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बिहार :शराब छूटी तो बन गये सब्जी के थोक विक्रेता, पत्नी बोलीं हमारे लिए कोई भगवान है तो वह हैं नीतीश कुमार

Updated at : 03 Apr 2018 6:10 AM (IST)
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बिहार :शराब छूटी तो बन गये सब्जी के थोक विक्रेता, पत्नी बोलीं हमारे लिए कोई भगवान है तो वह हैं नीतीश कुमार

II अजय कुमार II कर्ज में डूबे सुनील आज Rs 2000 तक रोज कमाने लगे मसौढ़ी : दो साल पहले राज्य में हुई पूर्ण शराबबंदी मसौढ़ी शहर के कश्मीरगंज मुहल्ले के सुनील साव केसरी के लिए नया जीवन बन कर आयी. न केवल उनके घर-गृहस्थी में खुशहाली लौटी, बल्कि अपनी उजड़ चुकी सब्जी की दुकान […]

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II अजय कुमार II
कर्ज में डूबे सुनील आज Rs 2000 तक रोज कमाने लगे
मसौढ़ी : दो साल पहले राज्य में हुई पूर्ण शराबबंदी मसौढ़ी शहर के कश्मीरगंज मुहल्ले के सुनील साव केसरी के लिए नया जीवन बन कर आयी.
न केवल उनके घर-गृहस्थी में खुशहाली लौटी, बल्कि अपनी उजड़ चुकी सब्जी की दुकान को ऐसे संभाला कि वह सब्जी के खुदरा से थोक कारोबारी बन गये. सुनील आज रोज 1500 से 2000 रुपये तक कमा लेते हैं.
इस काम में इनका साथ बड़े भाई राजू साव केसरी और बेटा गुड्डू केसरी बखूबी निभा रहे हैं सुनील और उनके बड़े भाई राजू की स्थानीय कुशवाहा मार्केट में सब्जी की बड़ी दुकान पहले हुआ करती थी. दुकान अच्छी-खासी चलती थी, लेकिन इसी बीच सुनील व उसके बड़े भाई राजू को शराब पीने की लत लग गयी. धीरे- धीरे दोनों भाइयों की स्थिति यह हो गया कि पूरे दिन शराब के नशे में ही रहने लगे.
नतीजतन इनकी दुकान उजड़ हो गयी. उस वक्त सुनील का एकमात्र पुत्र गुड्डू की उम्र करीब 15 वर्ष थी. उसने अपने पिता व चाचा की उजड़ चुकी दुकान को किसी प्रकार कर्ज लेकर डाकबंगला रोड में स्थापित किया. दुकान घीरे-घीरे चलनी शुरू हुई. गुड्डू पर अपनी तीन बहनों के साथ मां, चाचा, चाची व चचेरे भाई समेत पिता को देखने की जिम्मेदारी और कर्ज का पैसा भी लौटाने की जवाबदेही थी. ऊपर से आदत से मजबूर पिता व चाचा को प्रतिदिन शराब के लिए पैसा देने को लेकर झंझट अलग. इसी बीच दो वर्ष पूर्व राज्य में पूर्ण शराबबंदी हो गयी. शराब मिलना बंद हो गया.
सुनील व राजू ने मजबूर होकर शराब छोड़ दी. दोनों अपनी दुकान संभालीं और उनके पुत्रों ने दोनों का साथ दिया. एक वर्ष पूर्व सुनील जो पहले फुटपाथ पर बैठ सब्जी बेचा करते थे, आज सब्जी के थोक व्यापारी बन गये हैं. डाकबंगला रोड में ही अपनी फुटपाथ दुकान के पास एक बड़ी-सी दुकान ले ली. हालांकि, फुटपाथ वाली दुकान को नहीं बंद की है.
शराबबंदी के बाद सुनील की जिंदगी बदल गयी. अब प्रतिदिन पंद्रह सौ से दो हजार कमाने लगा. सुनील ने अपने एक पुत्री व पुत्र की शादी भी धूमधाम से कर ली है. इधर राजू का भी एकमात्र पुत्र सुजीत, जिसने बीच के दिनों में पढ़ाई छोड़ दी थी, आज मैट्रिक पास कर इंटर की पढ़ाई कर रहा है.
पत्नी बोलीं
हमारे लिए कोई भगवान है तो वह हैं नीतीश कुमार
सुनील की पत्नी नीरा देवी समेत घर की अन्य महिलाएं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार प्रकट करती हैं. नीरा कहती हैं कि शराबबंदी कर उन्होंने हमारे जैसी महिलाओं को जीने का साहस दिया है. सच में हमारे लिए अगर कोई भगवान है तो वह हैं नीतीश कुमार, जिनकी वजह से हमारी उजड़ी जिंदगी वापस खुशहाल हो गयी. नीरा देवी नित्य भगवान के साथ-साथ नीतीश कुमार की भी पूजा करना नहीं भूलती हैं.
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