Muzaffarpur News: गर्मी को लेकर सरकार अलर्ट पंचायतों में बेजुबानों को मिलेगा पानी,बनेंगे नाद

Author :SUMIT KUMAR
Published by :SUMIT KUMAR
Updated at :13 May 2026 10:26 PM
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Muzaffarpur News:गर्मी को लेकर सरकार अलर्ट पंचायतों में बेजुबानों को मिलेगा पानी,बनेंगे नाद

बेजुबानों को मिलेगा पानी,बनेंगे नाद

Muzaffarpur News: उत्तर बिहार में गर्मी और लू से बचाव के लिए पंचायतों में जर्जर पशु नाद की मरम्मत और नए निर्माण होंगे . इससे मवेशियों को पीने का पानी मिलेगा और ग्रामीण पशुपालकों को राहत मिलेगी ...

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मुजफ्फरपुर से मुख्य संवाददाता प्रभात कुमार की रिपोर्ट

Muzaffarpur news: उत्तर बिहार में लगातार बढ़ रहे पारे और भीषण गर्मी की आहट के बीच पंचायती राज विभाग ने बेजुबान मवेशियों को राहत देने के लिएपहल की है. गांवों में सार्वजनिक स्थानों पर बनी पशुओं की नाद (पानी पीने का स्थान) की अब सूरत बदलेगी. विभाग के अवर सचिव ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर जर्जर हो चुकी नाद की मरम्मत और जरूरत के अनुसार नए निर्माण का आदेश दिया है.गर्मी के दिनों में अक्सर जलस्तर नीचे जाने से चापाकल सूख जाते हैं, ऐसे में अगर पंचायतों में नाद की व्यवस्था दुरुस्त होगी तो पशुपालकों के लिए सुविधा होगी.

जर्जर नाद के कारण पशुओं के सामने जल संकट

विभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई है कि ग्राम पंचायतों द्वारा पूर्व में निर्मित कई पशु नाद देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुके हैं. कई जगहों पर दरारें आने के कारण उनमें पानी नहीं ठहरता, जिससे चिलचिलाती धूप में आवारा और पालतू मवेशियों के लिए पीने के पानी की गंभीर समस्या पैदा हो रही है. इसे देखते हुए सरकार ने तत्काल प्रभाव से इनकी मरम्मत कराने को कहा है ताकि लू और गर्मी के मौसम में पशुओं को भटकना न पड़े.

षष्ठम राज्य वित्त आयोग की मद से खर्च होगी राशि

इस परियोजना के लिए फंड की कमी आड़े नहीं आएगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि नाद की मरम्मत और निर्माण कार्य के लिए ‘षष्ठम राज्य वित्त आयोग’ की मद से राशि खर्च की जाएगी. विभाग ने निर्देश दिया है कि पंचायत स्तर पर सर्वे कराकर ऐसी जगहों को चिह्नित किया जाए जहां नाद पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं या जहां नए नाद की सख्त जरूरत है.

अभियान चलाकर काम पूरा करने का लक्ष्य

  • सभी पंचायतों में जर्जर नाद को चिह्नित करने के लिए सर्वे शुरू करने को कहा गया है.
  • प्राथमिकता: उन सार्वजनिक स्थलों, हाट-बाजारों और चरागाहों के समीप नाद को पहले ठीक किया जाएगा जहां मवेशियों का जमावड़ा अधिक रहता है
  • सफाई की व्यवस्था: मरम्मत के साथ-साथ नाद की नियमित सफाई और उसमें पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी स्थानीय स्तर पर तय की जाएगी.
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सुमित पत्रकारिता में पिछले 4 वर्षों से सक्रिय। प्रभात खबर के प्रिंट मीडिया के साथ काम करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम से जुड़े हुए हैं। क्राइम, हाईपरलोकल, स्वास्थ्य विभाग व राजनीतिक रिपोर्टिंग में विशेष रुचि और अनुभव रखते हैं। क्षेत्रीय मुद्दों और जनसरोकार की खबरों को सशक्त तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं।

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