ePaper

तेजस्वी ने ताजा ट्वीट कर नीतीश को आंध्र प्रदेश के सीएम से सीखने की दी सलाह, पढ़ें

Updated at : 07 Feb 2018 2:02 PM (IST)
विज्ञापन
तेजस्वी ने ताजा ट्वीट कर नीतीश को आंध्र प्रदेश के सीएम से सीखने की दी सलाह, पढ़ें

पटना : बिहार में इन दिनों प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं. लगातार वह ट्वीट कर नीतीश कुमार पर सियासी हमले बोल रहे हैं. इसी क्रम में बुधवार को उन्होंने नीतीश कुमार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से सीखने की सलाह दे डाली. हालांकि, इस सलाह का असर कितना होता […]

विज्ञापन

पटना : बिहार में इन दिनों प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं. लगातार वह ट्वीट कर नीतीश कुमार पर सियासी हमले बोल रहे हैं. इसी क्रम में बुधवार को उन्होंने नीतीश कुमार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से सीखने की सलाह दे डाली. हालांकि, इस सलाह का असर कितना होता है, यह बाद की बात है, उससे पहले जदयू की ओर तेजस्वी यादव को जवाब मिलने शुरू हो जाने की संभावना जतायी जा रही है. तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा है कि नीतीश कुमार को अपने निजी लाभ के लिए भाजपा का शिकार नहीं होना चाहिए. उन्हें हर हाल में बिहार के विशेष राज्य के दर्जे की मांग को केंद्र सरकार के सामने रखना चाहिए.

तेजस्वी ने ट्वीट कर यह लिखा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से सीख लेनी चाहिए कि कैसे वे मोदी सरकार को आंध्र में विकास कार्यों के लिए निधि हेतु अतिरिक्त बजटीय वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए लगातार मजबूर कर रहे हैं. इससे पूर्व तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को पत्र लिखकर बिहार को विशेष राज्य के दर्जा की मांग उठाने की हिम्मत जुटाने का आग्रह किया था. उन्होंने कहा था कि बिहार के हितों के लिए सीएम अधिकार रैली करेंगे तो राजद भी उनके साथ खड़ा होगा. राज्य की जनता जदयू के अधिकार रैली की याद दिलाते हुए पूछ रही है कि जब राज्य में डबल इंजन की सरकार है तो जदयू अधिकार रैली क्यों नहीं कर रहा. राज्य हित की बात करने वाले जदयू को केंद्रीय बजट में बिहार के हितों की उपेक्षा करने पर केंद्र सरकार का विरोध तो करना ही चाहिए था.

तेजस्वी यादव ने बजट को लेकर भी बिहार के संदर्भ में बयान देते हुए कहा था कि केंद्रीय बजट में भी बिहार की जनता की अपेक्षाओं और हितों की अनदेखी की गयी है. इसके पीछे कारण है कि केंद्र और राज्य सरकार किन्हीं अज्ञात कारणों से आपस में तालमेल नहीं बिठा पाई है. एक-दूसरे पर राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करने के भाजपा और जदयू की मंशा के बीच राज्य की जनता पीस रही है.

तेजस्वी ने कहा था कि बिहार की पुरानी मांग व हितों के एवज में सीएम ने अपने व्यक्तिगत हितों को ऊपर रखा. व्यक्तिगत स्वार्थों की पूर्ति के लिए उन्हें बिहार के अधिकार से समझौता नहीं करना चाहिए था. तेजस्वी ने कहा कि पटना में दो आलीशान बंगले को लेकर सुशील मोदी ने सीएम को पत्र लिख कर पूछा था कि परिवार में मात्र एक सदस्य होने के बाद दो आलीशान बंगला क्यों लिये हैं. अब दिल्ली में तीसरा आलीशान बंगला मिला है. तेजस्वी ने तंज कसते हुए लिखा था कि सुशील मोदी क्या अब सीएम को दोबारा पत्र लिखेंगे. दिल्ली में बिहार निवास व बिहार भवन के बाद भी मुख्यमंत्री को कौन सी ऐसी प्राइवेसी चाहिए जो इतना बड़ा बंगला लिया है. में रहते हैं. लालची कौन है जवाब दीजिए. सीएम अब अपनी जेड प्लस सुरक्षा को जरूरत बता रहे हैं.

यह भी पढ़ें-
आम चुनाव 2019 : सीटों के समीकरण को लेकर बिहार की सियासत में बाहर शांति, अंदर बवाल, जानें पूरी बात

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन