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Muzaffarpur : तन की शुद्धि के लिए गंगा स्नान व धन के लिए दान जरूरी

Updated at : 30 Apr 2025 10:19 PM (IST)
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Muzaffarpur : तन की शुद्धि के लिए गंगा स्नान व धन के लिए दान जरूरी

Muzaffarpur : तन की शुद्धि के लिए गंगा स्नान व धन के लिए दान जरूरी

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कटरा़ प्रखंड की यजुआर मध्य पंचायत के गोविन्द चौक परिसर में आयोजित राम कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन बुधवार को कथा वाचन करते हुए राघवाचार्य जी महाराज ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है, जिसका कोई मूल्य नहीं है. हमलोगों को उत्तम काम कर जीवन को सफल बनाने की जरूरत है. तन की शुद्धि के लिए गंगा स्नान है, धन की शुद्धि के लिए दान है़ पूजा करने से घर सहित परिवेश शुद्ध हो जाता है, लेकिन मन को शुद्ध करना है, तो भगवान की कथा व सत्संग में बार-बार डुबकी लगाने की जरूरत है. महाराजा दशरथ को 60 वर्ष की अवस्था में पुत्र प्राप्त हुए. जो उन्हें धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष प्रदान कराने में सहायक थे. जीवन में संस्कार का विशेष महत्व है. संस्कार नहीं रहने से मानव पशुवत धरती पर विचरण करते हैं. भगवान राम सहित सभी भाइयों को 16 संस्कार से संस्कारित ऋषियों द्वारा किया गया. आज हमारे जीवन में संस्कारों का अत्यंत अभाव हो गया है, जिससे जीव संस्कार हीन होते जा रहे है. इस कारण लोग दुःख भोग रहे हैं. हमें दुःख से बाहर निकलना है, तो प्रेम, दया, करुणा, सहानुभति और परोपकार रूपी संस्कार अपनाना होगा. मौके पर मुख्य यजमान प्रभास ठाकुर, दिलीप ठाकुर, अमोल ठाकुर, गायघाट भाजपा अध्यक्ष जयप्रकाश गामी, सर्वेश ठाकुर, देवचंन्द्र ठाकुर सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ABHAY KUMAR

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