61 स्कूलों ने एक भी बच्चे की पोर्टल पर नहीं की इंट्री, लाभ से वंचित होंगे बच्चे
Updated at : 09 Nov 2024 8:19 PM (IST)
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61 स्कूलों ने एक भी बच्चे की पोर्टल पर नहीं की इंट्री, लाभ से वंचित होंगे बच्चे
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-11 नवंबर को शिक्षा विभाग में होगी कार्यशाला-प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आने के निर्देश
मुजफ्फरपुर.
सरकारी व निजी विद्यालयों में नामांकित शत-प्रतिशत बच्चों का डाटा इ-शिक्षा कोष पोर्टल पोर्टल पर अपडेट करना है. शिक्षा विभाग के बार-बार निर्देश दिये जाने के बाद भी जिले के 61 ऐसे स्कूल हैं. जिन्हाेंने अबतक एक भी बच्चे की इंट्री नहीं की है.ऐसे विभाग ने अंतिम चेतावनी देते हुए 11 नवंबर को संबंधित सभी स्कूलों के प्रतिनिधियों को इसमें शामिल होने को कहा है. इसमें शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में संचालित कई प्रमुख निजी स्कूल और सरकारी विद्यालय भी शामिल हैं. डीपीओ प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान सुजीत कुमार दास के पत्र में कहा गया है कि इस बैठक में शामिल नहीं होने की स्थिति में यह समझा जाएगा कि विद्यालय बंद हो चुका है या बच्चों की इंट्री में विद्यालय की रूचि नहीं है. इसके बाद विद्यालय का यू-डायस कोड व मान्यता रद्द करने की दिशा में विभागीय कार्रवाई शुरू होगी.दोहरे नामांकन को रोकने की पहल
बता दें कि बच्चों का डाटा इंट्री नहीं करने वाले स्कूलों की सूची में केंद्रीय विद्यालय सीआरपीएफ कैंप झपहां, केंद्रीय विद्यालय गन्नीपुर, आरएलएसवाइ कॉलेज, एलपी शाही इंटर कॉलेज, राज नारायण सिंह इंटर कॉलेज, वाणिज्य इंटर कॉलेज समेत कई सरकारी स्कूलों और निजी विद्यालयों का भी नाम शामिल है. बता दें कि विभाग ने दोहरे नामांकन को रोकने और बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए इ-शिक्षा कोष पोर्टल पोर्टल पर इंट्री कराने को कहा है. कई ऐसे बच्चे हैं जिन्होंने सरकारी और निजी दोनों विद्यालयों में नामांकन ले रखा है. इ-शिक्षा कोष पोर्टल पोर्टल पर इंट्री होने से दोहरे नामांकन का मामला सामने आयेगा. ऐसे में विभाग की ओर से स्कूलों को बार-बार रिमाइंडर भी दिया जा चुका है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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