1 अप्रैल से पटना में वेस्ट मैनेजमेंट के नए नियम लागू ,लापरवाही पर लगेगा जुर्माना

Updated at : 01 Apr 2026 9:55 AM (IST)
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olid Waste Management Rules

1 अप्रैल 2026 से 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स पटना में लागू

Patna News: पटना नगर निगम ने शहर को साफ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए आज से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स' लागू कर दिया है, जिसके तहत कचरा अलग-अलग करना अनिवार्य होगा. साथ ही 100 से अधिक लोगों के किसी भी आयोजन से पहले निगम को सूचना देना जरूरी कर दिया गया है.

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Patna News: पटना शहर में अब हर घर, दुकान और बड़े संस्थानों के लिए कचरा फेंकने के मायने पूरी तरह बदल गए हैं.

पटना नगर निगम ने आज यानी 1 अप्रैल 2026 से ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स’ को सख्ती से लागू कर दिया है. नियम तोड़ने पर न केवल जुर्माना लगेगा, बल्कि सफाईकर्मी आपका कचरा लेने से भी मना कर देंगे.

निगम को देनी होगी ‘एडवांस सूचना’

अब पटना में किसी भी सार्वजनिक स्थान, पार्क या निजी मैदान में 100 से ज्यादा लोगों का इवेंट करना है, तो आपको कम से कम तीन दिन पहले नगर निगम को जानकारी देनी होगी.

आयोजकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे कार्यक्रम के बाद निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर निगम की गाड़ी को सौंपें. अगर ऐसा नहीं किया गया, तो आयोजकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

घरों में एक डस्टबिन से काम नहीं चलेगा

नए नियमों के मुताबिक, अब आपको अपने घर या संस्थान में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन रखने होंगे. हरे रंग में गीला कचरा (रसोई का सामान), नीले में सूखा कचरा (प्लास्टिक, कागज), लाल में सैनिटरी कचरा (डायपर, नैपकिन) और काले डस्टबिन में विशेष देखभाल वाला कचरा (बल्ब, दवाइयां, ई-वेस्ट) रखना अनिवार्य है.

सफाई गाड़ियों में भी अब ये चार अलग डिब्बे होंगे, और यदि आपने मिक्स कचरा दिया, तो गाड़ी उसे बिना लिए आगे बढ़ जाएगी.

‘सेल्फ-डिस्पोजल’ का सख्त फरमान

जिन होटलों, अपार्टमेंट्स या मॉल्स से रोजाना 100 किलो से ज्यादा कचरा निकलता है, उन्हें अब खुद ही उसका निपटारा करना होगा. ऐसे संस्थानों को ‘थोक कचरा उत्पादक’ की श्रेणी में रखा गया है और उनके लिए निगम के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है. होटल, अस्पताल, मॉल और अपार्टमेंट जैसे बड़े संस्थानों के लिए यह नियम और भी सख्त तरीके से लागू किया जाएगा.

उन्हें अपने परिसर के भीतर ही गीले कचरे से खाद या बायोगैस बनाने की तकनीक अपनानी होगी. सड़क पर कचरा फेंकने या उसे जलाने वालों पर अब ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए भी नजर रखी जा सकती है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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