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शहर के 120 बहुमंजिली मकानों की हुई फायर ऑडिट, 95 प्रतिशत में नहीं मिला अग्नि सुरक्षा का इंतजाम

Updated at : 09 Apr 2025 8:20 PM (IST)
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शहर के 120 बहुमंजिली मकानों की हुई फायर ऑडिट, 95 प्रतिशत में नहीं मिला अग्नि सुरक्षा का इंतजाम

No fire safety arrangements were made

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शहर के 120 बहुमंजिली मकानों की हुई फायर ऑडिट, 95 प्रतिशत में नहीं मिला अग्नि सुरक्षा का इंतजाम : जिला अग्निशमन विभाग ने मकान मालिक को भेजा नोटिस : रेड़ा से रजिस्टर्ड 50 मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग में 90 प्रतिशत तक दिखा इंतजाम : बहुमंजिली मकानों में दमकल पहुंचने का नहीं रखा गया है रास्ता संवाददाता, मुजफ्फरपुर शहर में नगर निगम से रजिस्टर्ड 120 से अधिक बहुमंजिली आवासीय मकानों का जिला अग्निशमन विभाग की टीम ने फायर ऑडिट की है. इसमें 95 प्रतिशत मकान में अग्नि सुरक्षा का कुछ भी इंतजाम नहीं दिखा है. पांच प्रतिशत मकानों में सुरक्षा के नाम पर सिर्फ फायर एक्सटिंग्यूशर यंत्र मिला है. वहीं, रेड़ा से स्वीकृति लेकर बन रहे 50 से अधिक मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग, मॉल, हॉस्पिटल, मार्ट, होटल में 90 प्रतिशत तक अग्नि सुरक्षा का ख्याल रखा जा रहा है. लेकिन, उनके यहां फायर ब्रिगेड की बड़ी दमकल को बिल्डिंग के चारों तरफ घूमने के लिए सात मीटर का रास्ता नहीं दिया गया है. जिला सहायक अग्निशमन पदाधिकारी विनय कुमार सिंह ने सभी मकान मालिकों को नोटिस देकर अपने भवनों में अग्नि सुरक्षा का इंतजाम करने को कहा है. नोटिस मिलने के 30 से 50 दिनों के अंदर में अगर सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया जाता है तो मकान मालिक के खिलाफ सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार कार्रवाई की जायेगी. जिला सहायक अग्निशमन पदाधिकारी विनय कुमार सिंह का कहना है कि शहर से लेकर गांव तक नगर निगम व रेड़ा से बन रहे मल्टी स्टोरी बिल्डिंग, आवासीय भवन, मार्ट, मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल का फायर ऑडिट किया जा रहा है. दूसरे फेज में 2025 में 120 से अधिक नगर निगम से बने बहुमंजिली इमारतों की जांच की गयी. वहां अग्नि सुरक्षा के लेकर 95 प्रतिशत भवनों में इंतजाम नहीं दिखा. रेड़ा से बन रहे 50 से अधिक बिल्डिंग की जांच की गयी तो वहां सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का 90 प्रतिशत तक काम पूरा मिला है. सभी भवनों के मालिक को नोटिस किया गया है. मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा को लेकर यह करना है इंतजाम : वेट राइजर सिस्टम : डेढ़ लाख लीटर का डाउन टैंक : फिक्स फायर फाइटिंग सिस्टम : फायर अलार्म : स्प्रिंकलर : पार्किंग एरिया में भी स्प्रिंकलर सिस्टम : बिल्डिंग के चारों तरफ सात मीटर तक दमकल घूमने के लिए सेट बैक : हाइड्रेंट सिस्टम : एबीसी और सीओटू टाइप फायर एक्सटिंग्विशर : 20 हजार लीटर का अपर टैंक : आपातकालीन निकास : मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग में आग बुझाने के लिए नहीं है हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म जिले में बहुमंजिली इमारतों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन जिला अग्निशमन विभाग के पास मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन नहीं है. अगर अगलगी की घटना होती है तो भवन में फंसे लोगों को निकालने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफार्म भी नहीं है. जिला अग्निशमन विभाग के पास मात्र 30 फीट तक चढ़ने के लिए सीढ़ी है. शहर में ओपन वायरिंग होने के कारण हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म नहीं मिल रहा है. बयान.. बहुमंजिली इमारतों की मुख्यालय के निर्देश पर लगातार फायर ऑडिट किया जा रहा है. 2025 में अब तक कुल 120 नगर निगम से रजिस्टर्ड भवनों की जांच की गयी है. इसमें 95 प्रतिशत में अग्नि सुरक्षा का इंतजाम नहीं मिला है. सभी को नोटिस भेजा गया है. विनय कुमार सिंह, सहायक अग्निशमन पदाधिकारी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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