#ChaloChamparan परमेश्वर अय्यर : कौन हैं यह स्वच्छाग्रही अफसर जिनके पीएम मोदी भी मुरीद हैं?

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Apr 2018 3:18 PM

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पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कर्मभूमि चंपारण पहुंचे. उन्होंने यहां स्वच्छता, बापू के योगदान और बिहार की नीतीश कुमार सरकार के कामकाज का अपने संबोधन में प्रमुखता से उल्लेख किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान अंतरराष्ट्रीय सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि स्वच्छता के जरिये एक परिवार का सालाना […]

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पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कर्मभूमि चंपारण पहुंचे. उन्होंने यहां स्वच्छता, बापू के योगदान और बिहार की नीतीश कुमार सरकार के कामकाज का अपने संबोधन में प्रमुखता से उल्लेख किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान अंतरराष्ट्रीय सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि स्वच्छता के जरिये एक परिवार का सालाना बजट 50 हजार रुपये तक कम हो सकता है, क्योंकि जब परिवार स्वच्छता अपना लेता है तो बीमारियां कम हो जाती हैं और डॉक्टरों के पास जाने की जरूरत कम पड़ती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान एक पूर्व आइएएस अफसर परमेश्वर अय्यर का प्रमुखता से नाम लिया और इसके लिए उनके प्रयास का उल्लेख किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि परमेश्वर अय्यर आइएएस की नौकरी छोड़ कर अमेरिका चले गये थे, लेकिन उनके आग्रह पर वे भारत वापस आ गये. उन्होंने टीवी वालों से आग्रह किया कि वे अपने कैमरे से लोगों को परमेश्वर अय्यर का चेहरा दिखायें. पीएम के इस अाग्रह के बाद परमेश्वर अय्यर ने भी अपनी सीट से उठ कर सभी का अभिवादन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियाे पर मन की बात के कार्यक्रम में भी परमेश्वर अय्यर की चर्चा व प्रशंसा कर चुके हैं.

परमेश्वर अय्यर 1981 बैच के आइएएस अफसर हैं, जो परम के नाम से लोकप्रिय हैं. उन्होंने अपना ट्विटर एकाउंट भी परम अय्यर के नाम से बनाया हुआ है और उनका ट्वीट स्वच्छाग्रह से भरा हुआ है. जैसे, सोमवार को ही उन्होंने सेंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक का वह ट्वीट रिट्वीट किया, जिसमें वे बापू की तसवीर के साथ चलो चंपारण का आग्रह करते हुए दिखते हैं.

आइएएस की नौकरी छोड़ने के बाद परम अय्यर ने वर्ल्ड बैंक में काम किया और वहां भी स्वच्छता विभाग का ही वे काम देखते थे. उन्होंने एक प्रोग्राम मैनेजर के रूप में वाटर एंड सेनिटेशन प्रोग्राम काे लीड किया. उनके आइएएस की नौकरी छोड़ कर जाने के सात साल बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे आग्रह किया कि वे स्वदेश में स्वच्छता के लिए पुन: सक्रिय रूप में काम करें. अय्यर ने प्रधानमंत्री का आग्रह मान लिया. ऐसे मेंसरकारने उन्हें सेनिटेशन स्पेशलिस्ट यानी स्वच्छता विशेषज्ञ की हैसियत से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का सचिव बनाया गया. इस रूप में उन्हें स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने की जिम्मेवारी मिली.

अय्यर को स्वच्छता के क्षेत्र में काम करने का लंबा अनुभव है. उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में ही लगभग दो दशक का समय गुजारा है. हालांकि वे कुछ दूसरे विभागों में भी काम कर चुके हैं. वे रक्षा मंत्रालय व कपड़ा मंत्रालय में भी कुछ समय काम कर चुके हैं. वे यूपी के बिजनौर में डीएम भी रहे, पर उन्होंने काम का असली आनंद पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में ही लिया. उन्होंने यूएनओ के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम में 1998 से 2006 तक लंबा वक्त गुजारा, जहां वे सीनियर वाटर एंड सेनिटेशन स्पेशलिस्ट के रूप में काम कर रहे थे. यह सरकार से स्वीकृत एसाइमेंट था और वे भारत सरकार के डायरेक्टर रैंक के अफसर थे.

उन्होंने जून 2009 में आइएएस की नौकरी छोड़ दी. और, अब प्रधानमंत्री के आग्रह पर राष्ट्रसेवा में जुटे हुए हैं.

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