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रेलवे का माइक्रोटनलिंग सिस्टम कागजों तक सीमित, निगम ने ट्रैक के पास शुरू की सफाई

Updated at : 29 Jun 2025 8:08 PM (IST)
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रेलवे का माइक्रोटनलिंग सिस्टम कागजों तक सीमित, निगम ने ट्रैक के पास शुरू की सफाई

The corporation started cleaning near the track

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पानी निकासी के लिए रेल मंत्री ने मुंबई की तर्ज पर माइक्रो टनलिंग सिस्टम तैयार करने का दिया था निर्देश

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

मॉनसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन मुजफ्फरपुर जंक्शन पर हर साल की तरह इस बार भी जलजमाव का खतरा मंडरा रहा है. छह महीने पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जंक्शन पुनर्विकास योजना के निरीक्षण के दौरान स्टेशन एरिया व रोड से पानी निकासी के लिए मुंबई की तर्ज पर ”माइक्रो टनलिंग” सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया था. लेकिन, अभी तक इस दिशा में कोई ठोस काम शुरू नहीं हो पाया है, जिससे रेलवे और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं. हाल ही में, प्लेटफॉर्म संख्या-7 और 8 से वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन शुरू हुआ है. दो दिन पहले, पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक (जीएम) ने प्लेटफॉर्म-8 पर जलजमाव देखकर कड़ी नाराजगी जतायी थी. उन्होंने तत्काल जल निकासी के लिए अधिकारियों को फटकार लगाई और जल्द समाधान करने का निर्देश दिया.

माड़ीपुर से कटही पुल तक ट्रैक किनारे सफाई शुरू

नगर निगम ने मॉनसून से पहले माड़ीपुर से कटहीपुल तक ट्रैक के किनारे कल्वर्ट और नालों की सफाई शुरू कर दी है, लेकिन यह प्रयास जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं है. अंग्रेजों के जमाने के जर्जर नाले और सीवर लाइनें हर साल मॉनसून में स्टेशन परिसर को पानी से भर देती हैं, जिससे यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि माइक्रो टनलिंग परियोजना के लिए विस्तृत कार्य योजना बनायी जा रही है, और इसके लिए आइआइटी पटना से भी राय ली जा रही है. लेकिन मॉनसून आने के साथ ही यह काम कब तक शुरू होगा, यह एक बड़ा सवाल है.

क्या है माइक्रो टनलिंग विधि ? कैसे होगी जलनिकासी ?

माइक्रो टनलिंग एक आधुनिक तकनीक है, जिसका उपयोग दुनिया के कई बड़े शहरों में जल निकासी के लिए किया जाता है. इसमें रेलवे लाइन के नीचे एक सुरंग (टनल) बनाई जाती है, जिससे पानी आसानी से निकल सके. यह तकनीक न सिर्फ जलनिकासी में मदद करेगी, बल्कि जमीन के ऊपर मौजूद रेलवे लाइन या अन्य संरचनाओं को कोई नुकसान भी नहीं होगा. यह विधि तेजी से काम करने और कम समय में जलनिकासी की समस्या को हल करने के लिए जानी जाती है. अगर इस विधि को सही तरीके से लागू किया गया, तो आने वाले समय में मुजफ्फरपुर जंक्शन के आसपास जलजमाव की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी.

रेल मंत्री का निर्देश, पर काम धीमा

रेल मंत्री मुजफ्फरपुर जंक्शन के पुनर्विकास कार्य का निरीक्षण करने आए थे. तब जल निकासी की समस्या सामने आने के बाद, गंभीरता से लिया था. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मुंबई की तर्ज पर यहां माइक्रो टनलिंग सिस्टम लगाया जाए. इसके लिए उन्होंने रेलवे और नगर निगम के अधिकारियों को संयुक्त रूप से काम करने का भी निर्देश दिया था. लेकिन, छह महीने बीत जाने के बाद भी यह परियोजना सिर्फ कागजों तक ही सीमित है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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