परीक्षार्थियों की भीड़ बेकाबू, स्पेशल चलने के बाद भी आधा दर्जन ट्रेनों पर कब्जा

Published by : LALITANSOO Updated At : 23 Jul 2025 7:45 PM

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Even after running special trains

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वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

सिपाही भर्ती परीक्षा समाप्त होने के बाद मुजफ्फरपुर जंक्शन पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ ने अराजकता का माहौल पैदा कर दिया. परीक्षा देकर लौटे हजारों अभ्यर्थियों ने करीब आधा दर्जन ट्रेनों पर कब्जा कर लिया. जिससे यात्रियों और रेलवे अधिकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. बुधवार को दोपहर बाद से ही जंक्शन पर जयनगर-दानापुर, अवध-असम एक्सप्रेस, पवन एक्सप्रेस, मोतिहारी जाने वाली पैसेंजर सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनों में चढ़ने के लिए परीक्षार्थियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पर खड़े हो गए, जिससे ट्रेनों के संचालन में भी बाधा आयी. परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए, सोनपुर मंडल को शाम 4 बजे मुजफ्फरपुर से हाजीपुर, सोनपुर होते हुए छपरा तक एक विशेष ट्रेन चलानी पड़ी. यह विशेष ट्रेन पूरी तरह से खचाखच भर गई. लेकिन इसके बावजूद भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल बना रहा. जंक्शन पर स्थिति ऐसी थी कि पैर रखने की भी जगह नहीं थी और हर तरफ सिर्फ परीक्षार्थी ही नजर आ रहे थे.

वंदे भारत समय मुस्तैद थी आरपीएफ

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की टीमें भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयासरत थीं, लेकिन परीक्षार्थियों की विशाल संख्या के आगे उनकी कोशिशें नाकाफी साबित हुई. जवानों को भीड़ को संभालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी. शाम के समय, वंदे भारत एक्सप्रेस में परीक्षार्थियों को अनाधिकृत रूप से चढ़ने से रोकने के लिए आरपीएफ को विशेष रणनीति अपनानी पड़ी. आरपीएफ इंस्पेक्टर मनीष कुमार लगातार माइक से घोषणाएं कर रहे थे और सभी कोच के पास अतिरिक्त जवान तैनात किए गए थे.

भीड़ के कारण एक भाई उतर गए, दूसरे पहुंच गए हाजीपुर

परीक्षाार्थियों की भीड़ से अवध-असम एक्सप्रेस में हाहाकार की स्थिति उत्पन्न हो गयी. जिला शांति समिति के सदस्य अब्दुल मजीद ने बताया कि वे अवध-असम एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे. समस्तीपुर में परीक्षा देने आए हजारों अभ्यर्थियों ने ट्रेन पर कब्जा कर लिया.जब ट्रेन शाम के समय मुजफ्फरपुर पहुंची तो भीड़ इतनी अधिक थी कि मजीद किसी तरह चोटिल होकर प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर उतर गए, लेकिन उनके छोटे भाई खुर्शीद आलम, उनकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे भीड़ की वजह से ट्रेन से नहीं उतर पाए और पूरा सामान सहित हाजीपुर पहुंच गए. उन्होंने इस घटना पर रेलवे प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में उनकी गैर-मौजूदगी समझ से परे है.फोटो – 3 से 22 और 39

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