बिहार में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनाने के नियम बदले, जानिए अब किन-किन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 13 Apr 2026 5:52 PM
सांकेतिक तस्वीर
Bihar News: बिहार में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के नियम बदल गए हैं. अब ज्यादा दस्तावेज अनिवार्य होने से आम लोगों और छात्रों की परेशानी बढ़ गई है. जानिए नए नियम के मुताबिक कौन-कौन से डॉक्युमेंट्स जरूरी हैं.
Bihar News: बिहार में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. सरकार के इस नए फैसले का असर सबसे ज्यादा आम लोगों और खासकर छात्रों पर पड़ रहा है, जिन्हें अब पहले से ज्यादा डॉक्युमेंट्स जुटाने पड़ रहे हैं.
नए नियम से बढ़ी लोगों की परेशानी
नए नियम लागू होने के बाद प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा कठिन हो गई है. पहले जहां सिर्फ आधार कार्ड के जरिए आवेदन कर प्रमाण पत्र बन जाता था, वहीं अब कई अतिरिक्त दस्तावेज अनिवार्य कर दिए गए हैं. इस बदलाव की जानकारी न होने के कारण बड़ी संख्या में लोग आरटीपीएस काउंटर पर पहुंच रहे हैं, लेकिन अधूरे दस्तावेज होने के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है.
ऑनलाइन आवेदन भी हो रहे रिजेक्ट
स्थानीय बाजारों में स्थित कैफे, वसुधा केंद्र या अन्य माध्यमों से किए जा रहे ऑनलाइन आवेदन भी नए नियमों के कारण रिजेक्ट हो जा रहे हैं. इससे छात्रों और आम नागरिकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
जाति प्रमाण पत्र के लिए जरूरी दस्तावेज
अब जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए खतियान, दान पत्र, जमीन से जुड़े कागजात, भूमिहीनों का पर्चा या अन्य राजस्व अभिलेख देना अनिवार्य कर दिया गया है. इन दस्तावेजों के बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा.
आय प्रमाण पत्र के लिए क्या चाहिए
आय प्रमाण पत्र के लिए अब सैलरी स्लिप, पेंशन स्लिप या आयकर रिटर्न जैसे डॉक्युमेंट्स जरूरी कर दिए गए हैं. इससे नौकरीपेशा और अन्य आवेदकों को भी अतिरिक्त कागजात जुटाने पड़ रहे हैं.
निवास प्रमाण पत्र के लिए बढ़ी शर्तें
निवास प्रमाण पत्र के लिए भी अब कई दस्तावेज अनिवार्य कर दिए गए हैं. इसमें खतियान, दान पत्र, वासगीत पर्चा, राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल, टेलीफोन बिल और आधार कार्ड शामिल हैं. इनमें से जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा.
आवेदन पूरी तरह फ्री, नहीं लगेगा कोई शुल्क
अधिकारियों ने साफ किया है कि अब आरटीपीएस के तहत किसी भी प्रमाण पत्र के लिए कोई सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा. आवेदन पूरी तरह मुफ्त किया जाएगा और तय समय सीमा के अंदर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा. साथ ही, आवेदक अपनी मूल प्रति आरटीपीएस काउंटर से बिना किसी शुल्क के प्राप्त कर सकेंगे.
बदलाव से लोगों में बढ़ी असमंजस की स्थिति
नए नियमों के कारण जहां सरकार पारदर्शिता और सटीकता लाने की बात कर रही है, वहीं आम लोगों में असमंजस और परेशानी की स्थिति बन गई है. खासकर छात्रों को समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिलने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
Also Read: बिहार की नई कैबिनेट का फॉर्मूला लगभग तैयार, BJP के इन नए चेहरों को मिल सकता है मौका
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










