मॉड्यूलर ओटी में होगा ऑपरेशन, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने किया शुभारंभ
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 Aug 2018 9:04 AM
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पटना/फुलवारीशरीफ : पटना एम्स में सोमवार से इमरजेंसी सेवा व ट्रॉमा सेंटर सहित कई नयी सुविधाओं की शुरुआत हुई. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने आठ मॉड्यूलर ओटी, 250 अतिरिक्त बेड और इमरजेंसी सेवाओं का उद्घाटन किया. इस सुविधा के साथ अब पटना एम्स में 13 ओटी और 650 बेड काम […]
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पटना/फुलवारीशरीफ : पटना एम्स में सोमवार से इमरजेंसी सेवा व ट्रॉमा सेंटर सहित कई नयी सुविधाओं की शुरुआत हुई. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने आठ मॉड्यूलर ओटी, 250 अतिरिक्त बेड और इमरजेंसी सेवाओं का उद्घाटन किया. इस सुविधा के साथ अब पटना एम्स में 13 ओटी और 650 बेड काम करना शुरू कर दिया है.
मौके पर सभा को संबोधित करते हुए अश्विनी चौबे ने कहा कि एम्स में अगले दो माह में बीस ओटी की संख्या बढ़ायी जायेंगी. इसके अलावा 400 अतिरिक्त बेडों की क्षमता बढ़ायी जायेगी. मौके पर मंत्री ने कहा कि निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह के नेतृत्व में एम्स में तेजी से सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है. ऐसे में अब बिहार के मरीजों को दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा. एम्स में इमरजेंसी सेवा और ट्रॉमा सेंटर शुरू होने से पीएमसीएच व आईजीआईएमएस पर दबाव कम होगा.
दिसंबर से होगी पीजी की पढ़ाई : एम्स के निदेशक प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि एम्स से पीजी की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी राहत की खबर है. क्योंकि अब एम्स में इस दिसंबर माह से पीजी की पढ़ाई शुरू हो जायेगी. उन्होंने कहा कि इलाज के साथ मेडिकल शोध को भी बढ़ावा दिया जायेगा. इसके अलावा डॉक्टरों के खाली पदों पर भर्ती की जायेगी.
मरीजों को ठहरने के लिए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मांगी जमीन
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने एम्स से सटे एक जमीन की मांग की. मंत्री ने कहा कि अगर बिहार सरकार इस खाली पड़ी जमीन को एम्स प्रशासन को सौंप दे, तो यहां मरीजों को ठहरने के लिए रैन बसेरा का निर्माण कराया जा सकेगा. ऐसे में मरीज व उनके परिजनों को ठहरने के लिए काफी मदद मिलेगी. रैन बसेरा के निर्माण के लिए एनटीपीस पहले से ही तैयार है.
इमरजेंसी के अभाव में मरीज होते थे रेफर : एम्स में रोजाना करीब 20 ऐसे गंभीर मरीज आते थे, जिनको तुरंत इमरजेंसी चिकित्सा की जरूरत होती थी. लेकिन वार्ड की सुविधा नहीं होने के कारण कई गंभीर मरीज दम तोड़ देते थे या फिर रेफर हो जाते थे.
ये रहे मौजूद : मौके पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामकृपाल यादव, बीआईए के मनीष तिवारी, भाजपा नेता शंभु पांडे, अभिजीत कश्यप, एम्स के अधीक्षक डॉ सीएम सिंह, आईजीआईएमसएस के निदेशक डॉ आरएन विश्वास, पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ सीता राम सिंह, एम्स रेडियोलाॅजी विभागाध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार, इमरजेंसी एंड ट्रॉमा के हेड डॉ अनिल कुमार, एनेथेसिया के हेड डॉ यू के भदानी सहित अन्य मौजूद थे.
एम्स में 170 शोध हुए प्रस्तुत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो चुके हैं प्रकाशित
समारोह का संचालन करते हुए पट, एम्स के हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ संजीव कुमार ने कहा कि इन दिनों एम्स रिसर्च को लेकर काफी अलर्ट हो गया है. रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए यहां कई विषयों पर शोध जारी है. इतना ही नहीं अब तक 170 शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं. शोध के लिए यूनिसेफ, डब्लूएचओ समेत अन्य संस्थान की ओर से 10 से 15 करोड़ रुपये का अनुदान मिलता है.
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