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पटना : डोर-टू-डोर का टाइम टेबल नहीं

Updated at : 17 Oct 2018 8:53 AM (IST)
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पटना : डोर-टू-डोर का टाइम टेबल नहीं

लापरवाही. समय से कचरा नहीं उठने से बिखरी रहती है गंदगी लोग घरों के कचरे को समीप के कूड़ा प्वाइंटों व खाली जगहों पर फेंक देते हैं पटना : ठोस कचरा प्रबंधन के तहत शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था की गयी है. इसको लेकर निगम प्रशासन ने वार्ड स्तर पर उपकरणों व मजदूरों […]

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लापरवाही. समय से कचरा नहीं उठने से बिखरी रहती है गंदगी
लोग घरों के कचरे को समीप के कूड़ा प्वाइंटों व खाली जगहों पर फेंक देते हैं
पटना : ठोस कचरा प्रबंधन के तहत शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था की गयी है. इसको लेकर निगम प्रशासन ने वार्ड स्तर पर उपकरणों व मजदूरों की प्रतिनियुक्त करने के साथ-साथ रूट प्लान तैयार किया है. रूट प्लान के अनुसार डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के निर्देश भी दे रखे हैं. इसके बावजूद शहर से गंदगी व कचरा खत्म होने का नाम नहीं ले रही है.
इसकी वजह है कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले ऑटो टीपर का टाइम-टेबल निर्धारित नहीं है. निर्धारित समय पर कचरा प्वाइंट्स और गलियों में ऑटो टीपर नहीं पहुंच रहे हैं. लोग अपने घरों के कचरे को समीप के कूड़ा प्वाइंटों व खाली जगहों पर फेंक देते हैं. इस कारण डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के बाद भी दिन भर गंदगी दिखती रहती है.
स्वच्छता गीत के बदले बजाया जाता है डीजे म्यूजिक
शहर को साफ रखने में आमलोग भी भागीदार हों, ताकि गंदगी नहीं दिखे. आमलोग ऑटो टीपर या ट्राइसाइकिल में ही कचरा फेंकें. इसको लेकर प्रत्येक ऑटो टीपर में म्यूजिक सिस्टम इंस्टॉल किया गया, जिसमें स्वच्छता गीत बजाना है. लेकिन, ऑटो टीपर ड्राइवर अपनी पसंद के फिल्मी गीत बजाते रहते हैं. इसके साथ ही डीजे म्यूजिक बजाते रहते हैं. इससे ऑटो टीपर घर के बगल से गुजरने के बाद भी लोगों को पता नहीं चलता है.
निगरानी व्यवस्था हो गयी है फेल : डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की प्रॉपर निगरानी की जाये, ताकि डोर-टू-डोर सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा सके. इसको लेकर नगर आयुक्त ने अंचल स्तर पर मुख्य सफाई निरीक्षक, सिटी मैनेजर, कार्यपालक पदाधिकारी के साथ-साथ उप नगर आयुक्त (सफाई) को निगरानी की जिम्मेदारी दी. लेकिन, अंचलों में निगरानी व्यवस्था फेल है. यही वजह है कि सफाई पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है. लेकिन, गंदगी जगह-जगह दिख रही है.
कभी आठ बजे तो कभी 12 बजे पहुंचती हैं ऑटो-टीपर
पटना सिटी अंचल में उपलब्ध संसाधन के अनुरूप डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन ठीक से चल रहा है, लेकिन नूतन राजधानी अंचल, बांकीपुर और कंकड़बाग अंचल में अब तक डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में सफलता नहीं मिली है. इसकी वजह है कि रूट प्लान के अनुसार कचरा कलेक्शन नहीं किया जा रहा है. वहीं, वार्डों में मुहल्ले में कभी आठ बजे, तो कभी 12 बजे ऑटो टीपर कचरा लेने पहुंचती हैं.
एक जगह खड़ी रहती है ऑटो टीपर : वार्ड संख्या-19 में एक ऑटो टीपर दी गयी है. ऑटो टीपर को गलियों में घूमना है, जहां लोग खुद से ऑटो टीपर में कचरा फेंक सकें.
लेकिन, वार्ड-19 की ऑटो टीपर मीठापुर बी-एरिया स्थित कूड़ा प्वाइंट पर खड़ी कर दी गयी थी, जहां कोई कचरा फेंकने नहीं पहुंच रहा था. वार्ड-17 में दी गयी ऑटो टीपर मुहल्ले में दिखायी भी नहीं देती है. स्थिति यह है कि पार्षद के घर के सामने ही कचरा बिखरा रहता है. यही स्थिति कमोबेश सभी वार्डों की है.
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