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सनकी पिता ने अपने दो पुत्रों को हंसुआ से काट डाला, एक की मौत, दूसरा गंभीर

Updated at : 12 Jun 2025 9:52 PM (IST)
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सनकी पिता ने अपने दो पुत्रों को हंसुआ से काट डाला, एक की मौत, दूसरा गंभीर

सनकी पिता ने अपने दो पुत्रों को हंसुआ से काट डाला, एक की मौत, दूसरा गंभीर

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: माधोपुर चिकनी में मानवता शर्मशार

:: आरोपित पिता फरार, पुलिस कर रही छानबीन

:: पहले दादा-दादी से बहू का हुआ था विवाद, रात में पिता ने दिया घटना काे अंजाम

प्रतिनिधि,मनियारी/कुढ़नी

कुढ़नी थाना क्षेत्र के माधोपुर चिकनी गांव में गुरुवार को एक ह्रदयविदारक घटना सामने आयी. एक सनकी पिता ने नींद में सो रहे अपने ही दो संतानों पर हंसुआ से हमला कर दिया. भीषण और दर्दनाक वारदात में तीन माह के दिव्यांशु की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि तीन वर्षीय कार्तिक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार देर रात पिता दिलीप पंडित ने अपने घर के पलंग पर सो रहे अपने बेटे दिव्यांशु (तीन माह) पर अचानक हंसुआ से कई वार कर दिया. अपने भाई पर हो रहे इस जानलेवा हमले को देख साथ में सो रहा तीन वर्षीय कार्तिक कुमार बिस्तर से उठकर भागने लगा, लेकिन सनकी पिता को दया नहीं आयी. उसने भाग रहे कार्तिक को भी पकड़ लिया और उसके गर्दन पर प्रहार कर दिया. हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब पत्नी काजल देवी के सामने हो रहा था, लेकिन वह स्तब्ध खड़ी रही.

बेटों की चीख-पुकार सुनकर दादा-दादी मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों की मदद से उन्होंने किसी तरह अपने बेटे दिलीप को वहां से पकड़ कर बाहर निकाला. खून से लथपथ दोनों पोतों को देख दादा-दादी जमीन पर गिर पड़े. आनन-फानन में ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल कार्तिक को शहर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया. चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.

घटना की सूचना मिलते ही थाना की डायल 112 की पुलिस माधोपुर चिकनी गांव पहुंची. पुलिस ने हत्यारे पिता दिलीप पंडित की काफी तलाश की, लेकिन वह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. वहीं, मृतक तीन माह के मासूम दिव्यांशु के परिजनों ने गुरुवार सुबह स्थानीय श्मशान घाट पर गड्ढा खोदकर उसे दफना दिया. सूचना मिलने पर पहुंचे स्थानीय जन प्रतिनिधियों में शामिल मुखिया प्रतिनिधि संतोष कुमार सहनी, पंसस प्रतिनिधि गौरीशंकर शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि गौरव सिंह, पैक्स ओम प्रकाश शर्मा

ने घटना पर गहरा दुख जताया. वहीं मृत मासूम दिव्यांश को देख सभी की आंखें नम हो गयी.

जानकारी के अनुसार हत्यारा दिलीप पंडित पेशे से मूर्तिकार है. वह वसंत पंचमी के मौके पर परिवार के साथ मिलकर देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाकर बेचता है. खाली समय में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है. घटना वाले दिन वह शहर के आमगोला स्थित किसी मकान में राजमिस्त्री का काम कर रहा था.

बताया जाता है कि दिलीप की पत्नी काजल देवी ने उसे फोन कर बताया कि घर में बच्चों को लेकर काफी झगड़ा हो रहा है. इसके बाद दिलीप घर आया और बिना सोचे-समझे अपने घर के कोने में रखी बांस काटने वाली पघरिया (हंसुआ) उठाया. अपने दोनों बच्चों पर टूट पड़ा. उसने तीन माह के दिव्यांशु के गर्दन, कंधा समेत कई जगहों पर वार किये. मौके पर ही उसकी मौत हो गयी. बिस्तर से भाग रहे कार्तिक को पकड़कर उसके गर्दन पर प्रहार किया.

ग्रामीण महिलाओं में इस सनकी पिता की करतूत चर्चा का विषय बनी हुई है. कुछ महिलाओं का कहना है कि मृतक दिव्यांशु की मां काजल देवी अपने दोनों पुत्रों के साथ मारपीट कर रही थी. दिन में पोतों को क्रूरता से पीटते देख दादी की कलेजा पसीज गया. वह दोनों बच्चों को अपने पास ले आयी. इसी बीच सास-बहू में भी बहस हो गयी. बहू ने अपने पति को फोन कर सारी बात बतायी. उसके बाद रात में उसने घटना को अंजाम दिया. अब पुलिस फरार पिता की तलाश में जुटी है, ताकि इस दर्दनाक घटना के पीछे के कारणों का पता चल सके.

देवी-देवता की मूर्ति बनाने वाले पिता ने अपने ही संतान को काट डाला

अजय कुमार/श्याम कुमार, कुढ़नी

माधोपुर चिकनी गांव के जिस आंगन में कभी मासूम बच्चों की किलकारी गूंजती थी, आज वहां सन्नाटा पसरा है. तीन माह का दिव्यांशु अब दुनिया में नहीं रहा. वहीं उसका तीन वर्षीय भाई कार्तिक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है. दिव्यांशु की मां काजल देवी की ममतामयी आंचल अब सूना पड़ गया है. वहीं, दादा-दादी भी सदमे में हैं. जिस पोते कार्तिक को वे घर के आंगन में खेलते-कूदते देखते थे, आज वह अस्पताल में है. चिकित्सकों के मुताबिक, उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है. यह घटना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए एक दर्दनाक सबक है. बताया जाता है कि इस हमले में नींद में सो रहे तीन माह के दुधमुंहे दिव्यांशु की मौके पर मौत हो गई. जबकि अपने छोटे भाई पर पिता के हमले को देख अपनी जान बचाने के लिए तीन वर्ष का पुत्र कार्तिक भी भागने लगा. लेकिन निर्दयी पिता ने कार्तिक को खदेड़ कर पकड़ लिया. कार्तिक बोलता रहा- पापा मुझे नहीं मारिये, नहीं मारिये, बावजूद उसके पिता को दया नहीं आयी. उसने उस पर भी हमला कर दिया.

सुबह में दरवाजे पर जुटे लोगों ने बताया कि आरोपी पिता तो मिट्टी से देवी देवता की मूर्ति बनाता है. लेकिन इसने तो आज ईश्वर के दिए इंसान रूपी मूर्ति को ही काट डाला. ये बातें बोलकर कई महिला फफक – फफक कर रोने लगी. भगवान हो भगवान ई कईसन दुनिया आ गेलई हो भगवान. जब बाप मासूम बेटा के मार दे लई हो भगवान. सभी दिलीप पंडित के करतूत को कोसती रही.

कुढ़नी में तेरह दिनों के भीतर हुई दूसरी घटना

हाल के दिनों में अमानवीय घटना को लेकर कुढ़नी सुर्खियों में रहा. जब तुर्की थाना के गोरीहारी गांव में सेना से रिटायर्ड एक पिता ने शर्ट का कॉलर पकड़े जाने पर 30 वर्षीय शादीशुदा पुत्र शशि रंजन को गोली मार मौत का घाट उतार दिया था. यह घटना भी पारिवारिक विवाद में हुआ था. इस घटना के ठीक 13 दिन बाद दूसरी घटना माधोपुर चिकनी गांव में हुई. जब पारिवारिक विवाद में पिता ने दो मासूम पर धारदार हथियार से हमला कर एक को मौत की नींद सुला दिया, जबकि कुढ़नी थाना के एक गांव में दुष्कर्म के साथ एक किशोरी की हत्या कर दी गयी. वहीं चौथी घटना में कुढ़नी थाना के एक गांव स्थित पुल के नीचे दुष्कर्म के साथ हत्या कर फेंका गयी लड़की का शव मिला था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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