Bihar News: मौसम बदलते ही उत्तर बिहार में चमकी बुखार का केस आना शुरू, AES से एक और बच्चे की मौत

Chamki fever update: इस साल मौत का आंकड़ा बढ़कर 13 हो गया है. वहीं 57 मरीजों में अबतक एइएस की पुष्टि हुई है. एक संदिग्ध मरीज भी भर्ती हुआ है. शिशु रोग के डॉ. गोपाल शंकर साहनी की माने तो मौसम में हो रहा अचानक बदलाव से बच्चों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
एसकेएमसीएच के पीकू वार्ड में भर्ती एइएस से पीड़ित एक बच्चे की मौत शनिवार हो गयी. मृतक राजेंद्र कुमार (7) तुर्की छाजन का रहने वाला था. उसे शुक्रवार को गंभीर हालत में एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने उसके लक्षण देखते ही एइएस मान कर इलाज करना शुरू कर दिया था. हालत गंभीर देखकर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था.
शनिवार सुबह करीब 11 बजे उसने दम तोड़ दिया. वहीं एक और बच्चे में एइएस की पुष्टि भी हुई है. वह मधुबन का रहने वाला है. उसका इलाज पीकू वार्ड में चल रहा है. बता दें कि इस साल मौत का आंकड़ा बढ़कर 13 हो गया है. वहीं 57 मरीजों में अबतक एइएस की पुष्टि हुई है. एक संदिग्ध मरीज भी भर्ती हुआ है. शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल शंकर साहनी की माने तो मौसम में हो रहा अचानक बदलाव से बच्चों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. इस कारण बच्चे बीमारी की चपेट में आ रहे हैं.
बताते चलें कि चमकी बुखार से साल 2019 में सैकड़ों बच्चों की जान जा चुकी है. हालांकि इस साल अब तक चमकी बुखार सा मरने वालों की संख्या पर ज़रूर रोक लगी है, लेकिन मौसम के बदलने संबंधी चमकी का कहर स्वास्थ्य विभाग की टेंशन बढ़ा दी है.
– चमकी बुखार का सबसे पहला लक्षण है कि इस बीमारी में बच्चों में तेज बुखार आती है.
– बुखार के साथ-साथ बच्चों के शरीर में ऐंठन शुरू हो जाती है.
– ऐंठन के साथ ही बच्चों में तंत्रिका तंत्रिका तंत्र काम करना बंद कर देता है.
– इस बीमारी में ब्लड शुगर लो हो जाता है.
Posted By : Avinish kumar mishra
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