PFI के अफरोज से रिमांड पर पूछताछ जारी, याकूब ने करायी थी रियाज मौरिफ से मुलाकात

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 17 Mar 2025 7:54 PM

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मिठनपुरा थाने पर रखकर की जा रही पूछताछ

PFI Member Arrested: मो. अफरोज ने पुलिस के दबिश के कारण विशेष यूएपीए कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. इसके बाद बरूराज पुलिस ने उससे पूछताछ के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. पांच दिनों का कोर्ट से रिमांड मिला है.

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PFI Member Arrested: पीएफआइ के सक्रिय सदस्य मो. अफरोज को बरूराज पुलिस ने शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा से पूछताछ के लिए रिमांड पर ले आयी है. मिठनपुरा थाने पर रखकर उससे रविवार दोपहर से पूछताछ की जा रही है. जिला पुलिस की अलग- अलग टीम के अलावा राज्य के कई जांच एजेंसियों के अधिकारी भी मिठनपुरा थाने पहुंच कर मो. अफरोज से पूछताछ की है. वह मूल रूप से पूर्वी चंपारण जिला के मेहसी थाना के कस्बा गांव का रहने वाला है. डीएसपी पश्चिमी सह केस की आइओ सुचित्रा कुमारी सोमवार को मिठनपुरा थाने पहुंच कर अफरोज से पीएफआइ के उत्तर बिहार में फैले नेटवर्क के बारे में जानकारी इकट्ठा की है. बताया जा रहा है कि 24 घंटे से अधिक समय की लंबी पूछताछ के दौरान मो. अफरोज ने नेटवर्क के बारे में गोल- मटोल जवाब दे रहा है. उसने अब तक जो जानकारी दी है कि याकूब उसका बचपन का दोस्त था. उसके साथ पढ़ाई की थी. उसने ही पीएफआइ के प्रदेश उपाध्यक्ष रियाज मौरिफ से उसकी मुलाकात करवायी थी. इस दौरान रियाज मौरिफ ने उसको अपने साथ जुड़ने की बात कही थी. कुछ दिनों बाद उसको पता चला कि उसके ऊपर एफआइआर दर्ज की गयी है. वह तमिलनाडु में छिपकर पाइलिंग का काम करने लगा.

इंस्पेक्टर विकास कुमार ने एफआईआर में क्या बताया

एनआइए के इंस्पेक्टर विकास कुमार ने पांच फरवरी 2023 को बरूराज थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें बताया था कि पीएफआइ के संगठन से जुड़ने के केस में फरार चल रहे आरोपी को मो. बेलाल उर्फ इरशाद को पिछले साल पूर्वी चंपारण जिले के चकिया के हरपुर किशुनी से गिरफ्तार किया था. उससे पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ किया तो उसने बताया कि चार से पांच साल पहले वह चकिया के कुनवा के रहने वाले रियाज मारूफ के संपर्क में आया था. वह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ)का सक्रिय सदस्य था.

रियाज मारूफ के माध्यम से मो. बेलाल पूर्वी चंपारण जिले के मेहसी के याकूब खान के संपर्क में आया था. उन लोगों ने उसको पीएफआइ से जुड़ने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद वह 2020 में पीएफआइ से जुड़ गया. जब वह ट्रेनिंग पीरियड में था तो उसका संपर्क पीएफआइ से जुड़े कई लोगों के साथ हुआ था. इसमें तमिलनाडु के मो. रोसलेन, दरभंगा जिले के मो. सनाउल्लाह, मधुबनी जिले के तौसीफ, अनसारूल हक, बिहार शरीफ के शमीम अख्तर व पूर्वी चंपारण जिले के मेहसी के मो. अफरोज प्रमुख रूप से शामिल है.

फिजिकल ट्रेनिंग में भी भाग लेता था

मो. बेलाल ने बिहार समेत दूसरे राज्यों में पीएफआइ की ओर से दी जाने वाली फिजिकल ट्रेनिंग में भी भाग लिया था. साथ ही पीएफआइ की ओर से निकाली जाने वाली रैली जो चकिया व दरभंगा में आयोजित हुई थी उसमें भी भाग लिया. पटना के फुलवारी शरीफ में 2022 में आयोजित ट्रेनिंग प्रोग्राम में भी शामिल हुआ था. 2022 में जब पीएफआइ को सरकार ने प्रतिबंधित संगठन घोषित किया तब रियाज मारूफ गोपनीय तरीके से ट्रेनिंग व अन्य गतिविधि संचालित करने लगा.

व्हाट्सएप के माध्यम से एक ऑडियो मैसेज भेजकर मो. बेलाल को याकूब खान, सुल्तान व उस्मान के साथ गोपनीय तरीके से मुजफ्फरपुर जिले के बरूराज थाने के परसौनी में बुलाया था. यहां पीएफआइ कनेक्शन को लेकर एक बैठक की थी. मो. बेलाल के बयान के आधार पर एनआइए ने इंस्पेक्टर विकास के नेतृत्व में बरूराज पुलिस के सहयोग से परसौनी गांव में रियाज मारूफ के रिश्तेदार मो. कादिर अंसारी के घर पर छापेमारी की थी. यहां पीएफआइ से जुड़ा प्रिंट बैनर, दो तलवार, पीएफआइ का झंडा आदि बरामद हुआ था.

कोर्ट में दायर हो चुकी है चार्जशीट

इसी मामले में एनआइए की ओर से प्राथमिकी बरूराज थाने में दर्ज करायी गयी थी. इसके बाद रियाज महरूफ को पिछले माह मोतिहारी से गिरफ्तार किया था. इसके अलावा बरूराज पुलिस ने पटना के बेउर जेल में बंद पीएफआइ के मास्टर ट्रेनर याकूब खान उर्फ सुल्तान उर्फ उम्सान , मो. बेलाल को न्यायिक रिमांड पर लिया था. बरूराज पुलिस इस कांड में रियाज मौरिफ, बेलाल, याकूब व कादिर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर कर चुकी है.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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