से 300 तक के रेंज प्रत्येक सेशन में होता है.
दूसरा : परसेंटाइल स्कोर इंडीकेट करता है परसेंटेज ऑफ कंडिडेट, जिन्हें उसके बराबर या उससे कम वह परसेंटाइल उस परीक्षा में आया है. इसलिए हर सत्र के टॉपर का परसेंटाइल स्कोर 100 होगा. अधिकतम और सबसे कम स्कोर के बीच वाले स्कोर का भी उचित परसेंटाइल में कंवर्ट किया जायेगा.
तीसरा : परसेंटाइल स्कोर को नॉर्मलाइजेशन किया जायेगा, न कि उम्मीदवार के मार्क्स को.चौथा : परसेंटाइल स्कोर सात डेसिमल प्लेस तक कैलकुलेट किया जायेगा, जिससे टाई की समस्या को कम-से-कम किया जा सकेगा. टाइ होने की स्थिति में या एक ही परसेंटाइल आने की स्थिति में निम्न आधार पर रैंक दिया जायेगा.
टाइ होने की स्थिति में ऐसे मिलेगा रैंक
उम्मीदवार, जिन्हें मैथ्स में हायर परसेंटाइल आयेगा
उम्मीदवार, जिन्हें फिजिक्स में हायर परसेंटाइल आयेगा
उम्मीदवार, जिन्हें केमिस्ट्री में हायर परसेंटाइल आयेगा
टाइ होनेवाले उम्मीदवार, जिनकी उम्र अधिक होगी
ऐसा रहा है कट ऑफ
एक्सपर्ट की राय
परीक्षार्थी यह सुनिश्चित कर लें कि सिलेबस के जितने हिस्से का अध्ययन उन्होंने किया है, उतना हिस्सा भी जेइइ मेन में एक अच्छे परसेंटाइल के लिये पर्याप्त है. आपको फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के उन्हीं पोर्सन में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, जो कंफर्ट जोन में हैं. इस परीक्षा में पूछे जानेवाले प्रश्नों का स्तर कमोबेश एनसीइआरटी के ही समकक्ष होता है. अत: जेइइ एडवांस्ड स्तर के प्रश्नों में व्यर्थ ऊर्जा बर्बाद न करें. जितना भी समय है, उसमें गत वर्ष के जेइइ मेन के सभी ऑनलाइन पेपर को रिवीजन के तौर पर जरूर बना लें. परीक्षा के दौरान नर्वस न हों. कठिन प्रश्नों को बनाने के लिए ब्लाइंड गेस करने या तुक्के लगाने के प्रयास की गलती न करें. प्रत्येक प्रश्न बनाते हुए सही विकल्पों को टिक करते जायें. अाखिर के पांच मिनट में रिव्यू कर यह आश्वस्त हो लें कि सभी बनाये हुए प्रश्न के आंसर आपने सही-सही टिक किये हैं.
शुभेंदु शेखर, निदेशक, ब्रदर्स एकेडमी, रांची
परीक्षार्थियों से मेरा कहना है कि आपने प्रथम परीक्षा के लिए आवेदन दिया है, तो तत्काल इसे अंतिम परीक्षा की तरह ही स्वीकार करें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करें. अगली परीक्षा को ध्यान में रख कर ढिलाई न बरतें. किसी भी स्थिति में तनाव से बचें. सर्व प्रथम यह समझ लें कि दो साल की पढ़ाई के आधार पर परीक्षा होने जा रही है. इसलिए जितना समय बचा हुआ है, उसमें बहुत कुछ नहीं किया जा सकता है. जो छात्र पिछले दो वर्षों से लगातार परिश्रम कर रहें है, उन्हें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है. सबसे महत्वपूर्ण है अपनी क्षमता को पहचानना. परीक्षा के दौरान गलतियों से बचना महत्वपूर्ण है. गलती कम हो इसके लिए प्रश्नपत्र में दिये गये निर्देशों और सवालों को बहुत सावधानी से पढ़ें. पूरी तरह से आश्वस्त होने के लिए रफ पेपर का प्रयोग करें. यदि अंकों को अक्षर में लिखा गया है, तो उसका अलग से ख्याल रखें.
रणधीर कुमार,सेंटर हेड, फिटजी, रांची
इस परीक्षा में कट ऑफ मार्क 100 अंक के आस पास ही रहता है. 360 अंक की इस परीक्षा में 180 अंक सम्मानजनक स्कोर माना जाता है. इससे एक अच्छे कॉलेज में एक अच्छा ब्रांच मिल ही जाता है. अत: बच्चों को निगेटिव मार्किंग से बचने की जरूरत है. जिन बच्चों का उद्देश्य केवल जेइइ मेन की परीक्षा से अच्छे कॉलेज में दाखिला लेना है, उनका स्कोर यदि 200 से अधिक आता है, तो ज्यादा बेहतर है. चूंकि परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड है, तो परीक्षार्थियों को यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उनका अटेंप्ट सब्मिट हो गया है. ध्यान पूर्वक बच्चे सवालों को हल करें. ध्यान दें कि प्रश्न क्रमांक के अनुसार सवालों को हल करने की जरूरत नहीं होती. अत: पहले उन प्रश्नों को हल करें, जो आसान हैं. लगभग 10-15 प्रतिशत सवाल ही कठिन होते हैं, जिन्हें हल करने में समय अधिक लगता है. ऐसे में बच्चों को एक उचित रणनीति अपनाने से फायदा होगा.
मनीष आनंद, निदेशक, चैंप्स स्क्वायर, रांची
अब तक उम्मीद है विद्यार्थियों ने अपनी तैयारी मुकम्मल कर ली होगी. अब इतना समय नहीं बचा है कि आप नया कुछ भी कर सकते हैं. अभी आप ज्यादा से ज्यादा इतना कर सकते हैं कि जो छोटे प्वाइंट्स व फॉर्मूला नोट्स बनाये हैं, उनका रिविजन कर लें. आपने जितना कुछ पढ़ रखा है, उसके कांसेप्ट को ध्यान में रखें. परीक्षा के दौरान अगर सवाल न बनें, तो हताश होने की जरूरत नहीं है. सक्सेस और सेलेक्शन के अवसर उनके साथ ज्यादा होते हैं, जो अंतिम समय में चीजों का दोहराव कर पाते हैं. परीक्षा के अंतिम घंटों में विभिन्न विषयों के स्ट्रांग टॉपिक्स का रिवाइज जरूर कर लें. सवालों के जवाब देने के दौरान जब आप रफ कार्य करें तब कैलकुलेशन इरर को कम से कम करने की कोशिश करें. आत्मविश्वास बनाये रखें. सवाल का जवाब देने से पहले उसे पढ़ें और उसे समझने का प्रयास करें. उसके बाद ही जवाब दें.
इमरान अली, निदेशक, न्यूटन ट्यूटोरियल
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