मुजफ्फरपुर: बीजेपी के मेयर और विधायक, फिर भी निगम की सत्ता पर विजेंद्र चौधरी का कब्जा, सभी उम्मीदवार जीते
Published by : Purushottam Kumar Updated At : 30 May 2026 2:24 PM
नगर निगम सशक्त स्थायी समिति के विजयी उम्मीदवार
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर नगर निगम सशक्त स्थायी समिति चुनाव में पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी के समर्थित सभी 7 उम्मीदवारों ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की है. विजेंद्र चौधरी की रणनीति ने विपक्षी खेमे को क्लीन स्वीप कर दिया है. जानिए खबर विस्तार से…
मुजफ्फरपुर से देवेश की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: नगर निगम की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. नगर निगम की ‘मेयर कैबिनेट’ यानी शक्तिशाली सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी ने विरोधियों को पूरी तरह पटखनी देते हुए एकतरफा कब्जा जमा लिया है. खुद सदन में न होते हुए भी पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी की सियासी बिसात ऐसी बैठी कि उनके द्वारा घोषित और समर्थित सभी सातों उम्मीदवारों ने रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज की. हैरानी की बात यह है कि मुजफ्फरपुर में बीजेपी समर्थित मेयर और विधायक हैं, इसके बावजूद भी चुनावी रिजल्ट पूर्व विधायक के पाले में गयी है.
पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी की अचूक रणनीति
दूसरी ओर, इस महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठा के चुनाव से ठीक पहले वर्तमान महापौर (मेयर) चार धाम की यात्रा पर निकल चुकी हैं. इस सियासी महासंग्राम में वर्तमान और पूर्व विधायक दोनों ही खेमे अपने-अपने दिग्गजों को जिताने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे थे, लेकिन अंततः पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी की अचूक रणनीति सबके ऊपर भारी पड़ी.
राजीव कुमार पंकू की रिकॉर्डतोड़ जीत
नगर निगम की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले और वार्ड नंबर 28 के पार्षद राजीव कुमार पंकू ने इस चुनाव में एकतरफा मुकाबले में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. उन्होंने अपनी विरोधी लॉबी के वार्ड नंबर 21 के पार्षद केपी पप्पू को करारी शिकस्त दी. मतदान के दौरान राजीव कुमार पंकू को कुल 32 पार्षदों का भारी समर्थन (वोट) मिला, जबकि उनके सामने खड़े केपी पप्पू महज 12 वोटों पर ही सिमट कर रह गए. इसी पद के लिए मैदान में उतरीं पूर्व मेयर एवं वार्ड नंबर 22 की पार्षद वर्षा सिंह को सिर्फ 2 वोटों से ही संतोष करना पड़ा.
अभिमन्यु चौहान और अमित रंजन ने बचाई कुर्सी
सशक्त स्थायी समिति के इस चुनाव में निवर्तमान सदस्य अपनी साख और कुर्सी बचाने में पूरी तरह कामयाब रहे. वार्ड नंबर 10 के दबदबे वाले पार्षद अभिमन्यु चौहान ने अपने ही वार्ड के सीमावर्ती पार्षद अजय ओझा को कड़े मुकाबले में हराकर समिति में अपनी जगह सुरक्षित रखी. वहीं, वार्ड नंबर 14 के पार्षद अमित रंजन भी दोबारा समिति में बने रहने में सफल रहे, उन्होंने वार्ड नंबर 41 की पार्षद सीमा झा को मात दी. इस मुकाबले में अमित रंजन को 26 वोट मिले, जबकि सीमा झा 19 वोटों पर अटक गईं.
इस बार के चुनाव में एक नया चेहरा भी उभर कर सामने आया है. वार्ड नंबर 42 की महिला पार्षद अर्चना पंडित ने पहली बार सशक्त स्थायी समिति में अपनी धाकड़ एंट्री की है. उन्होंने एक बेहद कड़े और दिलचस्प मुकाबले में वार्ड नंबर 03 के पार्षद मो अंजार को पराजित किया. अर्चना पंडित के पक्ष में 26 वोट पड़े, जबकि मो अंजार को 20 वोट हासिल हुए.
पूर्व विधायक खेमे में भारी जश्न
इसी तरह वार्ड नंबर 40 के पार्षद मो इकबाल हसन ने भी अपनी बादशाहत कायम रखते हुए अपने विरोधी वार्ड नंबर 29 के पार्षद सनत कुमार को धूल चटा दी. इस मुकाबले में इकबाल हसन को 26 और सनत कुमार को 21 वोट मिले. पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी के खुले समर्थन से चुनाव मैदान में उतरे अन्य सभी दिग्गजों ने भी जीत का परचम लहराया, जिसमें समिति में जगह बनाने वाले अन्य प्रमुख नामों में पार्षद गनिता देवी एवं मनौवर हसन शामिल हैं. इस बंपर ‘क्लीन स्वीप’ जीत के बाद जहां पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी के खेमे और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह है और जश्न मनाया जा रहा है, वहीं विरोधी खेमे को इस चुनावी बिसात पर करारी और आत्मनिरीक्षण कराने वाली शिकस्त का सामना करना पड़ा है.
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