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सरकार ने दे दिया 14.53 करोड़ रुपए, फिर भी मधुबनी में शुरु नहीं हुआ आधुनिक बस स्टैंड निर्माण

Updated at : 15 Jun 2025 7:30 PM (IST)
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शहर को आधुनिक बस स्टैंड निर्माण की योजना एक बार फिर अधर में लटक गयी है. जमीन की अनुपलब्धता के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना पर काम शुरू ही नहीं हो पा रहा है, जबकि नगर विकास व आवास विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त होने के साथ ही प्रथम फेज के लिए राशि का आवंटन भी पहले ही हो चुका है.

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मधुबनी: मिथिलांचल में सदियों पुरानी एक प्रसिद्ध कहावत है, ‘’पानी में मछली नौ नौ कुटिया बखरा.’’  कहावत इन दिनों शहर में बस स्टैंड निर्माण पर सौ फीसदी सच बैठ रही है. सालों से जमीन तलाश की प्रक्रिया जारी है, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है. इस बीच हाईटेक बनेगा बस स्टैंड की बातें चारों ओर हो रही है. बीते दिनों नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री भी मधुबनी में आकर हाईटेक बस स्टैंड बनाये जाने की बातें कर गये, लेकिन हालात यह है कि कहीं भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पायी.

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अधर में लटक रही योजना

शहर को आधुनिक बस स्टैंड निर्माण की योजना एक बार फिर अधर में लटक गयी है. जमीन की अनुपलब्धता के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना पर काम शुरू ही नहीं हो पा रहा है, जबकि नगर विकास व आवास विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त होने के साथ ही प्रथम फेज के लिए राशि का आवंटन भी पहले ही हो चुका है. नगर विकास व आवास विभाग ने 4 फरवरी 2025 को ही इसके लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर चुका है. इसके लिए 14 करोड़ 53 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति के साथ ही उसी दिन आवंटित कर दिया गया. लगभग चार माह बीतने के बाद भी भूमि नहीं मिल पाने के कारण इस दिशा में कोई पहल नहीं हो सका है. निगम के अधिकारियों के अनुसार शहर के रामपट्टी क्षेत्र में बस स्टैंड निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल मत्स्य विभाग की भूमि है, लेकिन संबंधित विभाग से अब तक एनओसी नहीं मिल पाया है.

निजी भूमि की भी चल रही तलाश

रांटी, सौराठ और पंडौल मार्ग में सरकारी या फिर निजी भूमि को अधिग्रहण करने या लीज पर लेने की कवायद भी चल रही है. सूत्रों के मुताबिक भूमि चयन कर उसका प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है. जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरु होने की संभावना है. जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग की टीम ने संभावित सरकारी भूखंडों की पहचान कर ली है. वहीं इस प्रक्रिया में सफलता नहीं मिलने पर निजी भूमि भी लीज पर लेने की कवायद चल रही है. इस माह भूमि को लेकर निर्णय होने की संभावना व्यक्त की जा रही है.

ऑटो स्टैंड का निर्माण भी अटका

स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं व्यवसायिक संगठनों की शिकायत है कि भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने में संबंधित विभागों की सुस्ती सबसे बड़ी बाधा बन रही है. यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो शहर को एक आधुनिक बस टर्मिनल की सुविधा से वर्षों तक वंचित रहना पड़ेगा. हाल के दिनों में ही स्टेशन के सामने सरकारी भूमि को चिन्हित कर रहिका अंचल की अनुशंसा और अंचल के सभी अधिकारियों की उपस्थिति में निगम की ओर से ऑटो स्टैंड का निर्माण शुरू हुआ. स्थल से सभी सामानों को हटाकर सामग्रियां गिरायी गयी और निर्माण शुरू हुआ, लेकिन अंचल की ओर से लगभग एक सप्ताह बाद काम रोक दिया गया. कहा गया कि मामला न्यायालय में लंबित है.

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क्या कहते हैं अधिकारी?

नगर आयुक्त अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि बस स्टैंड के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित करने की कवायद चल रही है. उम्मीद है कि शीघ्र इस संबंध में निर्णय होगा और शहरवासियों को आधुनिक बस स्टैंड की सुविधा मिल पायेगी.

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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