पटना : मैट्रिक व इंटर के परीक्षा पैटर्न में बदलाव से सफलता का बढ़ेगा प्रतिशत, 50% वस्तुनिष्ठ और 50% सब्जेक्टिव प्रश्न होंगे

Updated at : 17 Nov 2018 3:50 AM (IST)
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पटना : मैट्रिक व इंटर के परीक्षा पैटर्न में बदलाव से सफलता का बढ़ेगा प्रतिशत, 50% वस्तुनिष्ठ और 50% सब्जेक्टिव प्रश्न होंगे

पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस बार छात्र हित का काफी ध्यान रखा है. 2018 में भी छात्र हित को ध्यान में रखते हुए प्रश्न पत्रों के पैटर्न में बदलाव किया था. जो इस वर्ष 2019 में भी लागू रहेगा. इसके तहत इंटरमीडिएट तथा वार्षिक माध्यमिक परीक्षा के सभी विषयों में 50 प्रतिशत […]

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पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस बार छात्र हित का काफी ध्यान रखा है. 2018 में भी छात्र हित को ध्यान में रखते हुए प्रश्न पत्रों के पैटर्न में बदलाव किया था. जो इस वर्ष 2019 में भी लागू रहेगा. इसके तहत इंटरमीडिएट तथा वार्षिक माध्यमिक परीक्षा के सभी विषयों में 50 प्रतिशत प्रश्न वस्तुनिष्ठ और 50 प्रतिशत सब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जायेंगे.
इसके साथ ही 2019 में बोर्ड प्रश्न पत्रों के पैटर्न में सबसे बड़ा बदलाव कर रही है. जिसका फायदा पढ़ने वाले परीक्षार्थियों को ज्यादा मिलेगा. इसलिए इस बार बोर्ड ने परीक्षार्थियों को कहा है कि बोर्ड द्वारा जारी मॉडल प्रश्नों को जरूर देखें.
इस तरह पूछे जायेंगे इस बार प्रश्न
इंटरमीडिएट और मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2019 में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स के हित को ध्यान में रखते हुए इस परीक्षा में पूछे जाने वाले शॉर्ट क्वेश्चन में 75 प्रतिशत प्रश्न अतिरिक्त रहेंगे. मतलब साफ है कि 10 प्रश्नों के जवाब देने के लिए आपके पास काफी विकल्प मौजूद होंगे. 10 प्रश्नों के जवाब देने के लिए कम-से-कम 17 से अधिक प्रश्न पूछे जायेंगे.
इसके साथ ही लाॅन्ग क्वेश्चन में सीमित विकल्प को भी हटा दिया गया है. इस बार अथवा वाले प्रश्न के स्थान पर पूर्ण विकल्प का प्रावधान किया गया है. मतलब साफ है कि अगर पांच लाॅन्ग प्रश्न को हल करना होगा तो आपके पास 10 सवाल भी मौजूद रह सकता है. मतलब आपको जो प्रश्न का उत्तर देना है वह दे सकते हैं. समिति का लक्ष्य है कि विद्यार्थियों के उत्तीर्णता के प्रतिशत में न सिर्फ वृद्धि हो, बल्कि मेधावी विद्यार्थियों के प्राप्तांक में भी बढ़ोतरी हो.
अध्यक्ष ने जिलों को दिया निर्देश
आनंद किशोर ने वार्षिक माध्यमिक एवं इंटर परीक्षा, 2019 के लिए राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि परीक्षा का संचालन स्वच्छ व कदाचार रहित हो. इसके लिए राज्य सरकार, शिक्षा विभाग एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति प्रतिबद्ध है. सभी आवश्यक आधारभूत संरचना चहारदिवारी, गेट, पर्याप्त कमरे, उपस्कर (बेंच, डेस्क) की उपलब्धता आदि सुविधा युक्त शिक्षण संस्थानों में परीक्षा केंद्र बनाये जाएं.
परीक्षा केंद्र चयन समिति
बोर्ड ने प्रत्येक जिले के लिए एक परीक्षा केंद्र चयन समिति गठित की है. इसमें ऐसे व्यक्तियों को सदस्य के रूप में नामित किया गया है, जिन्हें जिले की भौगोलिक स्थिति, विद्यालयों की अवस्थिति, परीक्षा केंद्र व विद्यालयों के परीक्षा संबंधी पूर्व इतिहास की पूरी जानकारी हो. जिला स्तर पर गठित समिति में जिला पदाधिकारी अध्यक्ष होंगे. पुलिस अधीक्षक, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिले के माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष इसके सदस्य होंगे.
गृह केंद्र नहीं बनेगा
परीक्षा केंद्रों का निर्धारण जिला मुख्यालय स्तर के साथ-साथ अनुमंडल स्तर पर भी किया जाना है, परंतु कदाचार रोकने के उद्देश्य से छात्रों का परीक्षा केंद्र उनके गृह अनुमंडल में नहीं होगा अर्थात एक अनुमंडल के विद्यालयों के छात्र को दूसरे अनुमंडल के परीक्षा केंद्रों से संबद्ध किया जायेगा और छात्राओं का परीक्षा केंद्र उनके गृह अनुमंडल में ही रखा जायेगा. किसी भी परिस्थिति में गृह परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जायेगा.
खास-खास निर्देश
इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाये कि किसी भी विद्यालय के सभी छात्र/छात्राओं को एक परीक्षा केंद्र पर एक ही पाली में संबद्ध किया जाये, दो अलग-अलग पालियों में विभाजित कर नहीं.परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के समय यह भी ध्यान रखा जाये कि गत वर्ष जिन परीक्षा केंद्रों से जो विद्यालय संबद्ध किये गये थे, उसकी पुनरावृत्ति नहीं हो.
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