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'पॉक्सो क्यों नहीं लगाया? मनीष की अब क्या जरूरत…?' पटना NEET छात्रा केस में CBI से कोर्ट के तीखे सवाल

Updated at : 28 Feb 2026 6:04 PM (IST)
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शंभू गर्ल्स हॉस्टल और जेल में बंद मनीष रंजन की तस्वीर

Patna NEET Student Death Case: पटना NEET छात्रा मामले में गिरफ्तार बिल्डिंग मालिक मनीष रंजन को फिलहाल जमानत नहीं मिली है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान CBI और SIT से तीखे सवाल किए और मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च तय की है. आरोपी पिछले 45 दिनों से बेउर जेल में बंद है.

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Patna NEET Student Death Case: पटना के चर्चित NEET छात्रा मामले में गिरफ्तार बिल्डिंग मालिक मनीष रंजन को फिलहाल राहत नहीं मिली है. कोर्ट में उसकी जमानत याचिका पर करीब ढाई घंटे तक सुनवाई चली. लेकिन अदालत ने बेल देने से इनकार कर दिया. अब मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च को होगी.

CBI से कोर्ट के तीखे सवाल

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने CBI को फटकार लगाई. अदालत ने पूछा कि जब मामला गंभीर है तो पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगाया गया? CBI ने 12 फरवरी को 307 यानी हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था. कोर्ट ने पूछा कि 15 दिन की जांच में मनीष रंजन के खिलाफ क्या सबूत जुटाए गए? क्या अब भी उसकी जरूरत जांच के लिए है? अगर केवल अटेम्प्ट टू मर्डर का केस है, तो स्पष्ट बताएं कि हिरासत क्यों जरूरी है.

SIT और थानेदार के बयान में फर्क

17 जनवरी तक केस की जांच चित्रगुप्त नगर थाने की तत्कालीन प्रभारी रौशनी कुमारी कर रही थीं. बाद में जांच SIT को सौंपी गई. कोर्ट ने रौशनी से पूछा कि मनीष पर क्या आरोप हैं? कौन-कौन से सबूत जब्त किए? सबूत 24 घंटे में कोर्ट में क्यों नहीं दिए? उन्होंने छात्रा का मोबाइल और हॉस्टल का DVR जब्त किया था.

रौशनी ने कहा कि 17 जनवरी को सब SIT को सौंप दिया था. लेकिन SIT का कहना था कि उन्हें 24 जनवरी को सामान मिला. दोनों के बयान अलग थे. पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि सबूतों से छेड़छाड़ हुई है.

SDPO से भी पूछताछ

SIT को लीड कर रहीं सचिवालय SDPO-1 डॉ. अन्नू कुमारी से भी कोर्ट ने सवाल किए. मनीष कब और कहां था? बिहार से बाहर कब गया? कब पकड़ा गया? क्या बयान दिया? डॉ. अन्नू ने बताया कि CDR खंगाला गया है और लोकेशन का मिलान किया गया है.

अस्पताल स्टाफ से 5 घंटे पूछताछ

मामले की जांच कर रही CBI टीम प्रभात अस्पताल भी पहुंची. एक महिला स्टाफ से करीब 5 घंटे पूछताछ हुई. स्टाफ ने बताया कि छात्रा बेहोशी की हालत में लाई गई थी. उसके शरीर पर खरोंच के निशान थे. उसने कहा कि अस्पताल में दुष्कर्म की चर्चा थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म का जिक्र है. जबकि अस्पताल ने मौत की वजह नशीली दवा का ओवरडोज बताया था. इस विरोधाभास को लेकर भी सवाल उठे हैं. स्टाफ ने कहा कि डॉक्टर सतीश को लेकर उससे कोई पूछताछ नहीं हुई.

45 दिन से बेउर जेल में बंद

मनीष रंजन पिछले 45 दिनों से बेउर जेल में बंद है. 14 जनवरी को उसे गिरफ्तार किया गया था. वह शंभू गर्ल्स हॉस्टल चलने वाली बिल्डिंग का मालिक है. पीड़ित परिवार ने कोर्ट में जमानत का विरोध किया. उनके वकील ने कहा कि मनीष इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता है. उसे बेल नहीं दी जानी चाहिए.

अब 2 मार्च को अगली सुनवाई में सभी की नजरें टिकी हैं. कोर्ट CBI और SIT के जवाबों पर आगे फैसला लेगा.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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