झारखंड के 23 अस्पतालों ने रचा इतिहास, मिला राष्ट्रीय एनक्वास सर्टिफिकेट, धनबाद और बोकारो रहे अव्वल

Author :Sameer Oraon
Published by :Sameer Oraon
Updated at :13 May 2026 10:33 PM
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NQAS Certification Jharkhand

झारखंड के 23 अस्पतालों को मिला राष्ट्रीय एनक्वास सर्टिफिकेट, Pic Credit- AI

NQAS Certification Jharkhand: झारखंड के 23 सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणन प्राप्त किया है. धनबाद, बोकारो और रामगढ़ सहित कई जिलों के केंद्रों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह गौरव मिला है.

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NQAS Certification Jharkhand, रांची, (विपिन सिंह की रिपोर्ट): झारखंड में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक उत्साहजनक खबर सामने आई है. राज्य के 23 सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) ने अपनी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं और बेहतर देखभाल के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS – एनक्वास) प्रमाणन प्राप्त कर लिया है. यह राष्ट्रीय सम्मान इन केंद्रों को कई चरणों के कड़े मूल्यांकन और तय मानकों पर खरा उतरने के बाद प्रदान किया गया है.

इन जिलों के केंद्रों ने मारी बाजी

  • राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित होने वाले इन 23 केंद्रों में धनबाद और बोकारो का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है. जिलेवार सूची इस प्रकार है:
  • धनबाद (06): मोंको, पिंद्राहाट, खोखरापहाड़ी, सिंगदहा, रामपुर और रूपन
  • बोकारो (05): भंडारीडीह, झाबरा, पथुरिया, कड़ुआबीथा और चांदाहा
  • रामगढ़ (04): सोसो, रजरप्पा, तापीन और लारी
  • दुमका (02): घासीपुर और सिमलतुती
  • पश्चिमी सिंहभूम (02): बरैला और कालीमाटी
  • हजारीबाग (01): डूमर
  • कोडरमा (01): जामु
  • जामतड़ा (01): खैरा
  • साहिबगंज (01): शहरी क्षेत्र का केंद्र

इन सभी केंद्रों को 12 महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा पैकेजों के लिए प्रमाणित किया गया है, जिनमें से कई केंद्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक का स्कोर हासिल किया है.

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क्या है ‘एनक्वास’ और इसका महत्व?

एनक्वास (National Quality Assurance Standards) सरकारी अस्पतालों के लिए एक कड़ा ‘क्वालिटी टेस्ट’ है. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को मिलने वाला इलाज और सुविधाएं एक तय उच्च मानक की हों. इसके तहत मरीज की सुरक्षा, साफ-सफाई, उपकरणों की उपलब्धता, स्टाफ का व्यवहार और सेवा संतुष्टि जैसे 8 महत्वपूर्ण पैमानों पर अस्पताल को परखा जाता है. इस सर्टिफिकेशन के प्राप्त होने पर सरकार की ओर से संबंधित अस्पताल को एक प्रोत्साहन राशि दी जाती है. इस राशि का निवेश अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए किया जाएगा.

मिशन निदेशक ने जताई खुशी

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने इस उपलब्धि पर राज्य व जिला गुणवत्ता टीमों के साथ-साथ सभी स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि यह सफलता राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और आम जनता का सरकारी चिकित्सा तंत्र पर भरोसा बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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