सीडीपीओ से रंगदारी मांगने का आरोप निकला झूठा

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सीडीपीओ से रंगदारी मांगने का आरोप निकला झूठा

एसडीपीओ की जांच में हुआ खुलासा

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एसडीपीओ की जांच में हुआ खुलासा प्रतिनिधि, कौआकोल/ नवादा सदर कौआकोल थाना में दर्ज कांड संख्या 16/26 में बड़ा खुलासा सामने आया है. कौआकोल बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) अंजलि कुमारी की ओर से बीस सूत्री उपाध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा एवं विनय कुशवाहा पर लगाये गये रंगदारी मांगने के आरोप को पुलिस जांच में असत्य पाया गया है. मामले की जांच रविवार को पकरीबरावां एसडीपीओ राकेश कुमार भास्कर ने की. जांच के उपरांत एसडीपीओ ने बताया कि बीस सूत्री की बैठक में कथित अनियमितताओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी. इसी क्रम में शनिवार को बीस सूत्री उपाध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा एवं विनय कुशवाहा परियोजना कार्यालय पहुंचे थे. इसके बाद सीडीपीओ द्वारा कौआकोल थाना में रंगदारी मांगने आदि का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. हालांकि, रविवार को अनुसंधान के दौरान घटनाक्रम की बारीकी से जांच की गयी, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि अंकित विश्वकर्मा एवं विनय कुशवाहा द्वारा रंगदारी मांगे जाने का कोई ठोस प्रमाण नहीं है. जांच में लगाये गये आरोप तथ्यहीन पाये गये. मामला प्रशासनिक कार्यों में कथित अनियमितता की शिकायत और आपसी तकरार से जुड़ा हुआ था, जिसे रंगदारी का रूप दे दिया गया. फिलहाल, पुलिस जांच के निष्कर्ष के आलोक में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है. इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग जांच रिपोर्ट को मामले की सच्चाई सामने लाने वाला कदम बता रहे हैं.

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