मामलों की तहकीकात कर वास्तविकता से हों रूबरू : एसपी

Updated at : 17 Jan 2016 7:03 PM (IST)
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मामलों की तहकीकात कर वास्तविकता से हों रूबरू : एसपी

मामलों की तहकीकात कर वास्तविकता से हों रूबरू : एसपी कांडों के निष्पादन को लेकर थानाध्यक्षों को दिया गया प्रशिक्षण फोटो-1प्रतिनिधि, नवादा (सदर)जिले भर के सभी थानाध्यक्षों के साथ ही वरीय पुलिस अधिकारियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण देकर कांडों के निष्पादन के साथ-साथ कांड की बेहतर अनुसंधान और कांड की गुणवत्ता को मजबूत बनाने संबंधी […]

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मामलों की तहकीकात कर वास्तविकता से हों रूबरू : एसपी कांडों के निष्पादन को लेकर थानाध्यक्षों को दिया गया प्रशिक्षण फोटो-1प्रतिनिधि, नवादा (सदर)जिले भर के सभी थानाध्यक्षों के साथ ही वरीय पुलिस अधिकारियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण देकर कांडों के निष्पादन के साथ-साथ कांड की बेहतर अनुसंधान और कांड की गुणवत्ता को मजबूत बनाने संबंधी जानकारी दी गयी. पुलिस अधीक्षक विकास बर्मन ने रविवार को समाहरणालय स्थित सभागार में प्रशिक्षण देते हुए कहा कि कई ऐसे मामले आतें है जिनमें जनता का दबाव पड़ने के बाद वे मामले टांय-टांय फिस्स हो जाते हैं. लेकिन, ऐसे ही मामलों की तहकीकात कर उसकी वास्तविक स्थिति से रूबरू होना ही बेहतर अनुसंधान माना जायेगा. उन्होंने प्रशिक्षण देते हुए कहा कि एफआइआर दर्ज करने के दौरान ही आवेदक के आवेदन तथा साक्ष्यों को जोड़ कर उसमें कई ऐसे धाराओं को लगाया जा सकता है, जिससे आरोपित बच न पाये और उसे कड़ी से कड़ी सजा मिल पाये. पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्षों के साथ-साथ वरीय पुलिस अनुसंधानकर्ताओं को भी बताया कि कांड का नेचर पहली सूचना के आधार पर दर्ज करने के उपरांत उसकी तहकीकात भी गहराई से किया जाना है. इन तहकीकात में प्राप्त साक्ष्यों को कांड की मूल धारा से जोड़ा जाना आवश्यक है, जिससे की दर्ज कराये गये मुकदमे मजबूत हो. ऐसे में आरोपित विभिन्न सुसंगत धाराओं का लाभ लेने से बच जायेगा. एसपी ने अनुसंधानकर्ताओं को कहा कि जांच इतनी सख्त और बारीकी से किया जाये की उसे केस डायरी में मजबूत बनाया जा सके. प्रशिक्षण के दौरान थानाध्यक्षों व अनुसंधानकर्ताओं की ओर से आये कई सवालों का एसपी ने सहज भाव से उत्तर देते हुए कहा कि गहराई से किये गये कांड की जांच के बाद आरोपित को कभी भी सजा से रोका नहीं जा सकता है. उन्होंने बताया कि कई बार ऐसे मामले होते है जो निर्धारित तिथि तक अनुसंधानकर्ता द्वारा केस डायरी को समर्पित नहीं किया जाता है, जिसका लाभ उठाने में आरोपित सफल हो जाते है. प्रशिक्षण के दौरान सदर एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय, पकरीबरावां एसडीपीओ रामपुकार सिंह, रजौली एसडीपीओ उपेंद्र प्रसाद यादव, मुख्यालय डीएसपी अशोक कुमार दास सहित सभी सर्किल इंस्पेक्टर व थानाध्यक्ष मौजूद थे.

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