पटना : बारिश ने हरी सब्जियों के उत्पादकों को दिया झटका
Updated at : 03 Aug 2018 9:04 AM (IST)
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सब्जियों के भाव में आयी तेजी पटना : मौसम और बरसात की कठिनाइयों ने सब्जी उत्पादन पर नकारात्मक असर डाला है. दरअसल पहले समय पर बारिश नहीं हुई, जिसके चलते अपेक्षित सब्जी उत्पादन नहीं हो सका. दूसरे जिले में कई ऐसे इलाके भी हैं जहां परिपक्व सब्जी के पौधे पानी में डूब गये हैं. लिहाजा […]
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सब्जियों के भाव में आयी तेजी
पटना : मौसम और बरसात की कठिनाइयों ने सब्जी उत्पादन पर नकारात्मक असर डाला है. दरअसल पहले समय पर बारिश नहीं हुई, जिसके चलते अपेक्षित सब्जी उत्पादन नहीं हो सका. दूसरे जिले में कई ऐसे इलाके भी हैं जहां परिपक्व सब्जी के पौधे पानी में डूब गये हैं. लिहाजा समुचित मात्रा में सब्जी नहीं निकल पा रही है. इन दोनों हालाताें में सब्जी उत्पादन प्रभावित हुआ है.
जानकारी के मुताबिक करीब दो हजार हेक्टेयर में सब्जी उत्पादन प्रभावित हुआ है. जिसका सीधा असर सब्जी के कीमतों पर पड़ा है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक सब्जी उत्पादन में सबसे ज्यादा असर तमाम तरह की फलियों पर पड़ा है.
करीब आधा दर्जन तरह की फलियों के उत्पादन की एकदम रीढ़ टूट चुकी है. दरअसल ये वह सब्जी है जो इस समय तक अच्छी खासी निकलने लगती थी. जानकारी के मुताबिक इस साल जून से लेकर दो अगस्त तक जिले में 320 मिलीमीटर बारिश हुई है. जबकि जून में केवल 44 मिलीमीटर बारिश हुई थी,जबकि दो सौ मिलीमीटर बारिश जून में अपेक्षित होती है.
प्रमंडल के हालात और भी भयावह
समूचे पटना प्रमंडल में खेती का रकबा 7़ 64 लाख हेक्टेयर है. इसमें केवल साढ़े तीन लाख हेक्टेयर में बोवनी हुई है. इसमें करीब सवा दो लाख हेक्टेयर का रकबा धान की रोपनी का है. जाहिर है कि करीब चार लाख हेक्टेयर का रकबा खाली पड़ा हुआ है. हालांकि जिम्मेदार अफसरों का कहना है कि बीस अगस्त तक बोवनी की जा सकती है. ज्वाइन डायरेक्टर एग्रीकल्चर उमेश प्रसाद मंडल ने बताया कि अभी परेशान होने की जरूरत नहीं है. किसान के पास अभी बोवनी का समुचित मौका है.
मजदूर नहीं मिल रहे: अचानक बारिश हुई है. इसलिए धान की रोपनी एक साथ शुरू हुई है. लिहाजा रोपनी के लिए मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं. बाहर से रोपनी के एक्सपर्ट मजदूर लाना संभव नहीं है,लिहाजा मजदूरों ने भी अपनी मजदूरी दो गुनी तक कर दी है. पटना जिले के मैदान इलाकों में भ्रमण पर निकले ज्वाइन डायरेक्टर एग्रीकल्चर मंडल ने बताया कि मजदूरी बढ़ी है,लेकिन यह एक स्वाभाविक पहलू है.
सब्जियों का खुदरा भाव थोक से डेढ़ गुना अधिक
पटना : इस समय सब्जियों के भाव में आग लगी है. खुदरा बाजार में
कोई भी हरी सब्जी 40 रुपये प्रति किलो से कम नहीं है. सब्जियों के भाव में आयी तेजी की हकीकत जानने के लिए प्रभात खबर ने सब्जियों की थोक मंडी अंटा घाट का जायजा लिया. जायजा के दौरान पता चला की थोक मंडी और खुदरा बाजार के भाव में डेढ़ गुना से अधिक का अंतर है. जबकि टमाटर और धनिया के पत्ती के रेट का अंतर दोगुने से अधिक है.
अंटा घाट में टमाटर का भाव 35-40 रुपये किलो है, जबकि खुदरा बाजार में 60 से 80 रुपये प्रति किलो. दुकानदारों ने बताया कि इस समय टमाटर बेंगलुरु से आ रहा है. इसलिए भाव तेज है. सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि मुख्य रूप से सब्जियां सोनपुर, छपरा, हाजीपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ, गया, बिहटा इलाके से पटना की थोक मंडी में आ रही हैं. हालांकि बंदगोभी नासिक से आ रही है. दुकानदारों की मानें तो बरसात के कारण आने वाले दिनों में सब्जियों के भाव में 10 से 20 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है.
सब्जियों का थोक व खुदरा बाजार में मूल्य
सब्जी थोक खुदरा मूल्य मूल्य
टमाटर 35-40 60-80
करैला,
परवल, नेनुआ,
भिंडी और
बैगन 20-25 30-40
गोभी 20-30 30-50
प्रति पीस
बंदगोभी 20-25 35-40
लौकी 10-15 15-25
प्रति पीस
धनिया पत्ती 120 300-400
(कीमत रुपये प्रति किलो में)
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