शिवहर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य पर जबरन हस्ताक्षर करने और दुर्व्यवहार का आरोप

Updated at : 29 Jul 2024 9:39 PM (IST)
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शिवहर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य पर जबरन हस्ताक्षर करने और दुर्व्यवहार का आरोप

शिवहर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य पर जबरन हस्ताक्षर करने और दुर्व्यवहार का आरोप

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:: कई अतिथि शिक्षकों ने विश्वविद्यालय में दिया आवेदन, कहा- अपने लोगों को कॉलेज में अवैध तरीके से बहाल कर प्राचार्य ने की लाखों की अवैध निकासी :: नवंबर में स्थानांतरण होने के बाद भी पद पर बने हुए हैं प्राचार्य, जांच के लिए गठित हुइ थी कमेटी, रिपोर्ट का नहीं चला पता वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर शिवहर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्राे.अजय कुमार के खिलाफ कॉलेज के ही अतिथि प्राध्यापकों ने दुर्व्यवहार करने और जबरन सादा पेपर पर हस्ताक्षर करा लेने का आरोप लगाया है. अतिथि प्राध्यापक डॉ सनोज कुमार और रंजीत कुमार की ओर से इसको लेकर विश्वविद्यालय में कुलपति व कुलसचिव के कार्यालय में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी गयी है. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय की ओर से प्राचार्य का स्थानांतरण नवंबर 2023 में ही कर दिया गया. इसके बाद भी वे काॅलेज में बने हुए हैं. उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को कॉलेज में अवैध तरीके से बहाल कर दिया है. उनके नाम पर लाखों रुपये की निकासी कर ली गयी है. जो प्राचार्य की बातों में हामी नहीं भरते हैं उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है. अतिथि प्राध्यापक रंजीत कुमार ने कहा है कि 27 जुलाई को प्राचार्य ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया. वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा हुआ है. वहां पहले से प्राचार्य की ओर से नियुक्त कर्मी मौजूद थे. उनके सामने ही प्राचार्य ने धौंस जमाते हुए उनसे कई वित्तीय कागजातों पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिया. साथ ही एक अन्य अतिथि शिक्षक के अवकाश के आवेदन पर भी हस्ताक्षर करवा लिया गया. अतिथि शिक्षक सनोज कुमार ने कहा कि प्राचार्य उनसे वेतन देने के एवज में पांच हजार रुपये की मांग करते हैं. पैसा नहीं देने पर निरंतर उनकी ओर से दुर्व्यवहार किया जाता है. इससे पूर्व भी इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय ने जांच कमेटी गठित की थी, लेकिन कमेटी की रिपोर्ट का कुछ पता नहीं चल सका. इधर, कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो.अजय कुमार से इस मामले को लेकर बात की गयी तो उन्होंने कहा कि कॉलेज की छवि और उनका नाम खराब करने को लेकर अतिथि शिक्षक उनपर झूठा आरोप लगा रहे हैं. वे पढ़ाना नहीं चाहते ऐसे में उनके खिलाफ उन्होंने विश्वविद्यालय को लिखा है तो वे उनपर आरोप लगा रहे हैं.

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