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लाठीचार्ज के विरोध में 14 घंटे बंद रही स्वास्थ्य सेवा, 2600 मरीज बिना इलाज के लौटे

Updated at : 22 Jul 2024 10:54 PM (IST)
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लाठीचार्ज के विरोध में 14 घंटे बंद रही स्वास्थ्य सेवा, 2600 मरीज बिना इलाज के लौटे

लाठीचार्ज के विरोध में 14 घंटे बंद रही स्वास्थ्य सेवा, 2600 मरीज बिना इलाज के लौटे

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-इमरजेंसी, ओपीडी, एमसीएच व पोस्टमार्टम हाउस में जड़ा ताला -डॉक्टर व मेडिकल के छात्र इमरजेंसी गेट के बाहर धरना पर बैठे -एसकेएमसी के छात्र और पुलिस के भिड़ंत का मामला – डीडीसी, सिटी एसपी, एएसपी टाउन , एसडीएम मेडिकल पहुंचे – दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई के आश्वासन पर धरना हुआ समाप्त मुजफ्फरपुर. एसकेएमसीएच में पुलिस व मेडिकल छात्रों के बीच हुई भिड़ंत के बाद हुए लाठीचार्ज के विरोध में रविवार रात्रि 12 बजे से शुरू हुआ स्ट्राइक सोमवार दोपहर दो बजे तक चला. पुलिस के लाठीचार्ज से आक्रोशित मेडिकल के छात्रों ने इमरजेंसी, ओपीडी, एमसीएच समेत सभी विभाग में ताला जड़ दिया. बाहर में सभी सेवाएं बाधित होने का बोर्ड लगा दिया. स्वास्थ्य सेवा बाधित होने से उत्तर बिहार के अलग- अलग जिलों से आने वाले 2600 से अधिक मरीज बिना इलाज के वापस लौट गए. देर रात हुए लाठीचार्ज से मेडिकल छात्रों व डॉक्टरों में पुलिस के खिलाफ काफी आक्रोश था. इमरजेंसी गेट के बाहर सैकड़ों की संख्या में मेडिकल छात्र धरना पर बैठकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. एसकेएमसीएच में स्वास्थ्य सेवा ठप होने की जानकारी होते ही डीडीसी आशुतोष द्विवेदी, सिटी एसपी अवधेश सरोज दीक्षित, एएसपी टाउन भानु प्रताप सिंह, एसडीओ पूर्वी, नगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टू एसकेएमसीएच पहुंची. आक्रोशित मेडिकल छात्रों को समझाने की कोशिश की गयी. लेकिन, वे जस्टिस की मांग कर रहे थे. – चार घंटे में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन , तब स्ट्राइक समाप्त एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ. कुमारी विभा व प्रिंसिपल आभा रानी सिन्हा के कार्यालय में जाकर जिला प्रशासन व पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने बैठक की. इस दौरान सिटी एसपी ने मेडिकल के छात्रों को भरोसा दिलाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज करने में दोषी जो भी पुलिसकर्मी है, उनको चिन्हित करके कार्रवाई की जाएगी. कहा कि हम भरोसा दिलाते हैं कि जो भी इसमें दोषी है उनको निलंबित किया जाएगा . इसके बाद डॉक्टर व मेडिकल छात्रों का आक्रोश समाप्त हुआ. फिर, स्ट्राइक खत्म किया गया. दोपहर करीब दो बजे इमरजेंसी सेवा शुरू हो गयी. फिर, ओपीडी व एमसीएच में भी मरीजो का इलाज शुरू हो गया. —- पिटाई से 20 से अधिक छात्र जख्मी, देखने पहुंचे सिटी एसपी व डीडीसी मेडिकल छात्रों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई में 20 से अधिक मेडिकल छात्र घायल हुए है. इसमें एक छात्र जिसका सिर फटा हुआ है, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है. उसके पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. किसी का हाथ टूटा है, किसी का पैर. जिस छात्र का सिर फटा है, उसमें 20 टांके लगे हैं. इसकी जानकारी होने पर डीडीसी, सिटी एसपी समेत सभी पुलिस पदाधिकारी मेडिकल कॉलेज के बगल में निजी अस्पताल के आइसीयू में जाकर जख्मी छात्र का हाल- चाल जाना. डॉक्टरों से उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली है. —- किसकी अनुमति से की गयी लाठीचार्ज, होगी जांच: सिटी एसचपी सिटी एसपी ने बताया कि पुलिस व मेडिकल स्टूडेंट के बीच में कुछ विवाद हुआ था. स्टूडेंट ने इमरजेंसी सेवा बंद किया था. इसी को लेकर वह डीडीसी के साथ मौके पर पहुंचे थे. एसकेएमसीएच प्रबंधन व मेडिकल छात्रों से बातचीत की गयी है. उन्होंने अपना स्ट्राइक समाप्त कर दिया है. छात्रों का जो आरोप है, लाठीचार्ज किसके आदेश पर किया गया है. इसकी डिटेल इंक्वायरी की जा रही है. लाठीचार्ज का आदेश देने वाले व करने में दोषी पुलिसकर्मियों को चिन्हित करके कार्रवाई की जायेगी.

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