TISS की ऑडिट रिपोर्ट में नाम आने के बाद ''मलाला फंड'' ने बिहार की दो संस्था ‘सखी'' और ‘नारी गुंजन'' का अनुदान रोका

Updated at : 22 Aug 2018 3:00 PM (IST)
विज्ञापन
TISS की ऑडिट रिपोर्ट में नाम आने के बाद ''मलाला फंड'' ने बिहार की दो संस्था ‘सखी'' और ‘नारी गुंजन'' का अनुदान रोका

पटना : ‘टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज’ (टीआईएसएस) की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में नाम आने के बाद ‘मलाला फंड’ ने बिहार की दो संस्था ‘सखी’ और ‘नारी गुंजन’ के अनुदान को आज तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. ‘टीआईएसएस’ ने एक सोशल ऑडिट किया था, जिसमें पाया गया कि बिहार के लगभग सभी आश्रय […]

विज्ञापन

पटना : ‘टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज’ (टीआईएसएस) की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में नाम आने के बाद ‘मलाला फंड’ ने बिहार की दो संस्था ‘सखी’ और ‘नारी गुंजन’ के अनुदान को आज तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. ‘टीआईएसएस’ ने एक सोशल ऑडिट किया था, जिसमें पाया गया कि बिहार के लगभग सभी आश्रय गृहों में अनेक तरीकों से और बड़े पैमाने पर यौन शोषण किया जा रहा है. ‘मलाला फंड’ के प्रमुख संचार अधिकारी टेलर रॉयल ने एक बयान में कहा कि बिहार सरकार को दी ‘टीआईएसएस’ की रिपोर्ट में बाल यौन शोषण के आरोपों के बारे में पढ़ने के बाद ‘मलाला फंड’ ने आगे की कार्रवाई पूरी होने तक ‘सखी’ और ‘नारी गुंजन’ को दिये जाने वाला अनुदान निलंबित कर दिया है.

रॉयल ने कहा कि ‘मलाला फंड’ की बाल संरक्षण योजना, बच्चों को दी जाने वाली किसी भी यातना और शोषण को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित करती है. राज्य सरकार ने ‘टीआईएसएस’ द्वारा वर्ष 2017 में ऑडिट कराया था, जिसकी रिपोर्ट इस साल अप्रैल में समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई थी. टीआईएसएस रिपोर्ट के मुताबिक पटना में ‘नारी गुंजन’, मधुबनी में ‘आरवीईएसके’ और कैमूर में ‘ज्ञान भारती’ समेत कई आश्रय गृहों की स्थिति ठीक नहीं है. TISS द्वारा किये गये सोशल ऑडिट में बिहार के तमाम शेल्टर होम्स में किसी न किसी तरह के यौन दुर्व्यवहार का मामला पाया गया.

क्या है मलाला फंड
नोबल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई, मलाला फंड के जरिये हर लड़की को 12 साल तक मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की दिशा में प्रयासरत हैं. मलाला फंड एक ऐसी दुनिया के लिए काम कर रहा है जहां हर लड़की को 12 साल की सुरक्षित, मुफ्त, गुणवत्ता शिक्षा मिलती है. मलाला और ज़ियाउद्दीन यूसुफजई ने 2013 में मलाला फंड की स्थापना 12 साल की नि: शुल्क, सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के हर लड़की के अधिकार को चैंपियन करने के लिए की थी. मलाला फंड उन क्षेत्रों में काम करता है जहां ज्यादातर लड़कियां माध्यमिक शिक्षा से चूक जाती हैं. मलाला फंड की प्राथमिकता की लिस्ट में अफगानिस्तान, ब्राजील, भारत, लेबनान, नाइजीरिया, पाकिस्तान और टर्की है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन