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युवाओं में बढ़ रहा इ-सिगरेट का क्रेज, चौक-चौराहों पर चोरी-छिपे हो रही बिक्री

Updated at : 26 Jun 2025 1:12 AM (IST)
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युवाओं में बढ़ रहा इ-सिगरेट का क्रेज, चौक-चौराहों पर चोरी-छिपे हो रही बिक्री

युवाओं में बढ़ रहा इ-सिगरेट का क्रेज, चौक-चौराहों पर चोरी-छिपे हो रही बिक्री

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: प्रतिबंधित होने के बावजूद ऑन डिमांड हो रही सप्लाई

: चाय की मोडीफाइ दुकान व पान- पुड़िया की गुमटी बना सेंटर

: कॉलेज व प्लस टू स्कूल के छात्र भी है ई- सिगरेट के आदी

चंदन सिंह, मुजफ्फरपुर

ई- सिगरेट प्रतिबंधित होने के बावजूद उसका यूथ में क्रेज बना हुआ है. शादी- ब्याह हो या बर्थडे पार्टी रईसजादे ई- सिगरेट का धुआं उड़ा रहे हैं. शहर के पॉश इलाका मिठनपुरा क्लब रोड से लेकर कल्याणी चौक, दीपक सिनेमा रोड, माड़ीपुर, बैरिया, गोबरसही, हरिसभा चौक पर चोरी- छिपे ई- सिगरेट बेची जा रही है. दुकानदार इसके लिए कोर्ड वर्ड का इस्तेमाल करते हैं. 1200 रुपये से लेकर 5000 तक फ्लेवर के अनुसार ई- सिगरेट बिक रहा है. इसके साथ- साथ वेप्स, वेव पेन, ई- हुक्का और पर्सनल वेपोराइजर का भी यूथ दुकानदारों से डिमांड कर रहे हैं. पटना समेत अन्य महानगरों से डिमांड के अनुसार माल मंगवा कर सप्लाई की जाती है. इसको लेकर मुंह मांगी कीमत वसूली जा रही है. ई- सिगरेट के आकर्षक डिजाइन व अलग- अलग फ्लेवर में उपलब्ध होना व सोशल मीडिया पर सिगरेट का धुआं उड़ा के फेमस होने के चक्कर में ज्यादा यूथ इसके प्रति आकर्षित हो रहे हैं. उनको यह भी गलतफहमी है कि ई- सिगरेट पारंपरिक सिगरेट से कम हानिकारक है. जबकि, इसमें निकोटिन और अन्य हानिकारक रसायन होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता हैं.

क्या है ई- सिगरेट

ई- सिगरेट (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट) यह बैटरी से चलने वाला उपकरण है. यह तरह निकोटिन और फ्लेवरिंग को गर्म करके धुआं बनाता है जिसे स्मोक करने वाले व्यक्ति सांस के माध्यम से अंदर लेते हैं. ई- सिगरेट में एक बैटरी जो उपकरण को ऊर्जा देती है. एटमाइजर जो तरल को गर्म करके वाष्प बनाता है. इसके अलावा तरल कार्ट्रिज इसमें निकोटिन फ्लेवरिंग और अन्य रसायन होते हैं.

सेहत के लिए बहुत खतरनाक है ई- सिगरेट

: सांस लेने में परेशानी, खांसी और गले खराश पैदा करती है. साथ ही वेपिंग से आंख गले और नाक में जलन होती है.

: ई- सिगरेट से फेफड़ों में जलन, सूजन और नुकसान हो सकता है. हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है. इसमें निकोटिन होता है जो अत्यधिक नशे की लत है और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकती है.

: इसमें कार्सिनोजेन भी होती है जो कैंसर के खतरे को बढ़ाती है. इसके उपयोग से आंखों से कम दिखाई देना , इम्युनिटी कमजोर होना और स्किन से जुड़ी समस्या के साथ अन्य स्वास्थ्य संबंधित जोखिम को बढ़ाता है.

2019 में पूरे देश में लगा था बैन

18 सितंबर 2019 को पूरे देश में ई- सिगरेट पर बैन सरकार ने लगा दिया था. इसके उत्पाद , निर्माण , आयात, निर्यात, भंडारण, वितरण और परिवहन पर निषेध अधिनियम के तहत प्रतिबंध लगाया गया है. इसका उल्लंघन करने पर एक वर्ष तक सजा कैद या एक लाख तक का जुर्माना हो सकता है. ई- सिगरेट के भंडारण पर छह महिने की कैद या 50 हजार का जुर्माना हो सकता है.

बयान

ई- सिगरेट पीने से गंभीर बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं. निकोटिन मस्तिष्क के विकास को प्रभावित करता है जिससे ध्यान, स्मृति और निर्णय क्षमता में बाधा आती है. इसके सेवन से हृदय और फेफड़े संबंधित बीमारी को बढ़ावा देती है. युवाओं को ई- सिगरेट के लिए बचना चाहिए.

डॉ. नवीन कुमार, फिजिशियन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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