Patna News: पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारी तेज हो गई है. इसी के तहत रविवार से 25 जनवरी तक आम लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. सुबह और शाम की सैर-सपाटे पर भी प्रतिबंध रहेगा.
रविवार से परेड की रिहर्सल शुरू होगी, जिसमें 20 टुकड़ियां हिस्सा लेंगी. प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व बताते हुए कहा है कि समारोह के दिन पूरे गांधी मैदान की निगरानी 128 सीसीटीवी कैमरों, 18 वॉच टावर और नियंत्रण कक्ष से की जाएगी.
चार जोन में बंटा गांधी मैदान, अधिकारी तैनात
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने शनिवार को गांधी मैदान पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि गांधी मैदान को चार जोन में बांटा गया है और हर जोन की जिम्मेदारी एडीएम और एएसपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है. बैठने की व्यवस्था, प्रोटोकॉल, सुरक्षा घेरा और आपात प्रबंधन जैसे सभी काम तय मानकों के अनुसार किए जा रहे हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि समारोह पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो.
सुरक्षा में हाईटेक निगरानी, हर गतिविधि पर नजर
गांधी मैदान में अस्थायी थाना और अस्थायी नियंत्रण कक्ष बनाया गया है. यहां से पूरे परिसर की लगातार मॉनिटरिंग होगी. 18 वॉच टावर से सुरक्षाकर्मी हर कोने पर नजर रखेंगे, जबकि 128 सीसीटीवी कैमरे चप्पे-चप्पे की गतिविधियों को रिकॉर्ड करेंगे. किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. यह व्यवस्था समारोह को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.
परेड रिहर्सल आज से, 24 जनवरी तक चलेगा अभ्यास
रविवार से परेड की रिहर्सल शुरू हो रही है, जो 24 जनवरी तक चलेगी. इसमें कुल 20 टुकड़ियां शामिल होंगी. पुलिस, एनसीसी, स्कूली छात्र-छात्राएं और विभिन्न बलों की टुकड़ियां परेड अभ्यास में भाग लेंगी. परेड को समय पर और अनुशासित तरीके से पूरा कराने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं.
स्वास्थ्य और अग्निशमन की पूरी तैयारी
गणतंत्र दिवस समारोह के दिन प्राथमिक उपचार की पूरी व्यवस्था रहेगी. चिकित्सक, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, आवश्यक दवाएं और उपकरण मौके पर उपलब्ध रहेंगे. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दो अग्निशामक दस्तों को भी तैनात किया जाएगा. प्रशासन ने इसे एक बहुस्तरीय सुरक्षा और सुविधा मॉडल के तौर पर तैयार किया है.
महादलित टोलों में विशेष आयोजन की तैयारी
डीएम ने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर सभी महादलित टोलों में भी झंडोत्तोलन किया जाएगा. वहां झंडोत्तोलन का सम्मान सबसे बुजुर्ग व्यक्ति को दिया जाएगा, जिससे सामाजिक समरसता और सहभागिता का संदेश जाए.
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