Bihar News: मुजफ्फरपुर के बंगरा में गोल्डेन जैकल का आतंक, नौ लोगों को काट कर किया घायल, पूरे गांव का खिड़की दरवाजा बंद

गोल्डेन जैकल
गोल्डेन जैकल के आतंक के कारण गांव के बच्चे स्कूल भी नहीं जा रहे है. अब तो हर को अपने आप को घरों में कैद करके रह रहे है. ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची और खेत में पिंजड़ा लगा कर पकड़े की प्रयास कर रही है.
Bihar News: मुजफ्फरपुर शहर से सटे हसन चक बंगरा में गोल्डेन जैकल का आतंक इतना बढ़ गया है कि गांव के लोग घर से बाहर निकलना ही बंद कर दिए है. बच्चे स्कूल जाना छोड़ चुके है. बच्चे से लेकर जवान और बुजुर्ग सभी घर में अपने अपने को कैद कर चुके है. जानकारी के अनुसार मुजफ्फरपुर शहर से सटे हसन चक बंगरा में एक सियार ने आतंक मचा रखा है. पिछले तीन दिनों में नौ लोगों को काट कर घायल कर दिया है. मंगलवार को एक बच्चे को सियार ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया. इसके बाद बुधवार को सात लोगों को काट कर घायल कर दिया.
गोल्डेन जैकल किसे कहते है?
गुरुवार को जब गांव की बिंदु देवी घर से फूल तोड़ने निकली थीं तो उन्हें भी घुटने के पास काट कर घायल कर दिया. इससे लोग काफी डरे-सहमे थे. सियार के आतंक के कारण गांव के बच्चे स्कूल भी नहीं जा रहे है. ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची और खेत में पिंजड़ा लगा दिया. गांव के रीतेश कुमार ने बताया कि हमलोग पहले गीदड़ समझे थे, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सियार प्रजाति का जानवर गोल्डेन जैकल है. इसे अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है. वन विभाग की टीम ने बताया था कि यह जानवर दिन में कम निकलता है. रात भर में इसे पकड़ा जाना चाहिए.
किस तरह के दिखते है गोल्डेन जैकल
गोल्डन जैकल को आम जैकल भी कहा जाता है, यह एक भेड़िया जैसा कैनिड है जो यूरेशिया का मूल निवासी है. गोल्डन जैकल का कोट गर्मियों में हल्के क्रीमी पीले रंग से लेकर सर्दियों में गहरे भूरे रंग के बेज रंग में भिन्न होता है. यह छोटा होता है और इसके पैर छोटे होते हैं, छोटी पूंछ, अधिक लम्बा धड़, कम उभरा हुआ माथा और अरब भेड़िये की तुलना में अधिक पतला और नुकीला थूथन होता है. गोल्डन जैकल गांवों और कस्बों के आसपास रहते है, जो कचरा और सड़ा हुआ मांस खाते हैं. गोल्डन जैकल सर्वाहारी होते हैं और अवसरवादी शिकारी होते हैं . वे कई तरह की जानवरों की प्रजातियों जैसे कि युवा गज़ेल, खरगोश, सरीसृप, ज़मीनी पक्षी और उनके अंडे, मछली मेंढक और साथ ही कीड़े खाते हैं.
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लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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