पटना : 24 से अधिक निजी आईटीआई की मान्यता पर संकट, श्रम संसाधन विभाग निजी आईटीआई को लेकर हुआ गंभीर

Published at :22 Aug 2018 7:27 AM (IST)
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पटना : 24 से अधिक निजी आईटीआई की मान्यता पर संकट, श्रम संसाधन विभाग निजी आईटीआई को लेकर हुआ गंभीर

बड़े पैमाने पर करायी जांच पटना : श्रम संसाधन विभाग निजी आईटीआई को लेकर सख्त है. निजी आईटीआई के तय मानक को लेकर पिछले दिनों विभाग ने बड़े पैमाने पर जांच करायी थी. जांच रिपोर्ट विभाग को मिल चुकी है. बताया जा रहा है कि अभी तक जितने निजी आईटीआई की जांच हुई है उसमें […]

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बड़े पैमाने पर करायी जांच
पटना : श्रम संसाधन विभाग निजी आईटीआई को लेकर सख्त है. निजी आईटीआई के तय मानक को लेकर पिछले दिनों विभाग ने बड़े पैमाने पर जांच करायी थी. जांच रिपोर्ट विभाग को मिल चुकी है.
बताया जा रहा है कि अभी तक जितने निजी आईटीआई की जांच हुई है उसमें दो दर्जन से अधिक एेसे निजी आईटीआई हैं जो तय मानक से काफी पीछे हैं. विभाग इन आईटीआई की मान्यता को समाप्त करने की अनुशंसा भेजेगा. विभाग से सौ से अधिक आईटीआई को समय मिलेगा कि वो अपने को तय मानक के अनुसार कर लें.
निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार आधारभूत संरचना की जांच : राज्य में 1100 से अधिक निजी आईटीआई हैं. राज्य सरकार कौशल विकास पर काफी जोर दे रही है.
कौशल विकास केंद्र के अलावा सभी जिलों में महिला आईटीआई और हर अनुमंडल में आईटीआई खोला गया है. राज्य सरकार यह देख रही है कि निजी आईटीआई में निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार आधारभूत संरचना है कि नहीं, इसके लिए श्रम संसाधन विभाग सभी निजी आइटीआई की जांच करा रहा है.
अभी तक की जांच में दो दर्जन से अधिक एेसे निजी आईटीआई हैं जहां आधारभूत संरचना के नाम पर कुछ नहीं है. विभाग इनकी मान्यता को समाप्त करवायेगा. पहले राज्य सरकार का निजी आइटीआई पर बहुत नियंत्रण नहीं था. वह सिर्फ परीक्षा को लेकर गाइड लाइन जारी करता थी. निजी आईटीआई पर सीधा नियंत्रण एनसीवीटी का था, अब श्रम विभाग भी निजी आईटीआई का निरीक्षण कर रहा है.
उपस्थिति को लेकर भी सख्ती
सूबे में बड़ी संख्या में ऐसे निजी आईटीआई है जिनके पास आधारभूत संरचनाओं का अभाव है. आईटीआई में दो तरह का कोर्स चलता है, एक दो साल का और एक साल का. आईटीआई में उपस्थिति को लेकर भी सख्ती बरती जायेगी, इसके लिए अब बायोमैट्रिक मशीन लगायी जा रही है.
पहले कम उपस्थिति पर भी परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड मिल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. रेलवे सहित अन्य तकनीकी विभागों और कंपनियों में आईटीआई ट्रेंड की मांग बड़ी है. सरकारी आईटीआई को दुरुस्त किया जा रहा है.
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