पटना : पीयू डिस्पेंसरी को नहीं दे रहे स्वास्थ्य मद में ली गयी राशि
Updated at : 02 Jul 2018 3:41 AM (IST)
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डिस्पेंसरी में होती है नि:शुल्क जांच व इलाज पटना : पटना विश्वविद्यालय की डिस्पेंसरी का ही स्वास्थ्य इन दिनों खराब चल रहा है. इसके पीछे का कारण है कि स्वास्थ्य मद में छात्रों से ली गयी राशि डिस्पेंसरी को नहीं मिल रही है. एक-दो कॉलेजों को छोड़ दें तो ज्यादातर कॉलेज प्रति छात्र पचास रुपये […]
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डिस्पेंसरी में होती है नि:शुल्क जांच व इलाज
पटना : पटना विश्वविद्यालय की डिस्पेंसरी का ही स्वास्थ्य इन दिनों खराब चल रहा है. इसके पीछे का कारण है कि स्वास्थ्य मद में छात्रों से ली गयी राशि डिस्पेंसरी को नहीं मिल रही है. एक-दो कॉलेजों को छोड़ दें तो ज्यादातर कॉलेज प्रति छात्र पचास रुपये की राशि छात्रों से स्वास्थ्य मद में ले तो रहे हैं लेकिन वही राशि डिस्पेंसरी को नहीं मिल पा रही है.
जबकि यही डिस्पेंसरी छात्रों, कर्मचारियों यहां तक कि शिक्षकों व अधिकारियों की तकलीफ को दूर करते हैं और खराब स्वास्थ्य होने पर उन्हें राहत प्रदान करते हैं. खास बात यह है कि इसी राशि से डिस्पेंसरी में दवाइयों से लेकर सारे मेंटनेंस के काम होते हैं. इसके एवज में यह डिस्पेंसरी सभी का न सिर्फ नि:शुल्क जांच व इलाज करती है बल्कि दवाइयां भी नि:शुल्क देती है.
कई कॉलेजों ने वर्षों से नहीं दी राशि : वाणिज्य कॉलेज, पटना वीमेंस कॉलेज को छोड़ दें तो ज्यादातर कॉलेजों ने वर्षों से राशि नहीं दी है. बीएन कॉलेज में सत्र 2010-11 से, साइंस कॉलेज में सत्र 2011-12 से, मगध महिला काॅलेज में सत्र 2010-11, लॉ कॉलेज में सत्र 2010-11 से, वीमेंस ट्रेनिंग कॉलेज में सत्र 2010-11 से राशि बकाया है. आर्ट कॉलेज ने आज तक राशि नहीं दी.
यही नहीं पीजी विभागों का पैसा यूनिवर्सिटी द्वारा सत्र 2010-11 से नहीं दिया गया है. इसको लेकर डिस्पेंसरी ने सभी जगहों पर कई बार पत्र भेजा, लेकिन उनके कानों पर जूं नहीं रेंगती है. वोकेशनल कोर्स का भी यही हाल है. कुल मिला कर इलाज तो सभी कराना चाहते हैं, मद में राशि भी लेते हैं, लेकिन देना कोई नहीं चाहता. वहीं डिस्पेंसरी की हालत दिन-प्रतिदिन खस्ता होती जा रही है. अगर यह राशि डिस्पेंसरी को मिले, तो उसमें कई तरह के सुधार किये जा सकते हैं. दवाइयों की किल्लत को भी कम किया जा सकता है.
काॅलेजों द्वारा स्वास्थ्य मद में छात्रों से पचास रुपये लिये जाते हैं. सभी छात्रों का उससे मेडिकल कार्ड बनता है, जिसके आधार पर हम इलाज करते हैं. लेकिन, कॉलेजों द्वारा छात्रों से ली गयी राशि डिस्पेंसरी को नहीं दी जाती है. इससे डिस्पेंसरी को आर्थिक समस्याएं आ रही हैं. अगर यह राशि समय से प्राप्त हो, तो इससे डिस्पेंसरी को और बेहतर करने में मदद मिलेगी.
बीएन मिश्रा, डायरेक्टर, पीयू डिस्पेंसरी
पटना : रविवार को मगध विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की बैठक हुई. मगध विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी ने कहा कि नवगठित तीन विश्वविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारियों का वेतन चार माह से नहीं मिला है. सरकार कहती है कि प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक विवि कर्मियों को वेतन का भुगतान कर दिया जायेगा. लेकिन कई माह समाप्त होने को है और वेतन अब तक नहीं मिला है. चार माह से वेतन नहीं मिलने से परेशानी हो रही है.
राज्यपाल से करेंगे बात : बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधान परिषद प्रो नवल किशोर यादव ने कहा कि कुलाधिपति विवि में सुधार के लिए प्रयत्नशील है.
लेकिन सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि शिक्षकों को सम्मान मिले. समय पर शिक्षकों का वेतन दें. क्लास में लड़कों को लाने की व्यवस्था करें. शिक्षक अवश्य ही क्लास लेंगे. शिक्षकों को सातवां वेतन यथाशीघ्र मिले. उन्होंने कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा विवि के क्षेत्राधिकार पर प्रहार किया जा रहा है. उससे विवि की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है. इस छोटी संस्थान के गलत आदेश से छात्रों पर भी प्रभाव पड़ रहा है. इस संबंध में राज्यपाल से बात की जायेगी. विवि की प्रतिष्ठा बचाने की जरूरत है.
बैठक में डॉ नरेश प्रसाद, डॉ अरविंद, डॉ ज्योति शंकर सिंह, डॉ गौरी शंकर सिंह, डॉ अनील कुमार सिंह, डॉ सुबोध कुमार सिंह के साथ अन्य शिक्षक मौजूद थे.
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