17 वर्ष बाद बिहार क्रिकेट को ऐतिहासिक मौका, प्रज्ञान ने कहा, टीम के रूप में खेलना महत्वपूर्ण

Updated at : 07 Sep 2018 8:46 AM (IST)
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17 वर्ष बाद बिहार क्रिकेट को ऐतिहासिक मौका, प्रज्ञान ने कहा, टीम के रूप में खेलना महत्वपूर्ण

पटना : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के आगामी घरेलू क्रिकेट के लिए बिहार टीम की ओर से गेस्ट प्लेयर के रूप में खेलने जा रहे भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा गुरुवार को पटना पहुंचे. ऊर्जा स्टेडियम में उन्होंने कहा कि बिहार टीम से जुड़ना मेरे लिए एक चुनौती के समान है और मुझे इसे स्वीकार […]

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पटना : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के आगामी घरेलू क्रिकेट के लिए बिहार टीम की ओर से गेस्ट प्लेयर के रूप में खेलने जा रहे भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा गुरुवार को पटना पहुंचे. ऊर्जा स्टेडियम में उन्होंने कहा कि बिहार टीम से जुड़ना मेरे लिए एक चुनौती के समान है और मुझे इसे स्वीकार करने में खुशी हो रही है. 17 साल बाद बीसीसीआई के बड़े टूर्नामेंट में खेलने वाली इस टीम के लिए ऐतिहासिक पल होगा, लेकिन टीम पर काफी दबाव भी होगा और मैं अपने अनुभव और अन्य खिलाड़ियों के जोश के दम पर उससे निकलने की पूरी कोशिश करूंगा.
इसके लिए बिहार टीम को एकत्रित हो कर खेलना पड़ेगा. साथ में जितना खेलेंगे और समय बितायेंगे, उतना ही एक-दूसरे पर भरोसा बढ़ेगा और तब जाकर पता चलेगा कि हमारी टीम कौन सी दिशा में जा रही है. 1992 विश्व कप में खेलने वाली भारतीय टीम के सदस्य तेज गेंदबाज सुब्रतो बनर्जी कोच के रूप में हमारे पास है, जिसका फायदा निश्चित तौर पर टीम को मिलेगा.
ओझा शुक्रवार को कैंप से जुड़ेंगे तब जाकर 19 सितंबर से गुजरात में शुरू हो रहे विजय हजारे वनडे टूर्नामेंट के लिए बिहार टीम को अंतिम रूप दिया जायेगा. पिछले साल आईपीएल की नीलामी ने नहीं बिके प्रज्ञान से जब पूछा गया कि क्या बिहार टीम से जुड़ने का अगले साल आपको इसका फायदा होगा, इस पर उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि बिहार टीम में फोकस सिर्फ मुझ पर रहे.
क्रिकेट एक टीम गेम है. इसमें एक से लेकर 11 तक सभी को प्रदर्शन करना होता है. तब जाकर टीम जीतेगी. अगर ऐसा होता है, तब बिहार के साथ मुझे भी फायदा होगा. फिलहाल मेरा एकमात्र उद्देश्य यह है कि मैं अपने कैरियर का अनुभव अपनी नयी टीम से शेयर करूं, जिससे वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें और एलिट ग्रुप में प्रवेश करें. ईशान किशन के बिहार से नहीं खेलने के निर्णय पर प्रज्ञान ने कहा कि वह कौन सी टीम से खेलना चाहता है, इसका निर्णय लेने का उसे पूरा अधिकार है.
अगर वह बिहार की ओर से खेलते तो ज्यादा बेहतर होता. इंग्लैंड में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन का बचाव करते हुए 24 टेस्ट और 18 वनडे खेल चुके प्रज्ञान ने कहा कि वहां मुश्किल परिस्थिति से भारत ही नहीं, बल्कि सभी विदेशी टीमों को गुजरना पड़ता है. इसके बावजूद गेंदबाजों ने बेहतर प्रदर्शन किया है. टीम में संघर्ष करने की क्षमता है. मुझे विश्वास है कि ओवल में शुक्रवार से शुरू हो रहे पांचवें टेस्ट में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा.
मौके पर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव रविशंकर प्रसाद सिंह ने कहा कि प्रज्ञान एक अनुभवी खिलाड़ी हैं, इनके अनुभव का लाभ बिहार क्रिकेट को मिलेगा़ हम उम्मीद करते हैं कि बिहार अपने प्रदर्शन से राष्ट्रीय क्रिकेट में पहचान बनाने में सफल होगा. संवाददाता सम्मेलन में बीसीए के उपाध्यक्ष नवीन जमुआर, रणजी टीम के सहायक कोच प्रमोद कुमार, फिजियो डॉ अभिषेक, ट्रेनर गोपाल कुमार, कोच अशोक कुमार, मीडिया कमेटी के संयोजक संतोष झा व अन्य उपस्थित थे.
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