बिहार के इस मंदिर में देवी की मूर्तियां आपस में करती हैं बात, रहस्य जानकर विज्ञान भी रह गया हैरान !

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Durga Puja: बिहार में कई ऐसे ऐतिहासिक मंदिर हैं, जहां होने वाले चमत्कार जनमानस के लिए रहस्य रहा हैं, तो कई विज्ञान और वैज्ञानिकों के लिए अनसुलझी पहेली. ऐसा ही एक मंदिर बिहार के बक्सर जिले में अवस्थित है, आइए जानते हैं इस मंदिर का रहस्य

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बिहार: सूर्य सा चमकता बिहार, जिसकी गौरव गाथा कभी राज्य ही नहीं बल्कि विश्व के लिए परिभाषा बनी थी. बिहार के इस पावन भूमि पर कई अति प्राचीन मंदिर हैं. जो अपनी संस्कृति, मान्यताओं और सिद्धि के लिए जाना जाता है. यहां कई ऐसे रहस्यमयी मंदिर भी हैं, जिसके आगे विज्ञान भी नतमस्तक हो जाता है. इस आर्टिकल में आज हम आपको बिहार के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे, जो अपने रहस्यमयी कारणों से प्रसिद्ध है.

आपके शहर में

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बिहार के बक्सर में स्थित यह रहस्यमयी मंदिर

दरअसल, बिहार के बक्सर जिले में एक ऐसा मंदिर है. जो खुद में कई अनसुलझे रहस्यों को समेटे हुए है. यह मंदिर वैज्ञानिकों के लिए आज भी एक पहेली है. हम बात कर रहे है. डुमरांव शहर में स्थित 250 साल पुरानी दक्षिणेश्वरी राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर की. यह मंदिर जिला मुख्यालय से लगभग 18 किमी की दूरी पर है. स्थानीय जानकारों की मानें तो प्रत्येक आमावस्या, पूर्णिमा, और नवरात्रि के दिनों में मंदिर का कपाट बंद होने के बाद देवी की मूर्तियां आपस में बात करती है.

नतीजे जानकर वैज्ञानिक भी रह गए दंग

मंदिर के गर्भगृह में जब देवी की मूर्तियों के आपस बात करने की जानकरी वैज्ञानिकों को लगी, तो वैज्ञानिकों ने एक नहीं बल्कि कई बार इस पहेली को कई सुलझाने की कोशिश की. इसके लिए वैज्ञानिकों ने मंदिर में कई आधुनिक मशीन लगाए गए. सीसीटीवी कैमरे तक लगाए गए. लेकिन विज्ञान की सारी चालाकी, देवी के इस मंदिर में धरे के धरे रह गए. हालांकि अंत में वैज्ञानिकों ने भी मंदिर के अंदर से आने वाली रहस्यमयी आवाज आने की पुष्टि कर दी.

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तंत्र विद्या को सिद्ध करने आते हैं तांत्रिक

दक्षिणेश्वरी राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर में माता त्रिपुर सुंदरी के अलावे बगलामुखी मता, तारा माता और पांच भैरव जिनमें दत्तात्रेय भैरव,अन्नपूर्णा भैरव, मातंगी भैरव और बटुक भैरव की प्रतिमाएं स्थापित है. मंदिर में भैरव के अलावे महाकाली माता, त्रिपुर भैरवी, उग्र तारा और मता भुवनेश्वरी के साथ दस महाविद्याएं विराजमान है. इस मंदिर में अपनी तंत्र-विद्या को सिद्ध करने के लिए देश के कोने-कोने से नामी तांत्रिक आते रहते है. स्थानीय लोग बताते है कि ये तांत्रिक दिन में लोगों को कम ही नजर आते है. रात में ये अपनी विद्या को सफल करने के लिए पूजा-पाठ करते हैं. इन तांत्रिकों को भूत से लेकर भविष्य तक की जानकारी होती है. ये तांत्रिक जिसे में अपने मन से आशीर्वाद देते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं देवी की कृपा से पूरी हो जाती है.

400 वर्ष पुराना है मंदिर

स्थानीय लोगों के मुताबिक यह मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है. इसे प्रसिद्ध तांत्रिक भवानी मिश्र ने बनवाया था. कहा जाता है कि देवी की सभी मूर्तियों को स्थापित करने के बाद तांत्रिक भवानी मिश्र ने देवी की कठोर साधना की. जिसके बाद सभी मूर्तियां जागृत हो गयी और तब से लेकर आज तक मंदिर में देवी की मूर्तियां रात में या फिर किसी विशेष अनुष्ठान पर आपस में बातचीत करती है.

वैज्ञानिकों की मानें, तो यह कोई वहम नहीं है. इस मंदिर के परिसर में कुछ शब्द गूंजते रहते हैं. मंदिर में कुछ न कुछ कुछ अजीब घटित होता है, जिससे कि यहां पर आवाज आती है. अभी मंदिर में पुजा भवानी मिश्र के परिवार के सदस्य ही करते हैं.

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