गलत इंजेक्शन लगने से एसकेएमसीएच में भर्ती चार महिलाओं की स्थिति बिगड़ी

गलत इंजेक्शन लगने से एसकेएमसीएच में भर्ती चार महिलाओं की स्थिति बिगड़ी
-एक महिला मरीज आइसीयू में भर्ती, डॉक्टर कर रहे मरीजों की मॉनीटरिंग-आक्रोशित परिजनों ने कहा, अब एसकेएमसीएच में किसी के इलाज के लिये नहीं आयेंगे मुजफ्फरपुर. एसकेएमसीएच के एमसीएच में भर्ती चार महिलाओं को गलत सूई देने के कारण उनकी स्थिति बिगड़ गयी. सभी को तेज बुखार हो गया और वह ठंड से कांपने लगी. मरीजों की स्थिति बिगड़ते देख परिजन घबरा गये. करीब एक घंटे तक चारों मरीज कांपते रहे. घटना गुरुवार की दोपहर 12 बजे की है. चारों महिला स्त्री व प्रसव रोग विभागाध्यक्ष डॉ प्रतिमा की यूनिट में भर्ती थी. सूई लगने के बाद जब मरीजों की स्थिति बिगड़ी तो चारों के परिजन डॉक्टर को बुलाने के लिए भागे. सूचना मिलने पर अधीक्षक डॉ कुमारी विभा, उपाधीक्षक डॉ सतीश कुमार सहित एसकेएमसीएच प्रबंधन के अन्य अधिकारी एमसीएच पहुंचे और मरीजों की हालत का जायजा लिया. डॉक्टर और एएनएम से पूछताछ की गयी. इस दौरान हथौड़ी के हरपुर की रहने वाली दिवाकर कुमारी की पत्नी काजल कुमारी की हालत ज्यादा खराब थी. उसे तत्काल आइसीयू में शिफ्ट किया गया. इसके अलावा सीतामढ़ी के महिंदवारा की रहने वाली रितु कुमारी, सिवाई पट्टी के खेमकरण पकड़ी निवासी मनीष कुमार की पत्नी रागिनी कुमारी और औराई के बिशनपुर निवासी अखिलेश ठाकुर की पत्नी प्रिया देवी की हालत खराब रही, लेकिन उसे दूसरी दवा देकर डॉक्टर मॉनीटरिंग करते रहे. कुछ देर के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ. —— परिजनों ने लगाया गलत इंजेक्शन देने का आरोप महिला के परिजनों ने एएनएम पर गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया. काजल कुमारी के पति दिवाकर कुमार ने बताया कि दोपहर में सभी महिलाओं को पेन किलर, एंटीबायोटिक सहित अन्य इंजेक्शन दिये गये थे. इनमें से कोई इंजेक्शन एक्सपार्यड होगा या गलत इंजेक्शन दिया गया होगा. अगर सही इंजेक्शन दिया गया होता तो एक साथ चारों महिलाएं कैसे सीरियस हो जाती. स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर के कहने पर एएनएम ने एविल और डाइक्सोना का इंजेक्शन दिया. इसके बाद भी स्थिति ठीक नहीं हुई. यहां न तो ठीक तरह से मरीज देखते हैं और न ही एएनएम सही तरीके से सूई देती है. परिजन अखिलेश ठाकुर ने कहा कि उनकी पत्नी प्रिया को इतनी जोर से ठंड लग रही थी कि कुछ समझ में नहीं आया, क्या करें. अब एसकेएमसीएच में कभी किसी के इलाज के लिये नहीं आयेंगे —— चारों महिलाओं की स्थिति बिगड़ी थी, लेकिन अब सभी खतरे से बाहर हैं. आखिर कौन-सा इंजेक्शन या दवा से उन महिलाओं की स्थिति खराब हुई थी. इस पर जांच की जा रही है. बीएसटी में लिखी दवा और मरीज को दी जाने वाली दवा और इंजेक्शन का मिलान किया जा रहा है. – डॉ कुमारी विभा, अधीक्षक, एसकेएमसीएच
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