बिहार में भारत बंद का असर, रोकीं ट्रेनें, हुई तोड़फोड़, जाम में फंसा मरीज, हुई मौत, तो कहीं नहीं मिला एंबुलेंस, ठेले पर गया मरीज

Updated at : 11 Sep 2018 6:59 AM (IST)
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बिहार में भारत बंद का असर, रोकीं ट्रेनें, हुई तोड़फोड़, जाम में फंसा मरीज, हुई मौत, तो कहीं नहीं मिला एंबुलेंस, ठेले पर गया मरीज

पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की मूल्यवृद्धि के खिलाफ सड़क पर उतर कर विपक्षियों ने किया जमकर प्रदर्शन पटना/भागलपुर : कोसी-पूर्व बिहार में भारत बंद का असर सुबह से ही दिखने लगा था. प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर ट्रेनों को रोक दिया. कई जगहों पर आगजनी व तोड़फोड़ की गयी. जाम के कारण एंबुलेंस भी […]

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पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की मूल्यवृद्धि के खिलाफ सड़क पर उतर कर विपक्षियों ने किया जमकर प्रदर्शन
पटना/भागलपुर : कोसी-पूर्व बिहार में भारत बंद का असर सुबह से ही दिखने लगा था. प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर ट्रेनों को रोक दिया. कई जगहों पर आगजनी व तोड़फोड़ की गयी. जाम के कारण एंबुलेंस भी कई जगह फंस गयी. सुबह आठ बजे से ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर गये. भागलपुर शहर में कार के शीशे तोड़े गये. टायर जला कर मार्ग को रोक दिया गया. ज्यादातर सर्राफा दुकानें बंद रहीं. व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद थे.
कोसी-पूर्व बिहार के 13 जिलों में प्रदर्शनकारियों ने शहर के कुछ बैंकों को बंद करा दिया और एटीएम भी बंद रही. अनुमान के मुताबिक 165 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ. सबसे ज्यादा परेशानी भागलपुर व पूर्णिया के गुलाबबाग मंडी के व्यवसायियों को हुई. सहरसा के कोपरिया में कोसी एक्सप्रेस के आगे पटरी पर बैठ कर महिलाअों ने ट्रेन रोकी. पूर्णिया में एनएच 31, 57 और 107 पर भी आवागमन ठप कर दिया गया. इसके साथ ही एनएच 57, एनएच 80, एनएच 106 को भी बंद समर्थकों ने विभिन्न जगहों पर जाम कर दिया.
जमालपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने जमालपुर रेलवे स्टेशन पर 22948 अप भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस को रोक कर विरोध प्रदर्शन किया. कटिहार से दिल्ली जानेवाली चंपारण-हमसफर एक्सप्रेस को भी मधेपुरा स्टेशन पर बंद समर्थकों ने कब्जे में कर रखा था.
सोनपुर में बंद के दौरान दो गुटों के बीच झड़प, फायरिंग
सोनपुर. केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण बढ़ती महंगाई एवं बेरोजगारी के विरुद्ध सोमवार को आयोजित भारत बंद के दौरान गौतम चौक पर बंद समर्थकों एवं विरोधियों में जम कर झड़प हुई.
मामला इतना अधिक बढ़ गया कि देखते ही देखते रोड़ेबाजी तथा फायरिंग भी होने लगी. कुछ लोगों के बीच बचाव एवं पुलिस प्रशासन की सख्ती के कारण दोनों पक्षों को पीछे हटने को मजबूर होना पड़ा. गौतम चौक से बाईपास चौक के समीप फायरिंग की यह पहली घटना नहीं है.
इसके पहले भी इस इसी जगह दो पक्षों में मामूली बात को लेकर फायरिंग हुई थी. लोगों का कहना था कि अगर प्रशासन ने उसी समय सख्त कार्रवाई की होती तो, आज यह घटना नहीं होती. सोनपुर पुलिस ने भी दो पक्षों में झड़प एवं फायरिंग होने की पुष्टि की है. सोनपुर में सुबह से ही राजद विधायक डॉ रामानुज प्रसाद एवं कांग्रेस सेवा दल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में अपने अपने समर्थकों के साथ लोगों से घूम घूम कर शांतिपूर्वक समर्थन मांग रहे थे.
कोसी-पूर्व बिहार में 165 करोड़ का कारोबार प्रभावित, एनएच 57, एनएच 80, एनएच 106 व कई महत्वपूर्ण मार्ग रहे बंद
टीएमबीयू में बंद समर्थकों ने मचाया उत्पात, पथराव
टीएमबीयू में एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने विवि कैंपस उत्पात करते हुए पथराव किया. कुलपति आवास पर चल रही कमेटी की बैठक के दौरान गेट पर हंगामा. वहां पर होमगार्ड ने बंदूक ताना, तब प्रदर्शनकारी वहां से निकल गये.
इसके अलावा छात्र राजद नेताओं ने भी सभी कॉलेज, पीजी विभाग व अन्य जगहों को बंद कराया. शिक्षकों व कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया. इससे विवि का सारा काम बाधित रहा. इधर भागलपुर के स्टेशन चौक, लोहिया पुल, पैन इंडिया के वाहन में आग लगाने की कोशिश की. कांग्रेस, राजद, जाप, माले आदि पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्टेशन चौक पर टायर जला जम कर उत्पात मचा रहे थे. बस स्टैंड से बसों को नहीं खुलने नहीं दिया गया. जीरोमाइल पर ढाई बजे तक प्रदर्शनकारी तो नहीं पहुंचे थे, मगर भय से बसों व ऑटो का परिचालन बंद रहा.
समय पर नहीं पहुंचा अस्पताल, चली गयी मासूम की जान
जहानाबाद : भारत बंद के दौरान सोमवार को जहानाबाद सदर अस्पताल में इलाज के लिए आ रही एक मासूम बच्ची की मौत हो गयी. दो वर्षीया गौरी नामक बच्ची गया जिले के मेन थानांंतर्गत बालाबिगहा गांव के निवासी प्रमोद मांझी की बेटी थी. वह डायरिया से पीड़ित थी.
सात-आठ बार दस्त होने के कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी. भारत बंद के कारण वाहनों का आवागमन ठप था. गाड़ी नहीं मिलने के कारण उसके पिता नदी पार कर बड़ी मुश्किल से एक टेंपो रिजर्व कर उसे सदर अस्पताल ला रहे थे. सदर अस्पताल पहुंचने के पूर्व बच्ची ने दम तोड़ दिया.
जाम में फंसा मरीज, मौत
बोचहां (मुजफ्फरपुर) : बंद के दौरान जाम में फंसे एक व्यक्ति की मौत हो गयी. थाना क्षेत्र के बाजितपुर मझौली गांव निवासी बतहु ठाकुर के पुत्र लक्ष्मण ठाकुर (60 वर्ष) इलाज के लिए परिजनों के साथ एसकेएमसीएच जा रहे थे. इसी क्रम में सुबह करीब सात बजे पटियासा पेट्रोल पंप के समीप विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उन्हें नहीं जाने दिया. परिजनों का आरोप है कि करीब दो घंटे बाद उनकी मौत हो गयी.
मौत के बाद पुत्र विनोद ठाकुर, लखविंदर ठाकुर, देवनारायण ठाकुर, पत्नी जेवरी देवी, पुतोह सुनीता देवी ने हंगामा करना शुरू कर दिया. इसके बाद बंद समर्थकों ने उन्हें जाने दिया. एसकेएमसीएच में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डॉक्टर ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी होने के कारण लक्ष्मण ठाकुर की मौत हुई है. इस संबंध में परिजनों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं बोचहां पुलिस को सूचना दी है.
चलती बस में दिया बेटे को जन्म
सीवान : मैरवा थाना क्षेत्र के बभनौली गांव निवासी संजय राम की पत्नी राबड़ी देवी ने सोमवार को चलती बस में एक बेटे को जन्म दिया. इसके बाद चालक और खलासी ने उसे पीएचसी पहुंचाया. बताया जाता है कि राबड़ी देवी को बच्चा होनेवाला था. सोमवार को अपनी ससुराल बभनौली से मायके दरौली थाना क्षेत्र के लोहारपुर गांव के लिए चली थी. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने जच्चा और बच्चा दोनों की जांच की. प्रसूता ने बताया कि पहले से उसकी दो बेटियां हैं. इसके बाद यह बेटा हुआ है.
इधर स्टेशन पर महिला ने बच्ची को जना
सीवान : अमृतसर से कटिहार जानेवाली 15708 आम्रपाली ट्रेन से प्रसव पीड़ा से कराहती एक महिला उतरने के दौरान गिर गयी. ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल के जवान राजेश कुमार ने इसकी सूचना निरीक्षक अजय कुमार सिंह को दी.
मौके पर पहुंचे आरपीएफ एवं जीआरपी के पदाधिकारी महिला आरक्षियों एवं महिला कर्मचारियों की मदद से उसे जीआरपी थाना लाये. रेलवे अस्पताल के डॉक्टर के सीवान से बाहर होने के कारण वे नहीं आये. इसी दौरान जीआरपी थाने के गेट के सामने महिला ने बच्ची को जन्म दिया. महिला मालती देवी रघुनाथपुर थाने के टारी नेवाड़ी निवासी परमात्मा भगत की पत्नी बतायी जाती है.
एंबुलेंस नहीं मिली तो मरीज को ठेले पर ले गये परिजन
अररिया : भारत बंद के दौरान सदर अस्पताल में सोमवार को अमानवीय मामला सामने आया है. एक माह से दम फूलने व बुखार की शिकायत के पर सदर अस्पताल आये मरीज को दो सूई देने के बाद चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर करते हुए पल्ला झाड़ दिया. तुर्रा यह कि रेफर किये जाने के बाद मरीज को एंबुलेंस भी नहीं मिली.
नतीजतन अपने मरीज को वापस ले जाने के लिए ठेले का सहारा लेना पड़ा. परिजनों ने उसे हायर सेंटर कैसे लेकर जायेंगे. परिजन यह बात कुछ कर्मी से पूछा गया पर किसी ने उसे कुछ नहीं बताया. हालांकि अंत में परिजनों ने अपने पीड़ित मरीज को ठेले पर वापस घर लेकर चले गये.
मरीज को परिजनों ने भगवान के भरोसे छोड़ दिया. जानकारी अनुसार, खरैया बस्ती वार्ड नंबर 10 निवासी मो ताहिर की 14 वर्षीया पुत्री बीवी सकीना खातून बुखार व दम फूलने की शिकायत पर इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के दौरान उसे दो सूई दी. साथ ही उसे ऑक्सीजन लगाने की सलाह दी. साथ ही यहां इलाज संभव नहीं होने की बात कह कर हायर सेंटर रेफर कर दिया. पीड़ित युवती के परिजनों ने बताया कि एक माह से बीवी सकीना को बुखार व दम फूलने की शिकायत है.
जब सोमवार को अधिक बुखार व दम फूलने लगा तो उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में लाया गया. रेफर किये जाने के बाद उसे वापस घर लेकर जाना पड़ा. कारण उसे एंबुलेंस नहीं मिली. अभी तीन दिन पहले एक ऑटो पर एक महिला का प्रसव परिजनों ने इसलिए करा दिया कि वह अस्पताल तक जाने की स्थिति में नहीं थी और स्वास्थ्यकर्मी आने से मुकर गये थे. एक बार फिर एंबुलेंस नहीं मिलने से अस्पताल व्यवस्था की पोल खुल गयी है.
कहते हैं अस्पताल प्रबंधक
इस मामले में अस्पताल प्रबंधक नाजीश अहमद नियाज ने बताया कि सदर अस्पताल में किसी भी रोगियों को रेफर किये जाने के बाद मुफ्त में एंबुलेंस दिया जाता है. उसे बाहर ले जाने के बादले ठेला पर वापस घर लेकर चला गया यह काफी दुखद: है. अगर हमारे पास मरीज के परिजनों आया होता तो उसे जरूर बाहर ले जाने के लिए एंबुलेंस दिया जाता.
मुजफ्फरपुर में बंद के दौरान फायरिंग में तीन लोग जख्मी
मुजफ्फरपुर : पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि के विरोध में कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों के भारत बंद का जिले में असर रहा. बंद समर्थकों ने सुबह से ही पटना, मोतिहारी, सीतामढ़ी और दरभंगा जाने वाले एनएच को जाम कर अावागमन ठप कर दिया. सरकारी व प्राइवेट बसें नहीं चलीं. करीब साढ़े छह घंटे तक ट्रेनों का परिचालन भी ठप रहा.
मुजफ्फरपुर जंक्शन से गुजरने वाली दस ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहीं. शहर में जगह-जगह कांग्रेस, राजद और वाम दलों ने सड़क जाम कर आवागमन बाधित किया. जीरो माइल चौक व अखाड़ाघाट पुल को जाम कर दिये जाने से इस क्षेत्र के लोग घरों से नहीं निकल सके. बंद समर्थक बाइक जुलूस निकाल कर पूरे शहर का चक्कर लगाते रहे. उधर, जीरोमाइल के रामठाकुर लेन में बंद समर्थकों की फायरिंग में तीन लोग जख्मी हो गये. दरभंगा से अपने रिश्तेदार के यहां पहुंचे स्वयं प्रकाश के सिर में गोली लग गयी.
शहर के कंपनीबाग, जूरन छपरा, सरैयागंज, सूतापट्टी, इस्लामपुर व कल्याणी सहित अन्य बाजार पूरी तरह बंद रहे. शहर में ऑटो व रिक्शा भी नहीं चले. बंद के कारण सरकारी कार्यालयों में भी सन्नाटा रहा. सुबह से लेकर दोपहर तीन बजे तक आहूत हड़ताल के दौरान बंद समर्थकों ने जगह-जगह घूम कर केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाये. इस दौरान कहीं-कहीं छिटपुट खुली दुकानों को भी बंद करा दिया. राजद कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंप के पास प्रदर्शन कर मोदी सरकार वापस जाओ के नारे लगाये
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