हर बाधा पार कर पेश की सफलता की मिसाल, जानिए टॉपरों के बारे में
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Jun 2018 8:42 AM (IST)
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मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित हो चुका है और इस बार भी टॉप 10 में छात्राओं ने ही बाजी मारी है. टॉप 3 में लड़कियां ही हैं. हालांकि पटना जिले में छात्रों का प्रदर्शन छात्राओं से बेहतर रहा. अब रिजल्ट निकलने के बाद छात्र इंटरमीडिएट में प्रवेश करेंगे. यहीं से उनके भविष्य का निर्धारण होगा. […]
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मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित हो चुका है और इस बार भी टॉप 10 में छात्राओं ने ही बाजी मारी है. टॉप 3 में लड़कियां ही हैं. हालांकि पटना जिले में छात्रों का प्रदर्शन छात्राओं से बेहतर रहा. अब रिजल्ट निकलने के बाद छात्र इंटरमीडिएट में प्रवेश करेंगे. यहीं से उनके भविष्य का निर्धारण होगा. छात्र भविष्य में क्या बनना चाहते हैं, बहुत हद तक इंटरमीडिएट में लिये गये विषय से ही तय होगा.
डाॅक्टरबनने का है जुनून
प्रज्ञा कुमारी
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा में चंपारण की बेटी ने सूबे में चंपारण का नाम रौशन किया है. सूबे में द्वितीय टॉपर बननेवाली छात्रा सिमुलतल्ला आवासीय विद्यालय जमुई की छात्रा प्रज्ञा कुमारी मोतिहारी रमणा निवासी प्रमोद कुमार व विनिता कुमारी की पुत्री है.
प्रज्ञा को परीक्षा में 454 अंक प्राप्त हुए है. प्रज्ञा फिलहाल कोटा में है. वह डाक्टर बनना चाहती है. प्रज्ञा ने बताया कि डाक्टर बनना उसका जुनून है. उसने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, अभिभावक व शिक्षकों को दिया है. प्रज्ञा ने बताया कि यह सफलता प्राप्त कर उसने अपने माता-पिता के सपनों को साकार करने का प्रयास किया है.
उसने बताया कि उम्मीद के अनुरूप रिजल्ट आया है. सिमुतल्ला विद्यालय के शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए उसने कहा कि इस सफलता के पीछे शिक्षकों व सिनियर छात्राओं की भूमिका अहम है. सेल्फ स्टडी करना सिनियर दीदीयों ने सिखाया. प्रज्ञा ने बताया कि माता-पिता के सपनों को साकार करना उसका सपना है. प्रज्ञा के इस सफलता पर परिवार में जश्न का माहौलहै.
पूर्व जिप अध्यक्ष मंजू देवी ने भी अपनी भतीजी को बधाई दी है. प्रज्ञा के पिता प्रमोद कुमार याक्ष्मा विभाग में कार्यरत हैं, माता प्राथमिक विद्यालय पटजिलवा चिरैया में शिक्षिका हैं. प्रज्ञा के पिता अरेराज के राजेपुर गांव के मूल निवासी है.
दोस्त से किताब उधार मांग कर मैट्रिक परीक्षा में किया टाॅप
आफताब
दसवीं में पढ़ने के लिए किताबें नहीं थीं. 11वीं के एक दोस्त से किताब उधार मांगी. उधार के किताबों को पढ़कर आफताब ने मैट्रिक में सूबे में नौवां स्थान हासिल किया. आफताब के पिता दर्जी हैं.
मैट्रिक में उसे 500 में 446 अंक मिले हैं. वह एसबी हाईस्कूल का छात्र है.आफताब ने मैट्रिक में टॉप करने पर कहा कि अब्बू दर्जी हैं. रोज मेहनत करते हैं. अब इसका फल मुझे आईएसए बनकर देना है. मैट्रिक परीक्षा में सूबे में नौवां स्थान पाने वाले मो आफताब अली अपनी सफलता से जितना खुश है,उतनी ही तैयारी आगे की चुनौती के लिए कर रहा है. उसने कहा कि जब दसवीं में गया था ,तभी उसने टॉप करने की ठान ली थी.आफताब सकरा के मझौलिया का रहने वाला है.
उसके पिता वहीं दर्जी हैं. एक बड़ा भाई घर में ट्यूशन पढ़ाता है. आफताब चार भाई और दो बहनों में सबसे छोटा है. आफताब ने बताया कि उसके घर की आर्थिक स्थिति बढ़िया नहीं है. जब वह दसवीं में गया तो उसके पास किताब खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे. इसलिए एक दोस्त से उसने पुरानी किताबें मांग ली.
रूटीन से की पढ़ाई
आफताब ने बताया कि वह हर महीने रूटीन बनाकर पढ़ता था. जो विषय से कठिन लगता था उसकी तैयारी वह महीने भर विशेष तौर पर करता था. उस महीने में दूसरे विषयों पर भी वह फोकस करता था. आफताब को कठिन सोशल साइंस तो आसान गणित लगता था. वह आईएससी में गणित विषय लेकर पढ़ेगा.
आफताब ने बताया कि घर में काफी गरीबी थी. इसलिए वह प्राइवेट से सरकारी स्कूल में आ गया. चौथी कक्षा तक वह आइडियल पब्लिक स्कूल में पढ़ा उसके बाद सरकारी हाईस्कूल में अा गया.
स्कूल बदलने का उस पर काफी असर हुआ. उसने सोच लिया कि अब इसी स्कूल में टॉप करना है. आफताब को को साइंस में सबसे अधिक 94 नंबर मिले हैं वहीं गणित में 91 अंक मिले हैं. उर्दू में 89, हिन्दी में 83 और सोशल साइंस में 83 अंक मिले हैं. अंग्रेजी में से 62 अंक हासिल हुए हैं.
पिता ने कष्ट से पढ़ाया, पूरा करूंगी उनका सपना
प्रेरणा राज
बिहार बोर्ड में मैट्रिक की टॉपर प्रेरणा राज ने कहा कि मेरे पिता मध्य स्कूल में प्राचार्य हैं. उन्होंने बहुत कष्ट सह कर मुझे पढ़ाया है. इसलिए डॉक्टर बन कर पिता का सपना पूरा करना चाहती हूं.
प्रेरणा ने प्रभात खबर को विशेष बातचीत में बताया कि डॉक्टर बन कर समाज की सेवा करना चाहती हूं. उन्होंने साफ किया कि इसके बाद उनकी आईएएस बनने की भी इच्छा है. हालांकि इस संदर्भ में वह बाद में निर्णय लेंगी. फिलहाल मैं अपना फोकस मेडिकल पर कर रही हूं.
गोल संस्थान में इसके लिए पढ़ाई कर रही हूं. प्रेरणा बताती हैं कि टॉप करने के लिए वे 10 से 11 घंटे पढ़ाई करती थीं. इसके अतिरिक्त सिमुलतला के क्लास ने भी उन्हें बहुत फायदा पहुंचाया. उन्होंने कहा कि मेरे सभी शिक्षक बधाई के पात्र हैं. साथ ही अपने माता-पिता, भाई व दोस्तों को भी इसका श्रेय देती हैं. एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि पापा ने काफी पढ़ाया क्योंकि वे खुद एक शिक्षक हैं और इसका उन्हें काफी फायदा मिला. बड़ा भाई फार्मा की पढ़ाई भोपाल में कर रहा है.
वे कहती हैं कि टॉप टेन में आऊंगी ऐसा सोचा था, लेकिन यह नहीं सोचा था कि राज्य में टॉप ही कर जाऊंगी. मैनें बस योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई की और मुझे सफलता मिली. आगे भी यह जारी रहेगा. हर विषय को बराबर समय देती थी. बीच-बीच में ब्रेक लेती थी. पेपर भी पढ़ती थी. नये स्टूडेंट्स के लिए बताया कि बस अपना बेस्ट देने की कोशिश करें.
साइकिल रिपेयरिंग की दुकान चला बेटे को बनाया टॉपर
मनीष
जहानाबाद में उच्च विद्यालय हुलासगंज के छात्र मनीष कुमार ने बोर्ड की परीक्षा में 450 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया. जिला टॉपर का तमगा भी मनीष के नाम ही रहा. मनीष आईआईटी की तैयारी में जुटा हुआ है. वह एक सफल इंजीनियर बन देश की सेवा करना चाहता है.
इसके लिए वह बोर्ड की परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही तैयारी में जुट गया है. वर्तमान में वह पटना में रहकर एक निजी कोचिंग संस्थान में आईआईटी के साथ 12वीं की तैयारी कर रहा है. मनीष के पिता सुखदेव पंडित हुलासगंज बाजार में साइकिल रिपेयरिंग की दुकान चलाते हैं. अपने बेटे की सफलता से गदगद सुखदेव ने कहा कि वह कभी भी पढ़ाई में बाधक नहीं बने हैं.
बेटे की सफलता से उत्साहित मनीष के पूरे परिवार ने कहा कि उसके बेटे ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण इलाके में रहकर भी बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है. बेटे की सफलता से पूरा परिवार काफी उत्साहित व गौरवान्वित महसूस कर रहा है.
बाइक मिस्त्री के बेटे को टॉप टेन में आठवां स्थान
यशवंत राज
चेहराकलां में प्रखंड क्षेत्र के चपैठ निवासी मोटरसाइकिल मेकैनिक का लड़का मैट्रिक में 447 अंक के साथ स्टेट टॉप टेन में आठवां स्थान प्राप्त किया है.
चपैठ निवासी रंधीर कुमार सिंह के 17 वर्षीय पुत्र यशवंत राज मैट्रिक परीक्षा में 447 अंक लाकर स्टेट टॉप टेन में आठवां प्राप्त करने से परिवार में खुशी का माहौल है. वह जमुई के सिमुलत्तला आवासीय विद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा दिया था. उसकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई. उसने राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चपैठ में छठी कक्षा तक की पढ़ाई की. 2014 में वह सातवीं कक्षा के लिए सिमुलत्तला आवासीय विद्यालय जमुई में प्रतियोगिता परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रवेश किया. वह सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और सिमुलत्तला के शिक्षक को देता है.
यशवंत ने अपनी सफलता का राज नियमित 15 घंटे की पढ़ाई को बताया. यशवंत पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट, बैडमिंटन तथा टीवी के कॉमेडी शो में रुचि रखता है. वह आगे चल कर चार्टर्ड एकाउंट बनना चाहता है.
पटना के बारीपथ स्थित न्यू ओम हॉस्टल में प्रेरणा की इस सफलता से छात्राएं काफी खुश हैं कि उनके बीच से किसी छात्रा ने टॉप किया है. हॉस्टल में उत्साहजनक माहौल था. सभी प्रेरणा को बधाई दे रही थीं. मिठाई खिला रही थीं. हालांकि इस मौके पर वे अभी अपने माता-पिता से दूर हैं. उन्हें काफी मिस कर रही हैं. वे भागलपुर अपने घर जाकर भी सेलिब्रेट करेंगी. वैसे वहां भी सेलिब्रेशन चल रहा है.
भविष्य में डॉक्टर बनना चाहता है मनीष
मनीष
अंक प्राप्त
चेबहेड़ी (दरभंगा). शांति नायक हाइस्कूल के छात्र मनीष कुमार ने मैट्रिक की परीक्षा में 448 अंक प्राप्त कर बिहार में सातवां स्थान प्राप्त किया है.
मनीष ने अपनी प्रतिभा से स्कूल के साथ, गांव एवं जिला का नाम रोशन किया है. इस सफलता को लेकर उसके गांव बेलही में देर शाम तक मां-पिता को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा. नियोजित शिक्षक नवीन कुमार व गृहणी बेबी देवी का पुत्र मनीष चिकित्सक बनना चाहता है. उसकी सफलता पर भाई आलोक, सचिन, दादी माया देवी अन्य लोगों ने खुशी जतायी है.
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