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सरकारी स्कूलों में अब ''''''''''''''''लाउड रीडिंग'''''''''''''''' अनिवार्य, बच्चों की पढ़ाई का तरीका बदला

Updated at : 08 Sep 2025 12:16 AM (IST)
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सरकारी स्कूलों में अब ''''''''''''''''लाउड रीडिंग'''''''''''''''' अनिवार्य, बच्चों की पढ़ाई का तरीका बदला

सरकारी स्कूलों में अब ''''लाउड रीडिंग'''' अनिवार्य, बच्चों की पढ़ाई का तरीका बदला

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पहली और दूसरी कक्षा में हर दिन एक पीरियड ””””””””ज़ोर से पढ़ने”””””””” के लिए

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

सरकारी स्कूलों में पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों की पढ़ाई का तरीका अब बदल रहा है. राज्य शिक्षा विभाग ने शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. अब स्कूलों में हर दिन एक पीरियड ””””””””पाठ वाचन”””””””” (जोर से पढ़ने) के लिए अनिवार्य कर दिया गया है. इसका उद्देश्य बच्चों के पढ़ने की क्षमता को बेहतर बनाना है, क्योंकि हाल के सर्वे में बच्चों के सीखने की क्षमता में खास प्रगति नहीं देखी गई थी. शिक्षा विभाग ने ””””””””परख राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण”””””””” व राज्य मध्यावधि उपलब्धि सर्वेक्षण के आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया. इसमें यह पाया गया कि लगातार प्रयासों के बावजूद भी बच्चों के सीखने के परिणाम में कोई खास सुधार नहीं हो रहा है. विभाग का मानना है कि सीखने के स्तर में सुधार तभी संभव है जब क्लास रूम की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जाये. इसी को देखते हुए प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किये हैं.

प्रधानाध्यापकों की जवाबदेही बढ़ी

इस नयी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए, हर सप्ताह स्कूल के प्रधान शिक्षक या प्रभारी शिक्षक को अपने वर्ग शिक्षकों के साथ बैठक करनी होगी. इस बैठक में कक्षा के संचालन में आने वाली समस्याओं पर चर्चा होगी. साथ ही, अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में शिक्षकों को बच्चों की प्रगति से अभिभावकों को अवगत कराना होगा और उन्हें बच्चों को घर पर भी पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित करना होगा.

अध्यापकों के लिए खास निर्देश

नये निर्देशों के अनुसार, वर्ग शिक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि हर बच्चे को जोर से बोलकर पढ़ने का मौका मिले. इस दौरान स्कूल की लाइब्रेरी में मौजूद किताबों का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके अलावा, किसी भी पाठ को पढ़ाने के बाद बच्चों को दी गई वर्कबुक (कार्य-पुस्तिका) में दिये गये अभ्यास को पूरा करवाना होगा और शिक्षक को उसकी जांच करनी होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PRASHANT KUMAR

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