तीन साल का रिकाॅर्ड, विवि तय समय पर नहीं ले सका लॉ की प्रवेश परीक्षा

Published by : ANKIT Updated At : 06 Jul 2025 7:01 PM

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तीन साल का रिकाॅर्ड, विवि तय समय पर नहीं ले सका लॉ की प्रवेश परीक्षा

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प्रभात खास

-कॉलेजों में अबतक शुरू हो जानी थी कक्षाएं, प्रवेश परीक्षा दूर; आवेदन प्रक्रिया भी शुरू नहीं -न सेमेस्टर सिस्टम का सिलेबस तैयार हुआ न नामांकन की तैयारी, फिर विलंब होगा लॉ का सत्र वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर बीआरएबीयू की ओर से बीते दो वर्षों से लॉ में दाखिले की प्रक्रिया सेंट्रलाइज्ड की जा रही है. 2025 में विवि तीसरी बाद लॉ में दाखिले की प्रक्रिया केंद्रीकृत करेगा, लेकिन अबतक एक भी बार समय से प्रवेश परीक्षा व नामांकन की प्रक्रिया नहीं हो सकी है. इस बार तो अबतक लॉ में दाखिले के लिए कोई सुगबुगाहट भी नहीं है. आवेदन के लिए जो पोर्टल खुलेगा, कम से कम दो सप्ताह तक अप्लाई होगा. प्रवेश परीक्षा ली जायेगी और इसका रिजल्ट आयेगा. इसके बाद मेधा सूची के आधार पर विद्यार्थियों को कॉलेज आवंटित किये जायेंगे और इसके बाद नामांकन लिया जायेगा. इसमें पूरा समय लगेगा. पिछले वर्ष विलंब होने से अधिकतर लॉ कॉलेजों में सीटें खाली रह गयी थीं. निर्धारित सीटों से भी कम आवेदन प्राप्त हुआ था.

1280 सीटें निर्धारित हैं :

बीआरएबीयू के दर्जन भर कॉलेजों में तीन वर्षीय लॉ (एलएलबी) व पांच वर्षीय प्री-लॉ (बीए-एलएलबी) की पढ़ाई होती है. इसके लिए 1280 सीटें तय हैं. कुलानुशासक प्रो बीएस राय ने बताया कि लॉ के प्रवेश परीक्षा के लिए विवि स्तर पर तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि लॉ में सेमेस्टर सिस्टम इसबार से प्रभावी होगा या नहीं इसपर विचार किया जा रहा है. समय से परीक्षा हो और नामांकन लिया जा सके, इसके लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है.

एक समान फी लेने के निर्देश जारी

बीआरएबीयू ने इस वर्ष से सभी लॉ कॉलेजों को एक समान फी लेने का निर्देश दिया है. फी स्ट्रक्चर भी कॉलेजों को भेजा जा चुका है. विवि के सेंट्रलाइज्ड फीस स्ट्रक्चर के अनुसार एलएलबी के लिए अब पहले वर्ष में 40 हजार व शेष के दो वर्षों में 35-35 हजार रुपये फी लेनी है. विवि के तहत संचालित एकमात्र अंगीभूत लॉ कॉलेज एमएस कॉलेज मोतिहारी को छोड़कर शेष संबद्ध लॉ कॉलेजों पर यह फी स्ट्रक्चर लागू किया जायेगा. हालांकि, विवि के इस नये फी स्ट्रक्चर का एक कॉलेज ने विरोध किया था. पत्र लिखकर कहा था कि उसकी निकाय फी पर निर्णय लेने में स्वतंत्र है. इसपर विवि ने सख्ती की है और कहा है कि सभी कॉलेज एक समान फीस लेंगे. यदि कोई कॉलेज इससे इतर फी लेते हैं और शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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