मुजफ्फरपुर से 13 करोड़ की 29 योजनाएं हो गयी 'गायब', नगर विधायक ने खोला मोर्चा, पार्षदों में बढ़ा आक्रोश

Updated at : 20 May 2025 8:41 PM (IST)
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muzaffarpur news

muzaffarpur news (सांकेतिक तस्वीर)

Bihar News: मुजफ्फरपुर से 13 करोड़ की 29 योजनाएं गायब हो गयी है. योजनाओं के अटकने की खबर मिलते ही पार्षदों में आक्रोश बढ़ गया है. इसके साथ ही नगर विधायक ने मोर्चा खोल रखा है.

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देवेश कुमार/ Bihar News: मुजफ्फरपुर शहर में गहराते पेयजल संकट के बीच जलापूर्ति से जुड़ी 29 महत्वपूर्ण योजनाएं अधर में लटक गयी है, जिससे पार्षदों में भारी आक्रोश है. 13 करोड़ रुपये से अधिक की इन योजनाओं का उद्देश्य शहर के 29 वार्डों के उन घरों तक पाइप लाइन का विस्तार करना है, जहां अभी भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है. इन योजनाओं में मिनी पंप (सबमर्सिबल) लगाने का भी प्रावधान है. लगभग ढाई से तीन महीने की कड़ी मेहनत के बाद नगर निगम ने इन योजनाओं का एस्टीमेट तैयार किया है. सोमवार को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में इन योजनाओं को मंजूरी के लिए पेश किया जाना था, लेकिन हंगामे के बीच ये योजनाएं चर्चा के बिना ही खत्म हो गयी. उप मेयर डॉ मोनालिसा ने बताया कि उन्हें योजनाओं की पूरी जानकारी दी गयी थी, लेकिन चर्चा से पहले ही बैठक समाप्त हो गयी. उन्होंने शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति की गंभीर समस्या को देखते हुए इन योजनाओं में ढिलाई न बरतने की बात कही है.

टेंडर प्रक्रिया में देरी, इस साल राहत की उम्मीद कम

नगर निगम बोर्ड से स्वीकृति न मिलने तक इन योजनाओं के लिए टेंडर आमंत्रित नहीं किये जा सकते. यदि अगले महीने बोर्ड की बैठक होती भी है और तब जाकर इन योजनाओं को मंजूरी मिलती है, तो भी इस साल पानी के संकट से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद कम है. नगर निगम के गलियारों में जिस तरह की चर्चाएं हो रही है. इससे ऐसा लगता है कि फिलहाल ये योजनाएं अटक जायेगी.

पार्षदों और विधायक ने जताई चिंता

योजनाओं के अटकने की खबर मिलते ही पार्षदों में आक्रोश बढ़ गया है. मंगलवार को विधायक विजेंद्र चौधरी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और जलापूर्ति शाखा से योजनाओं की पूरी जानकारी ली. विधायक ने इन योजनाओं का पास न होना एक गंभीर मुद्दा बताया और महापौर व नगर आयुक्त को पत्र लिखकर निगम बोर्ड की विशेष बैठक बुलाने का आग्रह करने की बात कही. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी योजनाओं को स्वीकृति नहीं मिलती है, तो नगर निगम को पार्षदों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ेगा.

शहर के 29 वार्डों में ये योजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनकी अनुमानित लागत इस प्रकार है:-

  • वार्ड 07: 28.70
  • वार्ड 08: 42.50
  • वार्ड 09: 30.33
  • वार्ड 10: 15.33
  • वार्ड 16: 38.70
  • वार्ड 17: 39.58
  • वार्ड 18: 35.15
  • वार्ड 19: 35.39
  • वार्ड 21: 42.00
  • वार्ड 25: 31.97
  • वार्ड 26: 32.13
  • वार्ड 28: 88.24
  • वार्ड 29: 85.02
  • वार्ड 32: 57.03
  • वार्ड 33: 43.72
  • वार्ड 34: 35.45
  • वार्ड 35: 58.79
  • वार्ड 36: 39.62
  • वार्ड 37: 44.07
  • वार्ड 38: 40.29
  • वार्ड 39: 49.56
  • वार्ड 40: 22.93
  • वार्ड 41: 20.13
  • वार्ड 42: 14.17
  • वार्ड 43: 35.19
  • वार्ड 44: 38.47
  • वार्ड 45: 34.80
  • वार्ड 47: 99.81
  • वार्ड 48: 54.41

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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